{"_id":"68f1491aab03611b2f027da0","slug":"advocating-for-connecting-people-to-their-roots-kaithal-news-c-245-1-kht1010-139466-2025-10-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: लोगों को जड़ से जुड़ने की वकालत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: लोगों को जड़ से जुड़ने की वकालत
Fri, 17 Oct 2025 01:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 17 Oct 2025 01:05 AM IST
विज्ञापन
16kht_29पूंडरी में मुख्य वक्ता को सम्मानित करते प्राचार्य व स्टाफ सदस्य।
संवाद न्यूज एजेंसी
पूंडरी। डीएवी कालेज पूंडरी में वीरवार को आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के विभाग की ओर से आत्मनिर्भर भारत विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य वक्ता डॉ. कृष्ण चंद ने लोगों को जड़ से जुड़ने की वकालत की।
कार्यक्रम की शुरुआत में कॉलेज के कार्यकारी प्राचार्य मेजर डॉ. राजेश तुरान ने मुख्य वक्ता का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया और उनके विचारों को विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया। डॉ. तुरान ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का सपना तभी साकार होगा जब युवा शिक्षा के साथ-साथ रोजगार सृजन की दिशा में भी आगे बढ़ेंगे।
मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व रजिस्ट्रार केयूके डॉ. कृष्ण चंद ने कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हमें स्वदेश, स्वभाषा और स्वभूषा को अपनाना होगा। अपनी जड़ों से जुड़े बिना सच्चे अर्थों में आत्मनिर्भर नहीं बन सकते।
विज्ञापन
डॉ. रल्हाण ने युवाओं और विद्यार्थियों से अपील की कि वे ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण भाव से कार्य करें। उन्हें स्वदेशी वस्तुएं अपनानी, स्वदेशी भाषा में संवाद करना और भारतीय संस्कृति की पोशाक का सम्मान करना चाहिए। उनका कहना था कि यही विकसित और आत्मनिर्भर भारत का वास्तविक मार्ग है।
प्राचार्य डॉ. राजेश तुरान और शिक्षकों ने मुख्य वक्ता को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। मंच संचालन हिंदी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर सुनील कुमार ने किया। यह संगोष्ठी प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के तहत आयोजित की गई थी।
विज्ञापन
पूंडरी। डीएवी कालेज पूंडरी में वीरवार को आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के विभाग की ओर से आत्मनिर्भर भारत विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें मुख्य वक्ता डॉ. कृष्ण चंद ने लोगों को जड़ से जुड़ने की वकालत की।
कार्यक्रम की शुरुआत में कॉलेज के कार्यकारी प्राचार्य मेजर डॉ. राजेश तुरान ने मुख्य वक्ता का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया और उनके विचारों को विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया। डॉ. तुरान ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का सपना तभी साकार होगा जब युवा शिक्षा के साथ-साथ रोजगार सृजन की दिशा में भी आगे बढ़ेंगे।
विज्ञापन
मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व रजिस्ट्रार केयूके डॉ. कृष्ण चंद ने कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भारत को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हमें स्वदेश, स्वभाषा और स्वभूषा को अपनाना होगा। अपनी जड़ों से जुड़े बिना सच्चे अर्थों में आत्मनिर्भर नहीं बन सकते।
विज्ञापन
डॉ. रल्हाण ने युवाओं और विद्यार्थियों से अपील की कि वे ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण भाव से कार्य करें। उन्हें स्वदेशी वस्तुएं अपनानी, स्वदेशी भाषा में संवाद करना और भारतीय संस्कृति की पोशाक का सम्मान करना चाहिए। उनका कहना था कि यही विकसित और आत्मनिर्भर भारत का वास्तविक मार्ग है।
प्राचार्य डॉ. राजेश तुरान और शिक्षकों ने मुख्य वक्ता को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। मंच संचालन हिंदी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर सुनील कुमार ने किया। यह संगोष्ठी प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के तहत आयोजित की गई थी।