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Kaithal News: बदला मौसम का मिजाज, काले बादलों ने बढ़ाई धड़कनें
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कैथल। गेहूं की कटाई और खरीद के बीच रविवार को दोपहर बाद अचानक आसमान में बादल छाने से किसानों की धड़कनें बढ़ गईं हैं। वहीं मौसम विभाग की ओर से अगले दो दिन बूंदाबांदी और बारिश की संभावना जताई गई है। माना जा रहा है कि यदि फिलहाल बारिश होती है तो गेहूं की फसल को अधिक नुकसान हो सकता है।
जिले में इन दिनों एक ओर जहां गेहूं कटाई का कार्य जोरों पर है। वहीं दूसरी ओर खेत खलिहान में तो कुछ किसानों की मंडी में गेहूं की फसल पड़ी है। पिछले कई दिनों से चढ़ते पारे के बीच रविवार को अचानक बदले मौसम के मिजाज ने एकबार फिर किसानों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि बारिश होने से उनकी तैयार गेहूं की फसल खराब हो सकती है। किसान साहिल नरड़, प्रदीप चहल, सुरेश, महाबीर, ओमप्रकाश ने कहा कि इस बार मौसम की मार से किसानों को पहले ही भारी नुकसान झेलना पड़ा है। बरसात के कारण फसलों की कटाई देरी से शुरू हुई। अब किसानों का काम बिखरा पड़ा है। किसी किसान का गेहूं मंडी में पड़ा है तो कुछेक किसान सूखा चारा तूड़ी बनाने में जुटे हुए हैं। यदि अब बरसात होती है तो किसानों के काम में भी देरी होगी और पशुओं के लिए बनने वाला सूखा चारा भी खराब हो जाएगा। साथ ही जो गेहूं खेतों में है, उसमें भी भारी नुकसान होगा। किसानों ने सरकार से मांग की है कि जिन किसानों का गेहूं खराब हुआ है, उनको जल्द मुआवजा प्रदान किया जाए। वहीं कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. जसबीर ने बताया कि यदि इस समय बरसात होती है तो गेहूं की तैयार फसलों को नुकसान नहीं होगा, लेकिन किसानों के कार्यों में देरी होगी। अधिक बरसात से खड़ी फसलों के गिरने और दानों के काला होने की आशंका बढ़ जाएगी।
विदित हो कि रविवार की सुबह के समय मौसम बिल्कुल साफ था और तेज धूप निकली हुई थी। अधिकतम तापमान 39 और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, लेकिन दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली और तेज हवाओं के साथ आसमान में काले बादल छा गए।
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जिले में इन दिनों एक ओर जहां गेहूं कटाई का कार्य जोरों पर है। वहीं दूसरी ओर खेत खलिहान में तो कुछ किसानों की मंडी में गेहूं की फसल पड़ी है। पिछले कई दिनों से चढ़ते पारे के बीच रविवार को अचानक बदले मौसम के मिजाज ने एकबार फिर किसानों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि बारिश होने से उनकी तैयार गेहूं की फसल खराब हो सकती है। किसान साहिल नरड़, प्रदीप चहल, सुरेश, महाबीर, ओमप्रकाश ने कहा कि इस बार मौसम की मार से किसानों को पहले ही भारी नुकसान झेलना पड़ा है। बरसात के कारण फसलों की कटाई देरी से शुरू हुई। अब किसानों का काम बिखरा पड़ा है। किसी किसान का गेहूं मंडी में पड़ा है तो कुछेक किसान सूखा चारा तूड़ी बनाने में जुटे हुए हैं। यदि अब बरसात होती है तो किसानों के काम में भी देरी होगी और पशुओं के लिए बनने वाला सूखा चारा भी खराब हो जाएगा। साथ ही जो गेहूं खेतों में है, उसमें भी भारी नुकसान होगा। किसानों ने सरकार से मांग की है कि जिन किसानों का गेहूं खराब हुआ है, उनको जल्द मुआवजा प्रदान किया जाए। वहीं कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. जसबीर ने बताया कि यदि इस समय बरसात होती है तो गेहूं की तैयार फसलों को नुकसान नहीं होगा, लेकिन किसानों के कार्यों में देरी होगी। अधिक बरसात से खड़ी फसलों के गिरने और दानों के काला होने की आशंका बढ़ जाएगी।
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विदित हो कि रविवार की सुबह के समय मौसम बिल्कुल साफ था और तेज धूप निकली हुई थी। अधिकतम तापमान 39 और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, लेकिन दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली और तेज हवाओं के साथ आसमान में काले बादल छा गए।
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