{"_id":"58b5ba924f1c1bbe1c830d77","slug":"bank-strike-250-crore-business-down-people-facing-problem-kaithal","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैंकों का शटर डाउन, 250 करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित, पैसों के लिए भटकते रहे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैंकों का शटर डाउन, 250 करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित, पैसों के लिए भटकते रहे लोग
ब्यूरो कैथ्ाल
Updated Tue, 28 Feb 2017 11:29 PM IST
विज्ञापन
हड़ताल के कारण बंद रहे बैंक
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पहले से ही नकदी की कमी से जूझ रहे लोगों के लिए मंगलवार को नेशनलाइज बैंकों की हड़ताल ने कोढ़ में खाज का काम किया। तीन दिन के अवकाश के बाद सोमवार को कुछ राहत मिली थी। लेकिन मंगलवार को बैंक बंद होने के कारण फिर से लोगों को नकदी के संकट से जूझना पड़ा। लोग बंद पड़े नेशनलाइज बैंकों के शटर देखकर बैंकों को कोसते हुए वापस लौट गए। वहीं एटीएम भी लगभग खाली रहे। बैंकों की हड़ताल के कारण लगभग 250 करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित हुआ।
मंगलवार को जिले भर में नेशनलाइज बैंकों की हड़ताल थी। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक एंप्लॉइज फेडरेशन के आह्वान पर की गई हड़ताल में बैंकिंग सुधार के नाम पर कर्मचारी विरोधी नीतियों को लागू ना करने की मांग थी। कर्मचारी नेता शशि मंगल ने बताया कि सरकार से उनकी मांग है कि कर्मचारी विरोधी नीतियों को लागू न किया जाए, कामगार विरोधी श्रम सुधारों का पालन न किया जाए, बैंक कर्मचारी यूनियन ने नोटबंदी के दौरान कर्मचारियों व अधिकारियों द्वारा समय के बाद किए गए कार्य का उचित भुगतान करने, ग्रेच्यूटी अधिनियम में संशोधन और ग्रेच्यूटी की राशि को आयकर से मुक्त किया जाए, अनुकंपा आधार पर नौकरी जारी रखी जाए, बैंकों में कामगार या अधिकारी निवेशकों की नियुक्ति जल्द की जाए, बैंक कर्मियों के आगामी वेतन पुनर्निरीक्षण की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए। सभी पदों पर भर्ती की जाए। एनपीए में ऋण ना देने वालों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जानी चाहिए।
दिनभर घूमा नहीं मिले रुपये
जींद रोड स्थित एक्सिस बैंक के एटीएम से रुपये निकलवाने के लिए आए गांव खरकां निवासी रामलाल ने बताया कि उसे शाम के समय रिश्तेदारी में शादी में जाना है। बैंकों की हड़ताल के कारण खाते में रुपये नहीं निकलवा सका। जिस कारण एटीएम से रुपये निकलवाने के आया, शहरभर में सुबह दस बजे से ही एटीएम में रुपयों के तलाश में घूमता रहा लेकिन कही भी कैश नहीं मिला है। काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
राशि जमा नहीं हो पाई
जींद रोड पर रेलवे गेट स्थित बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम से रुपये जमा करने आए गांव चौशाला वासी कृष्ण ने बताया कि वह एक व्यापारी हैं। उसे किसी फर्म के खाते में रुपये जमा करवाने थे। जिसके लिए वह एटीएम के माध्यम से क्रेडिट करने के लिए आया था। लेकिन यह एटीएम से क्रेडिट भी नहीं हो रहा। हड़ताल के कारण काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
एटीएम भी खाली, हुई परेशानी
