{"_id":"651f0c4bbe840fafe90374f4","slug":"arrival-of-pr-and-1509-paddy-in-full-swing-in-kalayat-kaithal-news-c-18-1-knl1004-235156-2023-10-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: कलायत में पीआर और 1509 धान की आवक जोरों पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: कलायत में पीआर और 1509 धान की आवक जोरों पर
Fri, 06 Oct 2023 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 06 Oct 2023 12:49 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। कलायत अनाज मंडी में धान की आवक जोरों पर है। इस समय मंडी में पीआर व बारीक किस्म 1509 की बंपर आवक है। कलायत अनाज मंडी में 26 सितंबर को धान की सरकारी खरीद का कार्य शुरू हुआ था। अभी तक अनाज मंडी में 25,972 क्विंटल पीआर धान की खरीद की गई है। इसमें से खाद्य आपूर्ति विभाग ने 16821 क्विंटल और हैफेड ने 9151 क्विंटल धान की खरीद की है। मार्केट कमेटी सचिव अरविंद श्योकंद ने बताया कि अनाज मंडी से अब तक 18,114 क्विंटल धान का उठान हो चुका है। 1509 किस्म की आवक 25421 क्विंटल की हो चुकी है। बारीक धान निजी व्यापारी खरीद रहे हैं।
हैफेड के प्रभारी मान सिंह ने बताया कि जिन किसानों की धान की खरीद हो चुकी है उन किसानों की लगभग पेमेंट खातों में जा चुकी है। खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी सुरेश शर्मा ने कहा कि खरीद व उठान का कार्य सुचारु रूप से जारी है। किसानों को माल बेचने में दिक्कत नहीं है। किसानों से आग्रह किया कि वे फसल सुखाकर ही मंडी में लाएं।
नाम न छापने की शर्त पर कुछ मंडी व्यापारियों ने आरोप लगाया कि उठान के नाम पर उनसे 10 रुपये प्रति क्विंटल का नजराना मांगा जा रहा है। व्यापारियों का कहना है कि नजराना न देने की सूरत में उनका माल नहीं उठाया जा रहा। यदि बरसात आ जाती है तो अनाज मंडी में पानी निकासी की सुविधा न होने के कारण बड़ी मात्रा में अनाज बेकार हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस बारे वे लोग प्रशासनिक अधिकारियों से मिल कर अवगत करवाएंगे। एसडीएम देवेंद्र शर्मा ने कहा कि यदि इस प्रकार का कोई मामला सामने आता है तो उस पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
सहकारी समितियों के ऋण पर ब्याज वसूलने से किसानों में रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। हरियाणा सहकारी समितियों की तरफ से किसानों को दिए जाने वाले ऋण पर ब्याज वसूलने व मंडियों में धीमे उठान के विरोध में नाराजगी जताते हुए ज्ञापन सौंपा।
कार्यालय में एसडीएम व तहसीलदार के मौजूद न होने पर किसान से ज्ञापन कानूनगो प्रवीन कुमार ने लिया। प्रदेशाध्यक्ष चमकौर सिंह ने कहा कि भपूेंद्र सिंह हुड्डा सरकार ने सहकारी समितियों की तरफ से किसानों को दिए जाने वाले डेढ़ लाख तक के ऋण को ब्याज मुक्त किया था और किसानों को तभी से यह लाभ मिलता आ रहा है।
चमकौर सिंह ने कहा कि अब सरकार ने इस ऋण पर सात प्रतिशत ब्याज वसूलने के आदेश दिए हैं जिसका किसान विरोध करते हैं। किसानों ने आदेशों को तुरंत प्रभाव से वापस लेने की मांग की है। इस दौरान किसानों में मंडी में उठान धीमा होने के कारण हर तरफ बोरियों के ढेर लग गए हैं। किसानों को सड़कों व रिहाइशी कालोनियों में धान डालने को मजबूर होना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि जल्द ही गेहूं की बिजाई का काम शुरू होगा। किसानों को गेहूं की बिजाई के लिए डीएपी खाद की जरूरत होती है, कुछ मुनाफाखोर दुकानदार डीएपी के साथ किसानों को जबरदस्ती दवाइयां बेचते है। किसानों ने इनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। कानूनगो प्रवीण कुमार ने किसानों की मांगे उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष केवल सदरहेडी, आईटी सेल प्रभारी जरनैल सिंह, बिंद्र भागल, गुरबचन सिंह, जयपाल पूनिय, पाला राम, गुरजंट टटियाना, केसर सिंह व सुखविंदर ग्रेवाल भी मौजूद रहे।
