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Kaithal News: कार्तिक पूर्णिमा पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़

Thu, 06 Nov 2025 03:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Thu, 06 Nov 2025 03:34 AM IST
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A huge crowd of devotees gathered on Kartik Purnima
5केएलटी1: कार्तिक माह की कथा सुनाते पुजारी अनिरुद्ध गौतम
कलायत। कार्तिक मास की पूर्णिमा पर कलायत के श्री कपिल मुनि धाम में भक्तों की भारी भीड़ जुटी। अल सुबह श्रद्धालुओं ने पवित्र तीर्थ में स्नान कर दीपदान किया और कार्तिक मास की कथा का श्रवण किया। कार्तिक माह के शुरू होने के साथ ही श्री कपिल मुनि मंदिर में कथा सुनाने का कार्य भी शुरू हो जाता है। कृष्ण पक्ष के पहले दिन से शुरू होने वाली कथा का समापन माह की पूर्णिमा को शाही स्नान के साथ होता है। मंदिर में कार्तिक मास की कथा पुजारी अनिरुद्ध गौतम कर रहे हैं। व्यास गौतम ने कहा कि कार्तिक माह में पौराणिक तीर्थ में स्नान करने का इसलिए विशेष महत्व है क्योंकि इस माह में सभी देवी देवता पौराणिक तीर्थों में वास करते है। उन्होंने कहा कि कथा सुनने से भी अधिक तीर्थ में डुबकी लगाने का पुण्य माना जाता। पुराणों के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा व देव दीवाली को तीर्थ में स्नान करने से गंगासागर जैसा पुण्य मिलता है। उन्होंने कहा कि इस माह में दीप का दान सबसे बड़ा दान माना जाता है। उन्होंने कहा कि इस पूर्णिमा पर सभी देवता, चारों वेद व भगवान स्वयं जल में निवास करते हैं। उन्होंने कहा कि पूरे माह व्रत रखने वाले व आसमान का तारा देखकर भोजन करने वाले श्रद्धालु भक्तों के आज कपिल तीर्थ में स्नान करने पर न केवल मोक्ष की प्राप्ति होती है बल्कि मनोकामना भी पूर्ण होती है। उन्होंने कहा कि श्री कपिल मुनि जी ने जब अवतार लिया, तो उस समय सतयुग समाप्त हो रहा था तथा त्रेता युग का आरंभ हो रहा था जिसका वर्णन श्रीमद्भागवत में है। श्री कपिल मुनि जी को श्रीमद्भागवत के अनुसार ही पंचम अवतार माना गया है।
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उन्होंने कहा कि कपिल मुनि जी ने अपनी माता देवहूति को सांख्य शास्त्र का ज्ञान दिया था, जिसके कारण उन्हें ज्ञान का अवतार भी कहा जाता है। उन्होंने कहा कि महाराज कुरु ने इस तीर्थ को कुरुक्षेत्र की भूमि में शामिल किया था, जिसके चलते कुरुक्षेत्र की 48 कोस की परिधि में आने वाले इस तीर्थ का महत्व और भी बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि आज के दिन ही गुरु नानक देव जी का जन्म हुआ था। जिन्होंने नाम की महिमा का बखूबी वर्णन किया तथा नाम जाप करने से मनुष्य को मिलने वाले फल के बारे में ज्ञान दिया। पुजारी ने कहा कि इस माह में हमें बुराइयों का छोडने का संकल्प लेना चाहिए। मेला परिसर में श्री श्याम सेवा मंडल ने भंडारा भी किया। कार्तिक पूर्णिमा मेले में व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी मुस्तैद रहा।

5केएलटी1: कार्तिक माह की कथा सुनाते पुजारी अनिरुद्ध गौतम

5केएलटी1: कार्तिक माह की कथा सुनाते पुजारी अनिरुद्ध गौतम

5केएलटी1: कार्तिक माह की कथा सुनाते पुजारी अनिरुद्ध गौतम

5केएलटी1: कार्तिक माह की कथा सुनाते पुजारी अनिरुद्ध गौतम

5केएलटी1: कार्तिक माह की कथा सुनाते पुजारी अनिरुद्ध गौतम

5केएलटी1: कार्तिक माह की कथा सुनाते पुजारी अनिरुद्ध गौतम

5केएलटी1: कार्तिक माह की कथा सुनाते पुजारी अनिरुद्ध गौतम

5केएलटी1: कार्तिक माह की कथा सुनाते पुजारी अनिरुद्ध गौतम

5केएलटी1: कार्तिक माह की कथा सुनाते पुजारी अनिरुद्ध गौतम

5केएलटी1: कार्तिक माह की कथा सुनाते पुजारी अनिरुद्ध गौतम

5केएलटी1: कार्तिक माह की कथा सुनाते पुजारी अनिरुद्ध गौतम

5केएलटी1: कार्तिक माह की कथा सुनाते पुजारी अनिरुद्ध गौतम

5केएलटी1: कार्तिक माह की कथा सुनाते पुजारी अनिरुद्ध गौतम

5केएलटी1: कार्तिक माह की कथा सुनाते पुजारी अनिरुद्ध गौतम

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