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Kaithal News: बजट न होने से अधर में लटका निर्माण
Mon, 14 Oct 2024 05:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 14 Oct 2024 05:14 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। नगर के वार्ड नंबर 11 में 6 वर्षों से अधूरे पड़े भगवान परशुराम सामुदायिक केंद्र को पूरा करवाने की मांग जोर पकड़ गई है। उचित संभाल न होने के कारण जर्जर हालत में पहुंचा यह सामुदायिक केंद्र नशेडिय़ों का स्वर्ग बन कर रह गया है। नगर की समाज सेवी संस्थाओं के साथ अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा ने इस मामले को सीधे तौर पर मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाने की कमान संभाल ली है।
बता दें कि 13 अगस्त 2016 को उस समय के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कलायत में 1.80 करोड़ रुपये के बजट से बनने वाले समुदाय केंद्र की घोषणा की थी। 2018 में निर्माण कार्य शुरू हुआ।
नगर पालिका कार्यकारिणी ने सामुदायिक केंद्र का नामकरण भगवान परशुराम के नाम पर किया। तब से लेकर आज तक छह वर्ष से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद सामुदायिक केंद्र का निर्माण कार्य अधूरा ही है। स्थिति इस कदर खराब हो गई है कि अब तक बन चुका भवन खंडहर हो चुका है। निर्माण कार्य पूरा नहीं होने की वजह से सामुदायिक केंद्र लोगों के लिए उपयोगी साबित नहीं हो पा रहा है। हालात ये हो गए हैं कि यह भवन शराबियों और नशेडिय़ों की शरणस्थली बन गया है।
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क्योंकि यहां पर न कोई चौकीदार है और न कोई देखरेख करने वाला। नगर पालिका के पूर्व पार्षद रणबीर धनिया ने बताया कि ठेकेदार घाटे में बोली देकर ठेका ले लेते थे और बाद में रिवाइज बजट के नाम पर भ्रष्टाचार होता था। पर अब सरकार द्वारा बनाए गए नियम के आधार पर अधूरे पड़े निर्माण कार्य में रिवाइज बजट के नाम पर 10 प्रतिशत से अधिक नहीं बढ़ाया जाऐगा।
इस सामुदायिक केंद्र के लिए अब नए सिरे से टेंडर लगाने की जरूरत है ताकि सामुदायिक केंद्र का अधूरा काम पूरा हो सके। इस सामुदायिक केंद्र को लेकर पहले भी समाजसेवी संस्थाएं शासन प्रशासन से सवाल कर चुकी हैं। उनकी शिकायत पर संज्ञान भी लिया गया और मार्च मास में इसका दो करोड़ रुपये का थ्री डी प्रारूप तैयार कर शहरी स्थानीय निकाय विभाग को प्रेषित किया था। नगर पालिका में तैनात कनिष्ठ अभियंता संजीव धीमान ने कहा कि तकनीकी टीम के साथ सामुदायिक केंद्र के अधूरे निर्माण की समीक्षा में सामने आया कि पूर्व में प्राथमिक चरण मेंं योजना के लिए जो प्रारूप तैयार किया गया था वह प्रोजेक्ट के अनुसार नाकाफी था।
इसके चलते ही न तो समय पर योजना सिरे चढ़ पाई और न ही आम जन को इसका लाभ अभी तक मिल पा रहा है। इससे करोड़ों रुपये से तैयार भवन खंडहर में तबदील हो गया। नगर पालिका सचिव पवन कौशिक ने बताया कि तकनीकी विंग भगवान परशु राम सामुदायिक भवन के निर्माण कार्य को सिरे चढ़ाने के लिए प्रयासरत है।
इसका थ्री डी प्रारूप तैयार कर शहरी स्थानीय निकाय विभाग को भेजा जा चुका है। राशि जारी होने के बाद दो करोड़ के बजट से यह योजना सिरे चढ़ेगी। उपरांत भवन को उपयोगी बनाते हुए जन सुविधा का लाभ आम जन को मिलेगा।