अंबाला रोड पर स्थित एसबीआई के एटीएम से रुपये लेने आए गांव करोड़ा निवासी नवराज ने बताया कि उसके घर में शादी है। पहले तीन दिन छुट्टियां हो गई। जिस कारण एटीएम से रुपये नहीं मिले। कल एटीएम से रुपये निकाले थे। लेकिन 24 हजार रुपये ही निकले थे। जिस कारण आज फिर रुपये निकालने आया तो पता चला कि बैंकों की हड़ताल है। जिस वजह से एटीएम से रुपये नहीं निकल पाए काफी परेशानी हुई है।
लीड बैंक मैनेजर टीके राणा ने कहा कि बैंकों की हड़ताल के कारण करीब 250 करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित हुआ है। अमूमन सामान्य दिनों में इतनी ही राशि की क्लीयरिंग होती है। हड़ताल के कारण यह क्लीयरिंग नहीं हो पाई।
विज्ञापन
मंगलवार को जिले भर में नेशनलाइज बैंकों की हड़ताल थी। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक एंप्लॉइज फेडरेशन के आह्वान पर की गई हड़ताल में बैंकिंग सुधार के नाम पर कर्मचारी विरोधी नीतियों को लागू ना करने की मांग थी। कर्मचारी नेता शशि मंगल ने बताया कि सरकार से उनकी मांग है कि कर्मचारी विरोधी नीतियों को लागू न किया जाए, कामगार विरोधी श्रम सुधारों का पालन न किया जाए, बैंक कर्मचारी यूनियन ने नोटबंदी के दौरान कर्मचारियों व अधिकारियों द्वारा समय के बाद किए गए कार्य का उचित भुगतान करने, ग्रेच्यूटी अधिनियम में संशोधन और ग्रेच्यूटी की राशि को आयकर से मुक्त किया जाए, अनुकंपा आधार पर नौकरी जारी रखी जाए, बैंकों में कामगार या अधिकारी निवेशकों की नियुक्ति जल्द की जाए, बैंक कर्मियों के आगामी वेतन पुनर्निरीक्षण की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए। सभी पदों पर भर्ती की जाए। एनपीए में ऋण ना देने वालों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जानी चाहिए।
विज्ञापन
दिनभर घूमा नहीं मिले रुपये
जींद रोड स्थित एक्सिस बैंक के एटीएम से रुपये निकलवाने के लिए आए गांव खरकां निवासी रामलाल ने बताया कि उसे शाम के समय रिश्तेदारी में शादी में जाना है। बैंकों की हड़ताल के कारण खाते में रुपये नहीं निकलवा सका। जिस कारण एटीएम से रुपये निकलवाने के आया, शहरभर में सुबह दस बजे से ही एटीएम में रुपयों के तलाश में घूमता रहा लेकिन कही भी कैश नहीं मिला है। काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
राशि जमा नहीं हो पाई
जींद रोड पर रेलवे गेट स्थित बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम से रुपये जमा करने आए गांव चौशाला वासी कृष्ण ने बताया कि वह एक व्यापारी हैं। उसे किसी फर्म के खाते में रुपये जमा करवाने थे। जिसके लिए वह एटीएम के माध्यम से क्रेडिट करने के लिए आया था। लेकिन यह एटीएम से क्रेडिट भी नहीं हो रहा। हड़ताल के कारण काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
एटीएम भी खाली, हुई परेशानी
अंबाला रोड पर स्थित एसबीआई के एटीएम से रुपये लेने आए गांव करोड़ा निवासी नवराज ने बताया कि उसके घर में शादी है। पहले तीन दिन छुट्टियां हो गई। जिस कारण एटीएम से रुपये नहीं मिले। कल एटीएम से रुपये निकाले थे। लेकिन 24 हजार रुपये ही निकले थे। जिस कारण आज फिर रुपये निकालने आया तो पता चला कि बैंकों की हड़ताल है। जिस वजह से एटीएम से रुपये नहीं निकल पाए काफी परेशानी हुई है।
लीड बैंक मैनेजर टीके राणा ने कहा कि बैंकों की हड़ताल के कारण करीब 250 करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित हुआ है। अमूमन सामान्य दिनों में इतनी ही राशि की क्लीयरिंग होती है। हड़ताल के कारण यह क्लीयरिंग नहीं हो पाई।