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Kaithal News: निशुल्क शिविर में 490 मरीजों की जांच, बांटी आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक दवाएं
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शिविर में मरीजों की जांच करते आयुर्वेद विशेषज्ञ। विज्ञप्ति
- फोटो : 1
कैथल। 11वें राष्ट्रीय आयुर्वेद दिवस के उपलक्ष्य में पुरानी सैनी धर्मशाला चंदाना गेट और आयुष ग्राम सिसमोर स्थित श्री खाटू श्याम मंदिर में नि:शुल्क स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए। शिविरों में लोगों की स्वास्थ्य जांच करने के साथ आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक चिकित्सा से संबंधित जानकारी दी गई। दोनों स्थानों पर कुल 490 मरीजों को नि:शुल्क औषधियां वितरित की गईं।
सैनी धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंजलि श्योकंद और पंचकर्मा थैरेपिस्ट अंजू ने दीप प्रज्वलित कर किया। मुख्य अतिथि धर्मशाला प्रधान डॉ. सीबी सैनी रहे। डॉ. रमेश और डॉ. अंजलि श्योकंद ने आयुर्वेदिक औषधियों के पोषण में योगदान, खान-पान के नियम और घरेलू रसोई में मौजूद मसालों के उपयोग के बारे में जानकारी दी। बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य से संबंधित सावधानियां भी बताई गईं। इस वर्ष आयुर्वेद दिवस की थीम आयुर्वेद फॉर पीपल एंड प्लानेट रखी गई है।
डॉ. राजेंद्र, डॉ. रमेश कुमार और डॉ. प्रदीप शर्मा ने औषधीय पौधों का वितरण किया और उनके उपयोग की जानकारी दी। चिकित्सा अधिकारियों ने मरीजों की जांच की। सैनी धर्मशाला में 265 मरीजों को आयुर्वेदिक और 42 मरीजों को होम्योपैथिक औषधियां नि:शुल्क दी गईं। पंचकर्म विशेषज्ञों ने पंचकर्म पद्धति के माध्यम से स्वस्थ रहने के उपाय बताए। शिविर में आयुष योग सहायकों ने छात्राओं और अन्य लोगों को योग, प्राणायाम और विभिन्न आसनों का अभ्यास कराया। भस्त्रिका, अनुलोम-विलोम, ताड़ासन, वृक्षासन, पद्मासन और सर्वांगासन के लाभ विधि और सावधानियों की जानकारी दी गई।
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आयुष ग्राम सिसमोर में भी नि:शुल्क शिविर लगाया गया। यहां 183 मरीजों को आयुर्वेदिक औषधियां वितरित की गईं। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. शकुंतला दहिया ने लोगों से आयुष पद्धतियों को अपनाने और स्वस्थ जीवनशैली के लिए नियमित दिनचर्या खान-पान योग और व्यायाम पर ध्यान देने का आह्वान किया।
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सैनी धर्मशाला में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंजलि श्योकंद और पंचकर्मा थैरेपिस्ट अंजू ने दीप प्रज्वलित कर किया। मुख्य अतिथि धर्मशाला प्रधान डॉ. सीबी सैनी रहे। डॉ. रमेश और डॉ. अंजलि श्योकंद ने आयुर्वेदिक औषधियों के पोषण में योगदान, खान-पान के नियम और घरेलू रसोई में मौजूद मसालों के उपयोग के बारे में जानकारी दी। बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य से संबंधित सावधानियां भी बताई गईं। इस वर्ष आयुर्वेद दिवस की थीम आयुर्वेद फॉर पीपल एंड प्लानेट रखी गई है।
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डॉ. राजेंद्र, डॉ. रमेश कुमार और डॉ. प्रदीप शर्मा ने औषधीय पौधों का वितरण किया और उनके उपयोग की जानकारी दी। चिकित्सा अधिकारियों ने मरीजों की जांच की। सैनी धर्मशाला में 265 मरीजों को आयुर्वेदिक और 42 मरीजों को होम्योपैथिक औषधियां नि:शुल्क दी गईं। पंचकर्म विशेषज्ञों ने पंचकर्म पद्धति के माध्यम से स्वस्थ रहने के उपाय बताए। शिविर में आयुष योग सहायकों ने छात्राओं और अन्य लोगों को योग, प्राणायाम और विभिन्न आसनों का अभ्यास कराया। भस्त्रिका, अनुलोम-विलोम, ताड़ासन, वृक्षासन, पद्मासन और सर्वांगासन के लाभ विधि और सावधानियों की जानकारी दी गई।
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आयुष ग्राम सिसमोर में भी नि:शुल्क शिविर लगाया गया। यहां 183 मरीजों को आयुर्वेदिक औषधियां वितरित की गईं। जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. शकुंतला दहिया ने लोगों से आयुष पद्धतियों को अपनाने और स्वस्थ जीवनशैली के लिए नियमित दिनचर्या खान-पान योग और व्यायाम पर ध्यान देने का आह्वान किया।

शिविर में मरीजों की जांच करते आयुर्वेद विशेषज्ञ। विज्ञप्ति- फोटो : 1