{"_id":"5c798351bdec2273aa6bc3e3","slug":"81551467345-kaithal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"इस बार महाशिवरात्रि पर बन रहा दुर्लभ संयोग, मंदिरों में तैयारियां जोरो पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इस बार महाशिवरात्रि पर बन रहा दुर्लभ संयोग, मंदिरों में तैयारियां जोरो पर
विज्ञापन
इस बार महाशिवरात्रि पर बन रहा दुर्लभ संयोग, मंदिरों में तैयारियां जोरों पर
फोटो नंबर-10
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। महाशिवरात्रि को लेकर इस बार दुर्लभ संयोग बन रहा है। जिसको लेकर शहर के मंदिरों में तैयारियां जोरों पर है। हनुमान वाटिका के पंडित विशाल शर्मा ने बताया कि सोमवार को महाशिवरात्रि का होना बहुत शुभ माना गया है। सोमवार को भगवान शिव की पूजा करने से विशेष फल मिलता है। इसमें वेदाध्ययन, आध्यात्मिक चिंतन और बौद्धिक कार्य करना भी शुभ माने जाते हैं। कहा जाता है कि शिव योग में पूजन, जागरण और उपवास करने वाले मनुष्य का पुनर्जन्म नहीं होता।
सर्वार्थसिद्घि योग भी बन रहे : पं. शर्मा ने बताया कि महाशिवरात्रि पर श्रवण और घनिष्ठा नक्षत्र होने से सिद्धि एवं शुभ नाम के योग बन रहे हैं। वहीं तिथि, वार और नक्षत्र मिलकर सर्वार्थसिद्धि योग भी बना रहे हैं। इन 3 शुभ योगों के कारण महाशिवरात्रि का पर्व और भी खास हो गया है। इन शुभ योगों में शिवजी की पूजा सफल हो जाती है। वहीं हर तरह की खरीदारी और शुभ काम इन योगों में किए जा सकते हैं।
महामृत्युंजय मंत्र का जाप फलदायक : पं. शर्मा ने बताया कि महाशिवरात्रि का दिन भगवान शिव के लिए बहुत महत्वपूर्ण दिन है क्योंकि इस दिन शिव और शक्ति मिलन हुआ था। शिवपुराण के रुद्रसंहिता में बताया गया है कि महाशिवरात्रि पर महामृत्युंजय मंत्र का जप विशेष फलदायक हो सकता है। शिव पुराण के अनुसार महामृत्युंजय मंत्र जप से भक्त अपनी मनोकामना भी पूरी कर सकता है। इस साल महाशिवरात्रि पर महासंयोग बना है जिसमें इस मंत्र के जप से आप अपनी मनोकामना पूरी कर सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
फोटो नंबर-10
अमर उजाला ब्यूरो
कैथल। महाशिवरात्रि को लेकर इस बार दुर्लभ संयोग बन रहा है। जिसको लेकर शहर के मंदिरों में तैयारियां जोरों पर है। हनुमान वाटिका के पंडित विशाल शर्मा ने बताया कि सोमवार को महाशिवरात्रि का होना बहुत शुभ माना गया है। सोमवार को भगवान शिव की पूजा करने से विशेष फल मिलता है। इसमें वेदाध्ययन, आध्यात्मिक चिंतन और बौद्धिक कार्य करना भी शुभ माने जाते हैं। कहा जाता है कि शिव योग में पूजन, जागरण और उपवास करने वाले मनुष्य का पुनर्जन्म नहीं होता।
सर्वार्थसिद्घि योग भी बन रहे : पं. शर्मा ने बताया कि महाशिवरात्रि पर श्रवण और घनिष्ठा नक्षत्र होने से सिद्धि एवं शुभ नाम के योग बन रहे हैं। वहीं तिथि, वार और नक्षत्र मिलकर सर्वार्थसिद्धि योग भी बना रहे हैं। इन 3 शुभ योगों के कारण महाशिवरात्रि का पर्व और भी खास हो गया है। इन शुभ योगों में शिवजी की पूजा सफल हो जाती है। वहीं हर तरह की खरीदारी और शुभ काम इन योगों में किए जा सकते हैं।
विज्ञापन
महामृत्युंजय मंत्र का जाप फलदायक : पं. शर्मा ने बताया कि महाशिवरात्रि का दिन भगवान शिव के लिए बहुत महत्वपूर्ण दिन है क्योंकि इस दिन शिव और शक्ति मिलन हुआ था। शिवपुराण के रुद्रसंहिता में बताया गया है कि महाशिवरात्रि पर महामृत्युंजय मंत्र का जप विशेष फलदायक हो सकता है। शिव पुराण के अनुसार महामृत्युंजय मंत्र जप से भक्त अपनी मनोकामना भी पूरी कर सकता है। इस साल महाशिवरात्रि पर महासंयोग बना है जिसमें इस मंत्र के जप से आप अपनी मनोकामना पूरी कर सकते हैं।
विज्ञापन