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Kaithal News: फिर बढ़ा एक्यूआई, आंखों में हो रही जलन
Mon, 23 Oct 2023 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 23 Oct 2023 01:01 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले में बारिश के बाद तीन दिन तक एक्यूआई का स्तर सामान्य रहा। वहीं रविवार को फिर से वायु गुणवत्ता सूचकांक 212 दर्ज किया, जो बेहद ही खराब श्रेणी में आता है।
जिले में रविवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और बारिश की स्थिति बनी। लेकिन पूरा दिन बारिश नहीं हुई। अधिकतम तापमान 30 व न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वायु गुणवत्ता सूचकांक 212 पर पहुंचने से सामान्य लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगती है। शाम के समय लोगों के आंखों में जलन होने लगती है। ऐसे में यदि समय पर सावधानी नहीं बरती तो एलर्जी की समस्या हो जाती है।
आंखों में खुजली होने लगती है, आंखों में पानी आने लगता है। आंखें लाल होने लगती हैं और चारों ओर धूल ही धूल दिखाई देती है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ विकास कुमार ने बताया कि मौसम में परिवर्तन और अग्निकांड की घटनाओं के कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक एक बार फिर बढ़ने लगा है। किसानों से अपील है कि वे फसल अवशेषों में आग न लगाएं और पर्यावरण को साफ सुथरा बनाने में योगदान दें।
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ये बरतें सावधानी
धूल, मिट्टी से आंखों का बचाव करें। धूल मिट्टी वाले स्थान पर काम करते समय काले चश्मे का प्रयोग करें। आंखों में एलर्जी की दिक्कत होने पर विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह लेकर इलाज लें। खेतों या अनाज मंडी में अगर जा रहे हैं तो आंखों पर चश्मा लगाएं, वापस आने पर आंखों को पानी से धोएं।
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कैथल। जिले में बारिश के बाद तीन दिन तक एक्यूआई का स्तर सामान्य रहा। वहीं रविवार को फिर से वायु गुणवत्ता सूचकांक 212 दर्ज किया, जो बेहद ही खराब श्रेणी में आता है।
जिले में रविवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और बारिश की स्थिति बनी। लेकिन पूरा दिन बारिश नहीं हुई। अधिकतम तापमान 30 व न्यूनतम तापमान 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वायु गुणवत्ता सूचकांक 212 पर पहुंचने से सामान्य लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगती है। शाम के समय लोगों के आंखों में जलन होने लगती है। ऐसे में यदि समय पर सावधानी नहीं बरती तो एलर्जी की समस्या हो जाती है।
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आंखों में खुजली होने लगती है, आंखों में पानी आने लगता है। आंखें लाल होने लगती हैं और चारों ओर धूल ही धूल दिखाई देती है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के एसडीओ विकास कुमार ने बताया कि मौसम में परिवर्तन और अग्निकांड की घटनाओं के कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक एक बार फिर बढ़ने लगा है। किसानों से अपील है कि वे फसल अवशेषों में आग न लगाएं और पर्यावरण को साफ सुथरा बनाने में योगदान दें।
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ये बरतें सावधानी
धूल, मिट्टी से आंखों का बचाव करें। धूल मिट्टी वाले स्थान पर काम करते समय काले चश्मे का प्रयोग करें। आंखों में एलर्जी की दिक्कत होने पर विशेषज्ञ डॉक्टर की सलाह लेकर इलाज लें। खेतों या अनाज मंडी में अगर जा रहे हैं तो आंखों पर चश्मा लगाएं, वापस आने पर आंखों को पानी से धोएं।