विज्ञापन
कलायत। कलायत अनाज मंडी में धान की आवक जोरों पर है। इस समय मंडी में पीआर व बारीक किस्म 1509 की बंपर आवक है। कलायत अनाज मंडी में 26 सितंबर को धान की सरकारी खरीद का कार्य शुरू हुआ था। अभी तक अनाज मंडी में 25,972 क्विंटल पीआर धान की खरीद की गई है। इसमें से खाद्य आपूर्ति विभाग ने 16821 क्विंटल और हैफेड ने 9151 क्विंटल धान की खरीद की है। मार्केट कमेटी सचिव अरविंद श्योकंद ने बताया कि अनाज मंडी से अब तक 18,114 क्विंटल धान का उठान हो चुका है। 1509 किस्म की आवक 25421 क्विंटल की हो चुकी है। बारीक धान निजी व्यापारी खरीद रहे हैं।
हैफेड के प्रभारी मान सिंह ने बताया कि जिन किसानों की धान की खरीद हो चुकी है उन किसानों की लगभग पेमेंट खातों में जा चुकी है। खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी सुरेश शर्मा ने कहा कि खरीद व उठान का कार्य सुचारु रूप से जारी है। किसानों को माल बेचने में दिक्कत नहीं है। किसानों से आग्रह किया कि वे फसल सुखाकर ही मंडी में लाएं।
विज्ञापन
नाम न छापने की शर्त पर कुछ मंडी व्यापारियों ने आरोप लगाया कि उठान के नाम पर उनसे 10 रुपये प्रति क्विंटल का नजराना मांगा जा रहा है। व्यापारियों का कहना है कि नजराना न देने की सूरत में उनका माल नहीं उठाया जा रहा। यदि बरसात आ जाती है तो अनाज मंडी में पानी निकासी की सुविधा न होने के कारण बड़ी मात्रा में अनाज बेकार हो सकता है। उन्होंने कहा कि इस बारे वे लोग प्रशासनिक अधिकारियों से मिल कर अवगत करवाएंगे। एसडीएम देवेंद्र शर्मा ने कहा कि यदि इस प्रकार का कोई मामला सामने आता है तो उस पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
सहकारी समितियों के ऋण पर ब्याज वसूलने से किसानों में रोष
संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। हरियाणा सहकारी समितियों की तरफ से किसानों को दिए जाने वाले ऋण पर ब्याज वसूलने व मंडियों में धीमे उठान के विरोध में नाराजगी जताते हुए ज्ञापन सौंपा।
कार्यालय में एसडीएम व तहसीलदार के मौजूद न होने पर किसान से ज्ञापन कानूनगो प्रवीन कुमार ने लिया। प्रदेशाध्यक्ष चमकौर सिंह ने कहा कि भपूेंद्र सिंह हुड्डा सरकार ने सहकारी समितियों की तरफ से किसानों को दिए जाने वाले डेढ़ लाख तक के ऋण को ब्याज मुक्त किया था और किसानों को तभी से यह लाभ मिलता आ रहा है।
चमकौर सिंह ने कहा कि अब सरकार ने इस ऋण पर सात प्रतिशत ब्याज वसूलने के आदेश दिए हैं जिसका किसान विरोध करते हैं। किसानों ने आदेशों को तुरंत प्रभाव से वापस लेने की मांग की है। इस दौरान किसानों में मंडी में उठान धीमा होने के कारण हर तरफ बोरियों के ढेर लग गए हैं। किसानों को सड़कों व रिहाइशी कालोनियों में धान डालने को मजबूर होना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि जल्द ही गेहूं की बिजाई का काम शुरू होगा। किसानों को गेहूं की बिजाई के लिए डीएपी खाद की जरूरत होती है, कुछ मुनाफाखोर दुकानदार डीएपी के साथ किसानों को जबरदस्ती दवाइयां बेचते है। किसानों ने इनके खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। कानूनगो प्रवीण कुमार ने किसानों की मांगे उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। इस मौके पर जिला उपाध्यक्ष केवल सदरहेडी, आईटी सेल प्रभारी जरनैल सिंह, बिंद्र भागल, गुरबचन सिंह, जयपाल पूनिय, पाला राम, गुरजंट टटियाना, केसर सिंह व सुखविंदर ग्रेवाल भी मौजूद रहे।