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Kaithal News: नाराज राइस मिलर करेंगे हड़ताल

Tue, 24 Sep 2024 06:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Tue, 24 Sep 2024 06:11 AM IST
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Angry rice millers will go on strike

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कैथल। सरकारी खरीद न होने से किसानों के बाद अब राइस मिलर भी परेशानी में हैं। उन्होंने सरकार को एक अक्तूबर तक अल्टीमेटम दिया है। उनकी न सुनी गई तो वे हड़ताल पर जाएंगे।

दरअसल, राइस मिलर पिछले कई दिन से केंद्र सरकार की ओर से सीएमआर को लेकर जारी की गई पॉलिसी को लेकर हड़ताल कर रहे हैं। ऐसे में अभी तक राइस मिलरों ने पीआर किस्म के धान की खरीद शुरू नहीं की है।
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राइस मिलरों ने भी कई दिन से धान की खरीद बंद की है। सोमवार को सीएमआर पॉलिसी के विरोध में राइस मिलरों ने अग्रवाल धर्मशाला में बैठक की। बैठक में सरकार से मांगें पूरी करवाने को लेकर आंदोलन की रणनीति बनाई है। बता दें कि केंद्र सरकार ने हाल ही में सीएमआर पॉलिसी बनाई है।
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इस पॉलिसी में पांच मांगों को पूरा करने की मांग आढ़तियों ने की है। यदि यह पांच मांगें आगामी एक अक्तूबर तक पूरी नहीं की गई तो राइस मिलर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।

राइस मिलरों के लिए नई पॉलिसी जारी की ः राइस मिलर एसोसिएशन के प्रधान सचिन मित्तल ने बताया कि सरकार ने धान की खरीद को लेकर राइस मिलरों के लिए नई पॉलिसी जारी की है। इस पॉलिसी में कुछ बदलाव किए हैं। इसमें सबसे मुख्य 25 प्रतिशत ब्रोकन सरकार की ओर से मांगना। इसे कम किया जाए।


प्रधान ने बताया कि ईल्ड (उत्पादन) 67 प्रतिशत मांगा जाता है। इसे भी 60 प्रतिशत किया जाए। इसके साथ ही ड्राइज एक प्रतिशत मिलता था, उसे आधा प्रतिशत कर दिया गया है। मिलिंग चार्ज 10 रुपये प्रति क्विंटल है। इसे बढ़ाया नहीं गया है। इसे बढ़ाने की मांग है। जबकि महंगाई के हिसाब से चार्ज बढ़ाया जाए। इसे 100 रुपये किया जाना चाहिए।

राइस मिलरों की ये हैं मुख्य मांगें-

- 67 किलो की बजाय प्रति क्विंटल 60 किलो चावल लिया जाए।

- 10 रुपये मिलिंग चार्ज को बढ़ाकर 120 रुपये किया जाए।

- सरकार धान के टुकड़ा को 25 प्रतिशत लेती है। इसे बढ़ाकर 35 प्रतिशत किया जाए।

- धान सीजन शुरू होने से पहले जो पॉलिसी बनाई जाए, उसमें बदलाव न हो।

- मंडियों में खरीदे गए धान के रखरखाव को लेकर पहले ही गोदामों को फाइनल किया जाए।

- चावल की डिलीवरी के लिए दिए गए 15 मार्च के समय को बढा़कर 30 जून तक किया जाए।
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