{"_id":"675b3d94876a3a16d90ef474","slug":"children-of-identified-10-malnourished-villages-now-become-normal-kaithal-news-c-18-1-knl1004-538643-2024-12-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: चिह्नित 10 कुपोषित गांवों के बच्चे अब हुए सामान्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: चिह्नित 10 कुपोषित गांवों के बच्चे अब हुए सामान्य
Fri, 13 Dec 2024 01:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 13 Dec 2024 01:16 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। कुपोषण मुक्त गांव अभियान योजना पोषण 2.0 के तहत गांवों चल रहे में म्हारा पोषण-म्हारी पंचायत कार्यक्रम के तहत जिले में चिह्नित किए गए 10 गांवों में पाए गए अति कुपोषित बच्चे अब सामान्य श्रेणी में पहुंच गए हैं।
यह जानकारी एडीसी दीपक बाबू लाल करवा ने दी। वह वीरवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में कुपोषण मुक्त गांव अभियान के तहत संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों की बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से कुपोषण मुक्त गांव अभियान योजना पोषण 2.0 के तहत गांवों में म्हारा पोषण-म्हारी पंचायत कार्यक्रम आयोजित किया जाए।
इसमें महिलाओं की ज्यादा भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जिले में 10 गांवों को विभाग ने चिन्हित किया था। इनमें पबनावा, फरल, हेमूमाजरा, पूंडरी, ग्योंग, गुहणा, जखोली, बरटा, डुलियानी आदि गांव शामिल हैं।
विज्ञापन
चिह्नित गांवों में पहले अति कुपोषित बच्चे पाए गए थे। अब इन बच्चों का प्रति सप्ताह वजन, लंबाई मापी जा रही है । अब ये बच्चे अति कुपोषित से सामान्य श्रेणी में आ गए हैं क्योंकि अब इन बच्चों को प्रति सप्ताह महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम द्वारा निगरानी की गई।
इनके खाने पीने में सब्जी व फलों को शामिल करवाया गया है। पहले ये बच्चे उछल कूद भी कम करते थे, अब इन बच्चों को आंगनबाडी सेंटरों में बुलाकर गतिविधियां करवाई गई और इसके साथ साथ इन बच्चों के माता पिता को भी समझाया गया कि हर बच्चे को दिन में गतिविधि करवाना जरूरी है।
एडीसी ने म्हारा पोषण-म्हारी पंचायत का सुझाव दिया गया, जिसमें समुदाय की महिलाओं के द्वारा भाग लिया जाएगा। एडीसी ने कहा कि कुपोषण में सुधार के लिए मोटे अनाज व मौसमी सब्जियां, अंकुरित अनाज का सेवन करना बहुत जरूरी है।
उन्होंेने बताया कि गांव पबनावा में दो बच्चे, फरल में दो बच्चे, बरटा में एक बच्चा, जाखौली में दो बच्चे, पूंडरी में एक बच्चा, गुहणा में चार बच्चे जो सभी अति कुपोषित से सामान्य की श्रेणी में आ गए है। इस मौके पर जिला कार्यक्रम अधिकारी गुरजीत कौर, ईओ कुलदीप मलिक शशि बाला व संबंधित गांवों के सभी सुपरवाइजर व स्वास्थ्य विभाग शिक्षा विभाग पंचायत विभाग, नगर आयुक्त कार्यालय के अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
कैथल। कुपोषण मुक्त गांव अभियान योजना पोषण 2.0 के तहत गांवों चल रहे में म्हारा पोषण-म्हारी पंचायत कार्यक्रम के तहत जिले में चिह्नित किए गए 10 गांवों में पाए गए अति कुपोषित बच्चे अब सामान्य श्रेणी में पहुंच गए हैं।
यह जानकारी एडीसी दीपक बाबू लाल करवा ने दी। वह वीरवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में कुपोषण मुक्त गांव अभियान के तहत संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों की बैठक में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से कुपोषण मुक्त गांव अभियान योजना पोषण 2.0 के तहत गांवों में म्हारा पोषण-म्हारी पंचायत कार्यक्रम आयोजित किया जाए।
विज्ञापन
इसमें महिलाओं की ज्यादा भागीदारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि जिले में 10 गांवों को विभाग ने चिन्हित किया था। इनमें पबनावा, फरल, हेमूमाजरा, पूंडरी, ग्योंग, गुहणा, जखोली, बरटा, डुलियानी आदि गांव शामिल हैं।
विज्ञापन
चिह्नित गांवों में पहले अति कुपोषित बच्चे पाए गए थे। अब इन बच्चों का प्रति सप्ताह वजन, लंबाई मापी जा रही है । अब ये बच्चे अति कुपोषित से सामान्य श्रेणी में आ गए हैं क्योंकि अब इन बच्चों को प्रति सप्ताह महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम द्वारा निगरानी की गई।
इनके खाने पीने में सब्जी व फलों को शामिल करवाया गया है। पहले ये बच्चे उछल कूद भी कम करते थे, अब इन बच्चों को आंगनबाडी सेंटरों में बुलाकर गतिविधियां करवाई गई और इसके साथ साथ इन बच्चों के माता पिता को भी समझाया गया कि हर बच्चे को दिन में गतिविधि करवाना जरूरी है।
एडीसी ने म्हारा पोषण-म्हारी पंचायत का सुझाव दिया गया, जिसमें समुदाय की महिलाओं के द्वारा भाग लिया जाएगा। एडीसी ने कहा कि कुपोषण में सुधार के लिए मोटे अनाज व मौसमी सब्जियां, अंकुरित अनाज का सेवन करना बहुत जरूरी है।
उन्होंेने बताया कि गांव पबनावा में दो बच्चे, फरल में दो बच्चे, बरटा में एक बच्चा, जाखौली में दो बच्चे, पूंडरी में एक बच्चा, गुहणा में चार बच्चे जो सभी अति कुपोषित से सामान्य की श्रेणी में आ गए है। इस मौके पर जिला कार्यक्रम अधिकारी गुरजीत कौर, ईओ कुलदीप मलिक शशि बाला व संबंधित गांवों के सभी सुपरवाइजर व स्वास्थ्य विभाग शिक्षा विभाग पंचायत विभाग, नगर आयुक्त कार्यालय के अधिकारी मौजूद रहे।