फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Advice on using traditional coarse grains in food

Kaithal News: खानपान में पारंपरिक मोटा अनाज के प्रयोग की सलाह

Fri, 06 Oct 2023 12:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Fri, 06 Oct 2023 12:46 AM IST
विज्ञापन
Advice on using traditional coarse grains in food
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कैथल। लघु सचिवालय परिसर में दी माइलस्टोन स्कूल की ओर से मीलिट जागरूकता रैली निकाली। इसमें स्कूल के कक्षा नौंवी से 12वीं के लगभग 250 बच्चों ने भाग लिया। सचिवालय से पिहोवा चौक व पिहोवा चौक से वापस लघु सचिवालय में रैली का समापन हुआ। रैली में पोस्टर लेकर लोगों को मोटा अनाज पोषण को लेकर जागरूक किया। एसडीएम कपिल कुमार ने हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया। वहीं डीसी ने सभी बच्चों का स्वागत किया और मोटे अनाज के फायदे बताए। डीसी प्रशांत पंवार ने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति को गेहूं व धान के साथ-साथ पारंपरिक मोटे अनाज बाजरा, ज्वार, मक्का को शामिल करना चाहिए, क्योंकि इन अनाजों में पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जोकि हमारी रोग-प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी करने का कार्य करता है। इस बात की महत्ता को देखते हुए वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय मीलिट वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है।

डीसी कहा कि आज के समय में पोषक तत्वों की कमी के लक्षण हर महिला और बच्चों में दिखाई दे रहे हैं, जिसका मुख्य कारण अपने पारंपरिक मोटे अनाजों को छोडक़र गेहूं और धान तक सीमित होना है। सभी मोटे अनाज गुणों से भरपूर हैं।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि बाजरा ऊर्जा से भरपूर, प्रोटीन का उत्तम स्त्रोत, खनिज लवणों व रेशों से भरपूर और मोटापा, मधुमेह व दिल के मरीजों के लिए उत्तम अनाज है क्योंकि इसमें ऊर्जा 350-370 कैलोरी, प्रोटीन नौ से14 प्रतिशत, मिनिरल दो से तीन प्रतिशत, व फाइबर एक से दो प्रतिशत पाए जाते हैं। बाजरा से बिस्कुट, पास्ता, नोड्युल, केक, सेवियां, नमकीन, लड्डू, शक्करपारा व बहुत सारे अन्य स्वादिष्ट व्यंजन बनाए जा सकते हैं और ये व्यंजन काफी पसंद किए जा रहे हैं। ये सभी व्यंजन बच्चों, बूढ़ों, गर्भवती व धात्री मां के भोजन के लिए पौष्टिक एवं उपयुक्त हैं। किसान ज्यादा से ज्यादा क्षेत्र में मोटे अनाज की खेती करने का कष्ट करें ताकि उच्च गुणवत्ता से भरपूर अनाज आम जनमानस के लिए उपलब्ध करवाया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रधानाचार्य अतुल शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर मोटा अनाज पोषण के प्रति लोगों को रैली के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed