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Kaithal News: अंग्रेजों के जमाने का चर्च, बच्चे ले रहे बाइबिल का ज्ञान

Thu, 26 Dec 2024 12:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Thu, 26 Dec 2024 12:51 AM IST
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Church of British era, children are taking knowledge of Bible
कमल बहल
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कैथल। क्रिसमस का पर्व बुधवार को धूमधाम से मनाया जाएगा। कैथल जिले का भी एक ऐसा गांव हैं, जहां पर ब्रिटिश काल से ही चर्च स्थापित है। यह गांव है संतोखमाजरा, यहां पर करीब 200 साल पहले ब्रिटिश शासकों ने अपने ठहरने के लिए विश्राम गृह बनाया था। यह चर्च उसी समय ही प्रार्थना के लिए अंग्रेजों की ओर से बनाया गया था। तब एक छोटा चर्च था, जो वर्तमान में कैथल जिले और क्षेत्र का सबसे बड़ा चर्च बन गया है।

विश्राम गृह वाली जगह पर अब 2500 की आबादी का गांव है। हर रविवार को यहां विशेष पाठशाला लगती है, जिसमें पांच से 14 साल तक के बच्चों को बाइबिल की पढ़ाई करवाई जाती है। इसमें तीन घंटे तक कक्षाएं लगती हैं और सिर्फ महिला शिक्षक ही बच्चों को पढ़ाती हैं। गांव में बने चर्च के नाम 25 एकड़ जमीन है, जबकि पंचायत के पास 28 एकड़ कृषि भूमि है। दस साल तक गांव के सरपंच रहे सेवानिवृत शिक्षक जोसेफ दास बताते हैं, यहां हर परिवार अपने बच्चों की शिक्षा पर बल देता है।
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यह गांव दो बस्तियों में बसा है, जिनमें एक किलोमीटर की दूरी है। एक ही पंचायत है। गांव में आठवीं तक का स्कूल है। यहां 1050 मतदाता हैं। गांव को तत्कालीन राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से निर्मल पुरस्कार हासिल है और जल बचाव के लिए जिले में इसे प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है।
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दिल्ली से होता है संचालन ः गांव के चर्च ऑफ नार्दर्न इंडिया (सीएनआई) के सचिव जोसेफ दास ने बताया कि चर्च का पूरा संचालन डायसेस ऑफ दिल्ली से होता है। वहीं से पादरी की नियुक्ति की जाती है, जो कि वैतनिक होते हैं। एक चर्च में तीन साल तक उनका कार्यकाल रहता है और उसके बाद तबादला कर दिया जाता है। पादरी के लिए गांव में एक कोठी बनाई गई है। साल में दो बार दिल्ली से प्रतिनिधिमंडल आकर यहां दौरा करता है और मुंबई स्थित सीनेट से भी समय-समय पर व्यवस्था की देखभाल के लिए टीम आती है। संवाद

शादी से पहले होती है शिक्षा-दीक्षा

जोसेफ दास ने बताया कि गांव में जब युवक 18 साल का हो जाता है तो बाइबिल के अनुसार उसकी शिक्षा-दीक्षा की जाती है। शादी से पहले यह करना अनिवार्य है। इस मौके पर पूरे गांव का प्रीतिभोज रखा जाता है और चर्च में कार्यक्रम होता है।


उन्होंने बताया कि गांव से पांच युवक डाक्टर, 50 स्टाफ नर्स, सात इंजीनियर हैं। एयर फोर्स में यहां के सीएम मार्टिन चौहान स्कवाडर्न लीडर रहे हैं तो सेना में भी कैप्टन के पद पर रहे मिल्खी राम ने देश की सेवा की। कई परिवारों के युवा विदेश में भी कार्यरत हैं। खुद जोसेफ का पूरा परिवार अमेरिका में रहता है।

मेरठ--------सेंट जॉन्स स्कूल में हुआ क्रिसमस कार्यक्रम

मेरठ--------सेंट जॉन्स स्कूल में हुआ क्रिसमस कार्यक्रम- फोटो : संवाद

मेरठ--------सेंट जॉन्स स्कूल में हुआ क्रिसमस कार्यक्रम

मेरठ--------सेंट जॉन्स स्कूल में हुआ क्रिसमस कार्यक्रम- फोटो : संवाद

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