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संगतपुरा में बंद किए गए टोल बैरियर खुलवाने पहुंचा प्रशासनिक अमला
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Administrative staff reached to open the closed toll barrier in Sangatpura
- फोटो : Kaithal
गांव संगतपुरा में कैथल-खनौरी मार्ग पर स्थित सरकारी टोल बैरियर पर जारी किसानों के धरने को खत्म करवाने के लिए पहुंचे प्रशासनिक अमले से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही भारी संख्या में किसान मौके पर पहुंच गए और प्रशासन को अपनी कार्रवाई रोकनी पड़ी। सांय तक प्रशासनिक टीम मौके पर ही तैनात थी। वहीं किसान धरने पर डटे हुए हैं।
कैथल-खनौरी मार्ग पर तीन माह से लगातार धरना जारी है। यहां पीडब्ल्यूडी विभाग का टोल बैरियर है। जिसे किसानों ने फ्री किया हुआ है। शनिवार को दोपहर के समय तीन बसों व दो-तीन गाड़ियों में सवार होकर पुलिस बल व प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों से टोल बैरियर शुरू करने के लिए कहा। लेकिन प्रशासन के पहुंचने की सूचना मिलते ही आस-पास के गांवों से भारी संख्या में किसान मौके पर पहुंच गए। लोगों की भीड़ बढ़ती देख प्रशासन ने कार्रवाई रोक दी। देर सांय तक प्रशासनिक अमला मौके पर ही मौजूद रहा और किसान भी धरने पर डटे हुए हैं।
दूसरी ओर किसान नेता भरत सिंह बैनीवाल, अनिल गुर्जर, महेंद्र सिंह व सुरजीत सिंह बैनीवाल ने बताया कि जिला प्रशासन संगतपुरा टोल को चालू करवाने के लिए पूरे अमले के साथ तैनात है। यदि कैथल प्रशासन ने संगतपुरा टोल पर लगातार साढ़े तीन महीने से धरना दे रहे किसानों को जबरन उठाने का प्रयास किया तो उसकी चिंगारी पूरे प्रदेश में फैल जाएगी। इसके पश्चात जो भी परिणाम होंगे, उसके जिम्मेवार सरकार व जिला प्रशासन होंगे। टौल पर गुरनाम सिंह सांघन, अमरीक सिंह चक पाडला, तरलोक सिंह लैंडर कीमा व रामफल नौच ने कहा कि सरकार कोरोना का बहाना बनाकर या मानवता की दुहाई देकर आंदोलन को तोडऩे की कोशिश कर रही है। किसान इससे डरने वाले नहीं हैं। प्रदर्शनकारियों को संदीप भाल, नरेश मलिक, बिंदर सिरटा, सतपाल, प्रेम सिंह, काला व जोरा संगतपुरा मौजूद थे।
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एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि किसानों से बातचीत की गई है। अभी बातचीत सिरे नहीं चढ़ी है। उम्मीद है कि सकारात्मक परिणाम निकल जाए। इस संबंध में एसपी लोकेंद्र सिंह ने किसानों से टोल पर जारी धरना समाप्त करने का आग्रह करने के लिए पुलिस बल गया था। किसानों को मनाने का प्रयास जारी है। किसान अभी माने नहीं हैं।
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कैथल-खनौरी मार्ग पर तीन माह से लगातार धरना जारी है। यहां पीडब्ल्यूडी विभाग का टोल बैरियर है। जिसे किसानों ने फ्री किया हुआ है। शनिवार को दोपहर के समय तीन बसों व दो-तीन गाड़ियों में सवार होकर पुलिस बल व प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों से टोल बैरियर शुरू करने के लिए कहा। लेकिन प्रशासन के पहुंचने की सूचना मिलते ही आस-पास के गांवों से भारी संख्या में किसान मौके पर पहुंच गए। लोगों की भीड़ बढ़ती देख प्रशासन ने कार्रवाई रोक दी। देर सांय तक प्रशासनिक अमला मौके पर ही मौजूद रहा और किसान भी धरने पर डटे हुए हैं।
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दूसरी ओर किसान नेता भरत सिंह बैनीवाल, अनिल गुर्जर, महेंद्र सिंह व सुरजीत सिंह बैनीवाल ने बताया कि जिला प्रशासन संगतपुरा टोल को चालू करवाने के लिए पूरे अमले के साथ तैनात है। यदि कैथल प्रशासन ने संगतपुरा टोल पर लगातार साढ़े तीन महीने से धरना दे रहे किसानों को जबरन उठाने का प्रयास किया तो उसकी चिंगारी पूरे प्रदेश में फैल जाएगी। इसके पश्चात जो भी परिणाम होंगे, उसके जिम्मेवार सरकार व जिला प्रशासन होंगे। टौल पर गुरनाम सिंह सांघन, अमरीक सिंह चक पाडला, तरलोक सिंह लैंडर कीमा व रामफल नौच ने कहा कि सरकार कोरोना का बहाना बनाकर या मानवता की दुहाई देकर आंदोलन को तोडऩे की कोशिश कर रही है। किसान इससे डरने वाले नहीं हैं। प्रदर्शनकारियों को संदीप भाल, नरेश मलिक, बिंदर सिरटा, सतपाल, प्रेम सिंह, काला व जोरा संगतपुरा मौजूद थे।
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एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि किसानों से बातचीत की गई है। अभी बातचीत सिरे नहीं चढ़ी है। उम्मीद है कि सकारात्मक परिणाम निकल जाए। इस संबंध में एसपी लोकेंद्र सिंह ने किसानों से टोल पर जारी धरना समाप्त करने का आग्रह करने के लिए पुलिस बल गया था। किसानों को मनाने का प्रयास जारी है। किसान अभी माने नहीं हैं।