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Kaithal News: सड़कोंं का हाल ः बड़ी कठिन है डगर, कदम दर कदम हादसों का डर

Tue, 19 Mar 2024 01:04 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Tue, 19 Mar 2024 01:04 AM IST
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Condition of roads: Road is very difficult, fear of accidents at every step
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल/गुहला-चीका। जिले में अधिकतर सड़कों की हाल बेहद खराब है। इस कारण वाहन चालकों की डगर बड़ी कठिन है। ऐसे इन वाहन चालकों को कदम दर कदम हादसों का डर है।

वैसे तो पूरे जिले में गांवों के रास्तों की सड़कों की हालत बेहद खराब है, लेकिन गुहला-चीका क्षेत्र के गांवों में स्थिति सबसे अधिक दयनीय है। इस इस क्षेत्र सड़कों की मांग को लेकर सड़क सुरक्षा संगठन का गठन भी हो चुका है, लेकिन इस संगठन के संघर्ष के बावजूद सड़कों के निर्माण को लेकर कार्य नहीं हो पाया है।
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हालांकि इस संगठन की ओर से शुरू किए गए संघर्ष के बाद कैथल पटियाला स्टेट हाईवे और चीका से पिहोवा तक सड़क का निर्माण किया गया था, लेकिन गांवों की सड़कों की हालत अभी भी ज्यों की त्यों है। वहीं, इन दोनों रास्तों पर भी करीब 10 महीने बाद सड़क फिर से टूटने लगी है। इस क्षेत्र में करीब डेढ़ दर्जन सड़कों की हालत खस्ता हो चुकी है। जिस कारण यह संहिता भी लग चुकी है तो नया निर्माण कार्य शुरू भी नहीं हो सकता है। इन सडक़ों की हालत इतनी खस्ताहाल है कि यहां से गुजरना खतरे से खाली नहीं है। हालात यह है कि कई सडक़ें पैदल चलने लायक भी नहीं है।
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चीका के इन गांवों

में खराब हैं सड़कें

< चीका शहर से खुशहाल माजरा।

< सरौला से दाबा।

< महमूदपुर से मलिकपुर समाना।

< सरौला से दाबा-चाबा।

< गुहला से भाटियां।

< बोपुर से कक्योर माजरा।

< भागल से भूंसला।

< इसके अलावा अन्य कई गांवों में सड़कें खस्ताहाल हो चुकी हैं।

हर समय रहता है हादसों का भय

गुहला क्षेत्र पूरे जिले में सबसे अधिक गांवों वाला क्षेत्र है। दूसरा यह क्षेत्र पंजाब से सटा हुआ है। परंतु अधिकतर गांवों में एक गांव से दूसरे गांव को जोड़ने वाले बहुत छोटे मार्ग है। यह मार्ग काफी खस्ता भी हो चुके हैं। इस कारण वाहन चालकों के साथ इन मार्गाें पर हादसे होने का भय बना रहता है। इस समय आचार संहिता लगी है। ऐसे में नई सड़क का निर्माण नहीं हो सकता तो कम से कम पैच वर्क तो करवा दिया जाए। - हंसा सिंह, गांव वासी।



रात के समय नहीं दिखते हैं गड्ढे

गांवों में सड़कों के काफी छोटा होने के चलते ज्यादा परेशानी रात में होती है। गड्डे दिख नहीं पाते है। ऐसे में हादसों का अधिक खतरा बनता है। इसलिए संबंधित विभाग और प्रशासन से अपील है कि लोगों की परेशानी को देखते हुए समाधान किया जाए। - कुलदीप सिंह, ग्रामीण।



संघर्ष के बावजूद स्थिति ज्यों की त्यों

सबसे अधिक खराब सड़कों की समस्या गुहला-चीका क्षेत्र में है। इस क्षेत्र के पंजाब से सटा होने के चलते भी कई सड़कों का निर्माण नहीं हो पाता है। ऐसा केवल एक सरकार में नहीं, बल्कि कई सरकारों से होता आया है। इसलिए विभाग से अपील है कि जहां सड़कें टूट चुकी हैं, वहां उसे ठीक करवाया जाए। - सुखबीर सिंह, ग्रामीण।




आचार संहिता लगने के कारण अभी सड़कों का नए सिरे से तो निर्माण नहीं हो सकता है, लेकिन जिन सड़कों के निर्माण के लिए वर्क ऑर्डर जारी हो चुके हैं। उन सड़कों का निर्माण जल्द शुरू करवाया जाएगा। जबकि अन्य सड़कों पर पैच वर्क जल्द ही करवा दिया जाएगा। ताकि वाहन चालकों को किसी प्रकार की कोई सामना न करना पड़े।

- वरुण कंसल, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग, गुहला।
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