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Kaithal News: साक्षरता अभियान में भागीदारी का आह्वान
Sat, 08 Mar 2025 01:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 08 Mar 2025 01:53 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। नव भारत साक्षरता कार्यक्रम ‘उल्लास’ के तहत जिले में 1321 वॉलंटियर अध्यापकों को एक साथ प्रशिक्षण दिया गया। इसका उद्देश्य प्रशिक्षकों को प्रभावी शिक्षण से जोड़ना और उन्हें साक्षरता की दिशा में प्रेरित करना है। शिक्षा अधिकारी रामदिया गागट ने सर्वेयर को निर्देश दिया कि वे साक्षरता अभियान में सक्रिय भागीदारी करें।
उन्होंने कहा कि इसके तहत अधिक से अधिक लोगों को साक्षर बनाएं। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम शिक्षा के प्रसार में एक ऐतिहासिक कदम है, जिससे समाज में जागरूकता बढ़ेगी और वयस्क शिक्षा को बल मिलेगा।
गौरतलब है कि उल्लास कार्यक्रम के तहत 30 मार्च को जिले में एक विशेष परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसमें करीब 17,000 से अधिक लोग भाग लेंगे। यह परीक्षा उन लोगों के लिए सुनहरा अवसर होगी, जिन्होंने प्रशिक्षण लेकर पढ़ने-लिखने की दक्षता प्राप्त की है। सफल अभ्यर्थियों को साक्षरता प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा, जिससे उन्हें आगे बढ़ने में सहायता मिलेगी।
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प्रशिक्षण सत्र में विशेषज्ञों की ओर से आधुनिक शिक्षण तकनीकों, पाठ्यक्रम की समझ और लर्नर्स को प्रेरित करने की विधियों पर मार्गदर्शन दिया जा रहा है। यह पहल जिले की साक्षरता दर को ऊंचा उठाने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।
जिला उल्लास नोडल अधिकारी निर्मल सिंह ने भी प्रशिक्षण सत्र को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल साक्षरता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में शिक्षा का उजियारा फैलाने का संकल्प भी है। उन्होंने प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे अपने प्रयासों से अधिक से अधिक प्रशिक्षकों तक पहुंचें और उन्हें शिक्षा से जोड़ें।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों और प्रशिक्षकों ने कहा कि उल्लास कार्यक्रम के तहत वीटीएस की भूमिका बेहद अहम है, क्योंकि वे समाज के हर वर्ग तक शिक्षा का संदेश पहुंचाने में सहायक होंगे। यह अभियान न केवल साक्षरता बल्कि आत्मनिर्भरता की ओर भी एक मजबूत कदम है।
इस अभियान से जुड़े सभी शिक्षकों, सर्वेयर और अधिकारियों ने इसे सफल बनाने का संकल्प लिया है। आगामी दिनों में इस अभियान को और अधिक विस्तार देने की योजना बनाई जा रही है, ताकि शिक्षा का उजाला हर घर तक पहुंचे और कोई भी व्यक्ति शिक्षा से वंचित न रहें।
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कैथल। नव भारत साक्षरता कार्यक्रम ‘उल्लास’ के तहत जिले में 1321 वॉलंटियर अध्यापकों को एक साथ प्रशिक्षण दिया गया। इसका उद्देश्य प्रशिक्षकों को प्रभावी शिक्षण से जोड़ना और उन्हें साक्षरता की दिशा में प्रेरित करना है। शिक्षा अधिकारी रामदिया गागट ने सर्वेयर को निर्देश दिया कि वे साक्षरता अभियान में सक्रिय भागीदारी करें।
उन्होंने कहा कि इसके तहत अधिक से अधिक लोगों को साक्षर बनाएं। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम शिक्षा के प्रसार में एक ऐतिहासिक कदम है, जिससे समाज में जागरूकता बढ़ेगी और वयस्क शिक्षा को बल मिलेगा।
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गौरतलब है कि उल्लास कार्यक्रम के तहत 30 मार्च को जिले में एक विशेष परीक्षा आयोजित की जाएगी, जिसमें करीब 17,000 से अधिक लोग भाग लेंगे। यह परीक्षा उन लोगों के लिए सुनहरा अवसर होगी, जिन्होंने प्रशिक्षण लेकर पढ़ने-लिखने की दक्षता प्राप्त की है। सफल अभ्यर्थियों को साक्षरता प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा, जिससे उन्हें आगे बढ़ने में सहायता मिलेगी।
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प्रशिक्षण सत्र में विशेषज्ञों की ओर से आधुनिक शिक्षण तकनीकों, पाठ्यक्रम की समझ और लर्नर्स को प्रेरित करने की विधियों पर मार्गदर्शन दिया जा रहा है। यह पहल जिले की साक्षरता दर को ऊंचा उठाने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।
जिला उल्लास नोडल अधिकारी निर्मल सिंह ने भी प्रशिक्षण सत्र को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम केवल साक्षरता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज में शिक्षा का उजियारा फैलाने का संकल्प भी है। उन्होंने प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे अपने प्रयासों से अधिक से अधिक प्रशिक्षकों तक पहुंचें और उन्हें शिक्षा से जोड़ें।
कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों और प्रशिक्षकों ने कहा कि उल्लास कार्यक्रम के तहत वीटीएस की भूमिका बेहद अहम है, क्योंकि वे समाज के हर वर्ग तक शिक्षा का संदेश पहुंचाने में सहायक होंगे। यह अभियान न केवल साक्षरता बल्कि आत्मनिर्भरता की ओर भी एक मजबूत कदम है।
इस अभियान से जुड़े सभी शिक्षकों, सर्वेयर और अधिकारियों ने इसे सफल बनाने का संकल्प लिया है। आगामी दिनों में इस अभियान को और अधिक विस्तार देने की योजना बनाई जा रही है, ताकि शिक्षा का उजाला हर घर तक पहुंचे और कोई भी व्यक्ति शिक्षा से वंचित न रहें।