{"_id":"68190fcc1a67f1905806c198","slug":"celebration-of-pran-pratishtha-ceremony-held-at-goga-madi-premises-in-kalayat-kaithal-news-c-18-1-knl1004-639779-2025-05-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: कलायत के गोगा माड़ी परिसर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह की धूम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: कलायत के गोगा माड़ी परिसर में प्राण प्रतिष्ठा समारोह की धूम
Tue, 06 May 2025 12:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 06 May 2025 12:51 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। कलायत के श्री गोगा माड़ी परिसर में माता श्याम कौर, माता शेडो और बाबा सबल सिंह बावरी की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा हुई। इसके अलावा बाच्छल माता, माता सीरियल, नारसिंह पांडे, बाबा भज्जू कोतवाल की तुरबत की स्थापना हुई। पांच दिन चले अनुष्ठान में सभी मूर्तियों का अधिवास करवाया गया। इससे पहले महिलाओं ने सिर पर कलश रखकर यात्रा निकाली। जगह-जगह यात्रा का स्वागत किया गया।
पंडित विशाल शांडिल्य ने बताया कि विद्वान ब्राह्मणों ने सभी विग्रहों का अन्न, धन, दूध, दही, फल व वस्त्रों में अधिवास करवाया गया। पांच दिनों तक चले धार्मिक कार्यक्रम में मंत्रपाठ, हवन यज्ञ व संकीर्तन होता रहा।
उन्होंने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व सभी विग्रहों की नगर परिक्रमा करवाई गई जिसमें महिलाएं अपने सिर पर कलश लेकर शामिल हुई। प्राण प्रतिष्ठा के पश्चात गोगा माडी में भंडारे का आयोजन भी किया गया। गोगा माडी प्रबंध समिति सदस्यों सुरेंद्र राणा, मोहकम राणा, राजू राणा, रवींद्र, हरिओम, अभिषेक भारद्वाज, सत्यवान, शिवम व निर्मल राणा ने बताया की इन मूर्तियों व तुरबत की प्राण प्रतिष्ठा के बाद गोगा जी महाराज का पूरा परिवार अब पूजा के लिए उपलब्ध रहेगा।
विज्ञापन
राजू राणा ने बताया कि गोगा जी महाराज का विग्रह पहले से ही है। प्राण प्रतिष्ठा के बाद हुए भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने सामूहिक तौर पर प्रसाद ग्रहण किया।
विज्ञापन
कलायत। कलायत के श्री गोगा माड़ी परिसर में माता श्याम कौर, माता शेडो और बाबा सबल सिंह बावरी की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा हुई। इसके अलावा बाच्छल माता, माता सीरियल, नारसिंह पांडे, बाबा भज्जू कोतवाल की तुरबत की स्थापना हुई। पांच दिन चले अनुष्ठान में सभी मूर्तियों का अधिवास करवाया गया। इससे पहले महिलाओं ने सिर पर कलश रखकर यात्रा निकाली। जगह-जगह यात्रा का स्वागत किया गया।
पंडित विशाल शांडिल्य ने बताया कि विद्वान ब्राह्मणों ने सभी विग्रहों का अन्न, धन, दूध, दही, फल व वस्त्रों में अधिवास करवाया गया। पांच दिनों तक चले धार्मिक कार्यक्रम में मंत्रपाठ, हवन यज्ञ व संकीर्तन होता रहा।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व सभी विग्रहों की नगर परिक्रमा करवाई गई जिसमें महिलाएं अपने सिर पर कलश लेकर शामिल हुई। प्राण प्रतिष्ठा के पश्चात गोगा माडी में भंडारे का आयोजन भी किया गया। गोगा माडी प्रबंध समिति सदस्यों सुरेंद्र राणा, मोहकम राणा, राजू राणा, रवींद्र, हरिओम, अभिषेक भारद्वाज, सत्यवान, शिवम व निर्मल राणा ने बताया की इन मूर्तियों व तुरबत की प्राण प्रतिष्ठा के बाद गोगा जी महाराज का पूरा परिवार अब पूजा के लिए उपलब्ध रहेगा।
विज्ञापन
राजू राणा ने बताया कि गोगा जी महाराज का विग्रह पहले से ही है। प्राण प्रतिष्ठा के बाद हुए भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने सामूहिक तौर पर प्रसाद ग्रहण किया।