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किसानों के साथ भाजपा ने किया धोखा : सुरजेवाला
Sun, 21 Sep 2025 01:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 21 Sep 2025 01:23 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। विधायक आदित्य सुरजेवाला ने भाजपा सरकार पर किसानों के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में बाढ़ की त्रासदी से लेकर फसलों की बर्बादी और अब न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद से इन्कार तक, सरकार ने हर कदम पर किसानों को कर्ज में धकेलने का काम किया है।
आदित्य सुरजेवाला ने आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले वर्ष आई बाढ़ ने लाखों एकड़ फसलें तबाह कर दीं, लेकिन नायब सैनी सरकार ने न तो समय पर राहत दी और न ही उचित मुआवजा। अब 31 लाख एकड़ से अधिक फसलों की बर्बादी के बावजूद ऊंट के मुंह में जीरा जैसा मुआवजा घोषित किया जा रहा है और उसे भी बहाने बनाकर लटकाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने बाजरे की एमएसपी पर सरकारी खरीद से इन्कार कर किसानों को 750 रुपये प्रति क्विंटल का नुकसान झेलने को मजबूर किया। इसी तरह 1509 किस्म की धान को भी निजी बाजार में औने-पौने दामों पर बेचने के लिए छोड़ दिया गया है। रबी की बिजाई से पहले खाद का संकट किसानों के लिए नई मुसीबत है। 1,350 रुपये का कट्टा 2,000 रुपये में लेना पड़ रहा है।
सुरजेवाला ने कहा कि नायब सैनी सरकार पराली जलाने को अपराध की तरह मान रही है। जुर्माना 5,000 से बढ़ाकर 30,000 रुपये तक कर दिया गया है और किसानों पर सैटेलाइट से नजर रखी जा रही है, जो उचित नहीं है।
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उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि बाढ़ प्रभावित किसानों को तुरंत पूरा मुआवजा दिया जाए, बाजरे और धान की सरकारी खरीद एमएसपी पर सुनिश्चित की जाए, खाद संकट को दूर किया जाए और पराली जलाने पर लगाए गए भारी जुर्माने और सख्ती को वापस लिया जाए।
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कैथल। विधायक आदित्य सुरजेवाला ने भाजपा सरकार पर किसानों के साथ विश्वासघात करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा में बाढ़ की त्रासदी से लेकर फसलों की बर्बादी और अब न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद से इन्कार तक, सरकार ने हर कदम पर किसानों को कर्ज में धकेलने का काम किया है।
आदित्य सुरजेवाला ने आरोप लगाते हुए कहा कि पिछले वर्ष आई बाढ़ ने लाखों एकड़ फसलें तबाह कर दीं, लेकिन नायब सैनी सरकार ने न तो समय पर राहत दी और न ही उचित मुआवजा। अब 31 लाख एकड़ से अधिक फसलों की बर्बादी के बावजूद ऊंट के मुंह में जीरा जैसा मुआवजा घोषित किया जा रहा है और उसे भी बहाने बनाकर लटकाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने बाजरे की एमएसपी पर सरकारी खरीद से इन्कार कर किसानों को 750 रुपये प्रति क्विंटल का नुकसान झेलने को मजबूर किया। इसी तरह 1509 किस्म की धान को भी निजी बाजार में औने-पौने दामों पर बेचने के लिए छोड़ दिया गया है। रबी की बिजाई से पहले खाद का संकट किसानों के लिए नई मुसीबत है। 1,350 रुपये का कट्टा 2,000 रुपये में लेना पड़ रहा है।
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सुरजेवाला ने कहा कि नायब सैनी सरकार पराली जलाने को अपराध की तरह मान रही है। जुर्माना 5,000 से बढ़ाकर 30,000 रुपये तक कर दिया गया है और किसानों पर सैटेलाइट से नजर रखी जा रही है, जो उचित नहीं है।
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उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि बाढ़ प्रभावित किसानों को तुरंत पूरा मुआवजा दिया जाए, बाजरे और धान की सरकारी खरीद एमएसपी पर सुनिश्चित की जाए, खाद संकट को दूर किया जाए और पराली जलाने पर लगाए गए भारी जुर्माने और सख्ती को वापस लिया जाए।