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कलायत। नगर के वार्ड नंबर 11 में 6 वर्षों से अधूरे पड़े भगवान परशुराम सामुदायिक केंद्र को पूरा करवाने की मांग जोर पकड़ गई है। उचित संभाल न होने के कारण जर्जर हालत में पहुंचा यह सामुदायिक केंद्र नशेडिय़ों का स्वर्ग बन कर रह गया है। नगर की समाज सेवी संस्थाओं के साथ अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा ने इस मामले को सीधे तौर पर मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाने की कमान संभाल ली है।
बता दें कि 13 अगस्त 2016 को उस समय के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कलायत में 1.80 करोड़ रुपये के बजट से बनने वाले समुदाय केंद्र की घोषणा की थी। 2018 में निर्माण कार्य शुरू हुआ।
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नगर पालिका कार्यकारिणी ने सामुदायिक केंद्र का नामकरण भगवान परशुराम के नाम पर किया। तब से लेकर आज तक छह वर्ष से ज्यादा समय बीत जाने के बावजूद सामुदायिक केंद्र का निर्माण कार्य अधूरा ही है। स्थिति इस कदर खराब हो गई है कि अब तक बन चुका भवन खंडहर हो चुका है। निर्माण कार्य पूरा नहीं होने की वजह से सामुदायिक केंद्र लोगों के लिए उपयोगी साबित नहीं हो पा रहा है। हालात ये हो गए हैं कि यह भवन शराबियों और नशेडिय़ों की शरणस्थली बन गया है।
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क्योंकि यहां पर न कोई चौकीदार है और न कोई देखरेख करने वाला। नगर पालिका के पूर्व पार्षद रणबीर धनिया ने बताया कि ठेकेदार घाटे में बोली देकर ठेका ले लेते थे और बाद में रिवाइज बजट के नाम पर भ्रष्टाचार होता था। पर अब सरकार द्वारा बनाए गए नियम के आधार पर अधूरे पड़े निर्माण कार्य में रिवाइज बजट के नाम पर 10 प्रतिशत से अधिक नहीं बढ़ाया जाऐगा।
इस सामुदायिक केंद्र के लिए अब नए सिरे से टेंडर लगाने की जरूरत है ताकि सामुदायिक केंद्र का अधूरा काम पूरा हो सके। इस सामुदायिक केंद्र को लेकर पहले भी समाजसेवी संस्थाएं शासन प्रशासन से सवाल कर चुकी हैं। उनकी शिकायत पर संज्ञान भी लिया गया और मार्च मास में इसका दो करोड़ रुपये का थ्री डी प्रारूप तैयार कर शहरी स्थानीय निकाय विभाग को प्रेषित किया था। नगर पालिका में तैनात कनिष्ठ अभियंता संजीव धीमान ने कहा कि तकनीकी टीम के साथ सामुदायिक केंद्र के अधूरे निर्माण की समीक्षा में सामने आया कि पूर्व में प्राथमिक चरण मेंं योजना के लिए जो प्रारूप तैयार किया गया था वह प्रोजेक्ट के अनुसार नाकाफी था।
इसके चलते ही न तो समय पर योजना सिरे चढ़ पाई और न ही आम जन को इसका लाभ अभी तक मिल पा रहा है। इससे करोड़ों रुपये से तैयार भवन खंडहर में तबदील हो गया। नगर पालिका सचिव पवन कौशिक ने बताया कि तकनीकी विंग भगवान परशु राम सामुदायिक भवन के निर्माण कार्य को सिरे चढ़ाने के लिए प्रयासरत है।
इसका थ्री डी प्रारूप तैयार कर शहरी स्थानीय निकाय विभाग को भेजा जा चुका है। राशि जारी होने के बाद दो करोड़ के बजट से यह योजना सिरे चढ़ेगी। उपरांत भवन को उपयोगी बनाते हुए जन सुविधा का लाभ आम जन को मिलेगा।