{"_id":"6907a2b0c16c5cf9070eef5e","slug":"burning-of-stubble-causes-pollution-heat-during-the-day-cold-nights-kaithal-news-c-18-1-knl1004-772657-2025-11-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: पराली जलाने से प्रदूषण, दिन में गर्माहट, रातें हो रहीं सर्द","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: पराली जलाने से प्रदूषण, दिन में गर्माहट, रातें हो रहीं सर्द
Sun, 02 Nov 2025 11:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 02 Nov 2025 11:58 PM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में पराली जलाने से प्रदूषण बढ़ने से धुंध पड़ने लगी है। सुबह और शाम को अचानक धुंध आ जाती है। दूसरी ओर सुबह और शाम ठंड का असर भी दिखने लगा है वहीं दिन में हल्की गर्माहट बनी हुई है। उधर, रात का तापमान 16 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है, वहीं अधिकतम तापमान 28 से 30 डिग्री के बीच दर्ज किया जा रहा है। तापमान में गिरावट के चलते लोगों ने सुबह और रात गर्म कपड़े निकाल लिए हैं।
मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में ठंड और तेज़ी से असर दिखाएगी। अक्तूबर महीने में जहां सुबह और शाम भी गर्मी का अहसास हो रहा था, वहीं अब सुबह-शाम की ठंडी हवा लोगों को सर्दी का अहसास कराने लगी है। रविवार को अधिकतम तापमान 29.2 और न्यूनतम 16 डिग्री दर्ज किया गया।
सर्दी बढ़ने के साथ ही शहर में सूप और अन्य गर्म पेय पदार्थों की रेहड़ियां भी दिखाई देने लगी हैं। डॉक्टरों ने नागरिकों को सलाह दी है कि मौसम बदलने के दौरान बच्चों का विशेष ध्यान रखें, उन्हें ठंडी चीजें न दें, सुबह और शाम गर्म कपड़े पहनाएं और हल्का बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
विज्ञापन
कृषि विज्ञान केंद्र कैथल के मुख्य वैज्ञानिक रमेश चंद्र वर्मा ने बताया कि फिलहाल जिले में अधिकतम और न्यूनतम तापमान औसतन 28 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच है। ऐसे में गेहूं की बिजाई पर तापमान का न तो विशेष लाभ है, न हानि। उन्होंने बताया कि इस बार अक्तूबर माह का तापमान पिछले साल की तुलना में अधिक दर्ज किया गया है।
पराली जलाने के मामले बढ़कर 11 तक पहुंचे
खेतों में धान के अवशेष जलाने के मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है। अब तक 11 मामले सामने आ चुके हैं, हालांकि यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में अभी भी कम है। विभाग ने किसानों पर अब तक 30,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही, किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक करने के लिए टीमें गठित की गई हैं, जो गांवों में जाकर समझाइश का काम कर रही हैं।
विज्ञापन
कैथल। जिले में पराली जलाने से प्रदूषण बढ़ने से धुंध पड़ने लगी है। सुबह और शाम को अचानक धुंध आ जाती है। दूसरी ओर सुबह और शाम ठंड का असर भी दिखने लगा है वहीं दिन में हल्की गर्माहट बनी हुई है। उधर, रात का तापमान 16 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है, वहीं अधिकतम तापमान 28 से 30 डिग्री के बीच दर्ज किया जा रहा है। तापमान में गिरावट के चलते लोगों ने सुबह और रात गर्म कपड़े निकाल लिए हैं।
मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दिनों में ठंड और तेज़ी से असर दिखाएगी। अक्तूबर महीने में जहां सुबह और शाम भी गर्मी का अहसास हो रहा था, वहीं अब सुबह-शाम की ठंडी हवा लोगों को सर्दी का अहसास कराने लगी है। रविवार को अधिकतम तापमान 29.2 और न्यूनतम 16 डिग्री दर्ज किया गया।
विज्ञापन
सर्दी बढ़ने के साथ ही शहर में सूप और अन्य गर्म पेय पदार्थों की रेहड़ियां भी दिखाई देने लगी हैं। डॉक्टरों ने नागरिकों को सलाह दी है कि मौसम बदलने के दौरान बच्चों का विशेष ध्यान रखें, उन्हें ठंडी चीजें न दें, सुबह और शाम गर्म कपड़े पहनाएं और हल्का बुखार होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह लें।
विज्ञापन
कृषि विज्ञान केंद्र कैथल के मुख्य वैज्ञानिक रमेश चंद्र वर्मा ने बताया कि फिलहाल जिले में अधिकतम और न्यूनतम तापमान औसतन 28 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच है। ऐसे में गेहूं की बिजाई पर तापमान का न तो विशेष लाभ है, न हानि। उन्होंने बताया कि इस बार अक्तूबर माह का तापमान पिछले साल की तुलना में अधिक दर्ज किया गया है।
पराली जलाने के मामले बढ़कर 11 तक पहुंचे
खेतों में धान के अवशेष जलाने के मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है। अब तक 11 मामले सामने आ चुके हैं, हालांकि यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में अभी भी कम है। विभाग ने किसानों पर अब तक 30,000 रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही, किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक करने के लिए टीमें गठित की गई हैं, जो गांवों में जाकर समझाइश का काम कर रही हैं।