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ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन 13 को करेगा प्रदर्शन : राजकुमार
Mon, 11 Aug 2025 03:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 11 Aug 2025 03:51 AM IST
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ढांड। ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष कामरेड राजकुमार सारसा व जिला सचिव कामरेड कृष्ण चंद ने ढांड स्थित कार्यालय में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 13 अगस्त को जिला स्तर पर ट्रम्प और मोदी के पुतले जला कर कारपोरेट भारत छोड़ो दिवस मनाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हमारे देश के किसानों व अन्य मेहनतकशों के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। खेती में लागत लगातार बढ़ती जा रही है और आमदनी घटती जा रही है। घाटे के कारण किसान लगातार कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2014 के चुनावों में भाजपा ने ढोल पीट-पीट कर किसानों के बैंक कर्ज खत्म करने और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुसार लागत से डेढ़ गुना (सी 2+50 प्रतिशत) फार्मूले पर न्यूनतम समर्थन मूल्य देने का वादा किया था। सत्ता में आने पर उसने वादा-खिलाफी शुरू कर दी।किसानों पर तीन काले कृषि कानून थोप दिये थे। जिसके खिलाफ दिल्ली के बाॅर्डरों पर 13 महीने तक चलाए गए वीरतापूर्ण अभूतपूर्व ऐतिहासिक आंदोलन में 736 किसानों ने अपना जीवन कुर्बान कर मोदी सरकार व उसके आका अडानी-अम्बानियों के घुटने टिका दिए थे। उन काले कानूनों को रद्द करने के लिए मजबूर कर दिया था। उन्होंने कहा कि तब मोदी सरकार ने किसानों से एमएसपी लागू करने और बिजली के निजीकरण के विधेयक को रद्द करने का लिखित वादा किया था, लेकिन अब इससे भी वह मुकर गई। इसके विरोध स्वरूप मोदी व ट्रंप के पुतले पुकार जाएंगे।
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उन्होंने कहा कि हमारे देश के किसानों व अन्य मेहनतकशों के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। खेती में लागत लगातार बढ़ती जा रही है और आमदनी घटती जा रही है। घाटे के कारण किसान लगातार कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 2014 के चुनावों में भाजपा ने ढोल पीट-पीट कर किसानों के बैंक कर्ज खत्म करने और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश के अनुसार लागत से डेढ़ गुना (सी 2+50 प्रतिशत) फार्मूले पर न्यूनतम समर्थन मूल्य देने का वादा किया था। सत्ता में आने पर उसने वादा-खिलाफी शुरू कर दी।किसानों पर तीन काले कृषि कानून थोप दिये थे। जिसके खिलाफ दिल्ली के बाॅर्डरों पर 13 महीने तक चलाए गए वीरतापूर्ण अभूतपूर्व ऐतिहासिक आंदोलन में 736 किसानों ने अपना जीवन कुर्बान कर मोदी सरकार व उसके आका अडानी-अम्बानियों के घुटने टिका दिए थे। उन काले कानूनों को रद्द करने के लिए मजबूर कर दिया था। उन्होंने कहा कि तब मोदी सरकार ने किसानों से एमएसपी लागू करने और बिजली के निजीकरण के विधेयक को रद्द करने का लिखित वादा किया था, लेकिन अब इससे भी वह मुकर गई। इसके विरोध स्वरूप मोदी व ट्रंप के पुतले पुकार जाएंगे।
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