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डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर ठगी करने वाले जालसाजों से रहें सावधान : एसपी उपासना
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कैथल। एसपी उपासना ने डिजिटल अरेस्ट स्केम बारे जानकारी देते हुए बताया कि यूजर्स की नासमझी व लापरवाही के कारण लोग अक्सर साइबर ठगों के जाल में फंसकर अपनी जिंदगी भर की जमा पूंजी गंवा बैठते हैं। साइबर अपराधी अपराध करने के नए-नए तरीके अपना रहे हैं आम जन जागरूकता से ही साइबर अपराधियों के चंगुल से आने से बच सकते हैं। अक्टूबर माह को साइबर क्राइम जागरूकता महीने के रूप में मनाया जा रहा है। साइबर अपराधी अब लोगों को ठगने के लिए डिजिटल अरेस्ट को अपना हथियार बना रहे है।
एसपी ने बताया कि डिजिटल अरेस्ट में साइबर ठग लोगों को इमोशनली और मेंटली टॉर्चर करते हैं। साइबर ठग लोगों को व्हाट्सएप के जरिए यकीन दिलाते हैं, कि उनके परिचित के साथ कुछ बुरा हो चुका है या होने वाला है। चूंकि सामने बैठा शख्स पुलिस की वर्दी में होता है तो अधिकांश लोग डर जाते हैं। इसके बाद उनके पैसों की डिमांड जाल में फंसते चले जाते हैं। डिजिटल अरेस्ट में साइबर ठगों का सबसे बड़ा हथियार व्हाट्सएप है। इसलिए सबसे पहले अपने व्हाट्स एप की सेटिंग्स में कुछ बदलाव करें, जिससे अगर कोई अनजान नंबर से कॉल आए तो आपके पास सिर्फ नोटिफिकेशन पहुंचे। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि साइबर फ्रॉड से बचने के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें-
1.किसी भी अनजान फोन कॉल पर अपनी निजी जानकारी जैसे घर का एड्रेस, बैंक अकाउंट की डिटेल, आधार कार्ड, पैन कार्ड की जानकारी ना दें।
2.पर्सनल डेटा और किसी भी तरह के ट्रांजेक्शन अकाउंट पर मजबूत पासवर्ड लगाकर रखें।
3.किसी भी अनजान नंबर से कॉल आने पर अपनी जानकारी देने की बजाए, पहले सामने वाले की आइडेंटिटी वेरीफाई करें।
4.संदेह होने पर तुरंत फोन काट दें और नंबर ब्लॉक कर दें।
5.साइबर क्राइम होने पर इसकी शिकायत नजदीकी साइबर पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर करें।
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एसपी ने बताया कि डिजिटल अरेस्ट में साइबर ठग लोगों को इमोशनली और मेंटली टॉर्चर करते हैं। साइबर ठग लोगों को व्हाट्सएप के जरिए यकीन दिलाते हैं, कि उनके परिचित के साथ कुछ बुरा हो चुका है या होने वाला है। चूंकि सामने बैठा शख्स पुलिस की वर्दी में होता है तो अधिकांश लोग डर जाते हैं। इसके बाद उनके पैसों की डिमांड जाल में फंसते चले जाते हैं। डिजिटल अरेस्ट में साइबर ठगों का सबसे बड़ा हथियार व्हाट्सएप है। इसलिए सबसे पहले अपने व्हाट्स एप की सेटिंग्स में कुछ बदलाव करें, जिससे अगर कोई अनजान नंबर से कॉल आए तो आपके पास सिर्फ नोटिफिकेशन पहुंचे। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि साइबर फ्रॉड से बचने के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखें-
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1.किसी भी अनजान फोन कॉल पर अपनी निजी जानकारी जैसे घर का एड्रेस, बैंक अकाउंट की डिटेल, आधार कार्ड, पैन कार्ड की जानकारी ना दें।
2.पर्सनल डेटा और किसी भी तरह के ट्रांजेक्शन अकाउंट पर मजबूत पासवर्ड लगाकर रखें।
3.किसी भी अनजान नंबर से कॉल आने पर अपनी जानकारी देने की बजाए, पहले सामने वाले की आइडेंटिटी वेरीफाई करें।
4.संदेह होने पर तुरंत फोन काट दें और नंबर ब्लॉक कर दें।
5.साइबर क्राइम होने पर इसकी शिकायत नजदीकी साइबर पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर करें।