फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Accused who fled with a female student's mobile phone convicted; he had asked for the phone in the college canteen under the pretext of calling his daughter.

Kaithal News: छात्रा से मोबाइल लेकर भागने वाला आरोपी दोषी करार, बेटी को फोन करने के बहाने कॉलेज कैंटीन में छात्रा से मांगा था मोबाइल

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 16 Sep 2026 11:45 PM IST
विज्ञापन
Accused who fled with a female student's mobile phone convicted; he had asked for the phone in the college canteen under the pretext of calling his daughter.
कैथल। गुहला चीका के एक कॉलेज की कैंटीन में बेटी को फोन करने के बहाने छात्रा से मोबाइल लेकर भागने के मामले में गुहला अदालत ने आरोपी हरपिंदर सिंह को धारा 406 के तहत दोषी करार दिया है। वहीं धारा 201 के आरोप में पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर उसे बरी कर दिया गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी राजविंदर सिंह की अदालत ने यह फैसला सुनाया।
विज्ञापन


बेटी से बात करने के बहाने मांगा था मोबाइल

अदालत के अनुसार शिकायतकर्ता सिमरन बीकॉम की छात्रा थी। 1 दिसंबर 2020 को वह कॉलेज की कैंटीन में मौजूद थी। इस दौरान एक व्यक्ति उसके पास आया और अपनी बेटी को फोन करने की बात कहकर मोबाइल मांगा। छात्रा ने उसे फोन दे दिया लेकिन वह मोबाइल लेकर वहां से भाग गया। शिकायत के आधार पर चीका थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच की।
विज्ञापन

सीडीआर से आरोपी तक पहुंची पुलिस
जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल के आईएमईआई नंबरों के आधार पर साइबर सेल से सीडीआर प्राप्त की। इसके बाद 10 फरवरी 2021 को मोबाइल आरोपी की पत्नी से बरामद किया गया। पुलिस ने आरोपी हरपिंदर सिंह को जांच में शामिल कर उसके बयान के आधार पर मोबाइल और घटनास्थल की पहचान की कार्रवाई भी कराई। मामले में अभियोजन पक्ष ने नौ गवाह पेश किए। शिकायतकर्ता ने अदालत में आरोपी की पहचान की और घटना के संबंध में गवाही दी। अदालत ने माना कि दोनों की गवाही एक-दूसरे से पुष्ट होती है। मोबाइल की बरामदगी और उसकी पहचान से भी अभियोजन का पक्ष मजबूत हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन


धारा 201 का आरोप साबित नहीं हुआ
अदालत ने कहा कि धारा 201 के तहत अभियोजन का मामला मुख्य रूप से इस आधार पर था कि मोबाइल की सिम क्षतिग्रस्त कर दी गई थी। हालांकि क्षतिग्रस्त सिम बरामद नहीं हुई और इसके संबंध में स्वतंत्र साक्ष्य भी सामने नहीं आया। इसलिए आरोपी के खिलाफ धारा 201 के आरोप को संदेह से परे साबित नहीं माना गया और उसे इस आरोप से बरी कर दिया गया।


अदालत ने पाया कि छात्रा ने सीमित उद्देश्य से आरोपी को मोबाइल सौंपा था लेकिन उसने फोन वापस नहीं किया और उसे अपने पास रख लिया। मोबाइल की बरामदगी समेत अभियोजन साक्ष्यों के आधार पर दोषी ठहराया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed