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Kaithal News: पराली प्रबंधन को 4400 किसानों ने किए आवेदन
Tue, 22 Oct 2024 03:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 22 Oct 2024 03:54 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। वीडियो कॉन्फ्रेंस हॉल में लघु सचिवालय में सोमवार को डीसी डॉ. विवेक भारती ने फसल अवशेष के संदर्भ में संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस मौके पर डीसी ने कहा कि प्रदूषण रोकने के लिए जिला प्रशासन की ओर से किसानों को पराली प्रबंधन करने के लिए जोर दिया जा रहा है।
पराली का इन सीटू तथा एक्स सीटू प्रबंधन करने वाले किसानों को सरकार की ओर से प्रति एकड़ एक हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस स्कीम का लाभ लेने के लिए जिला के 4400 किसानों ने पंजीकरण भी कर दिया है, जिसके तहत करीब 44 हजार एकड़ का क्षेत्र पंजीकृत हुआ है।
डीसी ने कहा कि सभी अधिकारी फील्ड में रहकर कार्य करें। ग्राम स्तर की टीमें किसानों को जागरूक करें और उन्हें फसल अवशेष प्रबंधन के लाभ व पराली जलाने से होने वाले नुकसान की जानकारी दी। वहीं, खंड स्तरीय टीमें के नोडल अधिकारी पुलिस विभाग के साथ मिलकर निरंतर फ्लैग मार्च निकालते रहें। बताया कि जिला में गत वर्ष पराली प्रबंधन करने वाले 21 हजार 485 किसानों को 21 करोड़ 88 लाख रुपये अनुदान स्वरूप दिए गए थे। इस बार भी पराली प्रबंधन करने वाले किसानों को अनुदान राशि दी जाएगी।
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उन्होंने कहा कि किसान इस स्कीम का लाभ लेने के लिए 30 नवंबर तक पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। कहा कि कृषि विभाग के अनुसार पराली प्रबंधन करके काफी किसानों ने अपनी आय में बढ़ोत्तरी की है और उन्हें जिले का नाम देश में रोशन किया है।
उन्होंने बताया कि मुख्यत: इन किसानों में फर्शमाजरा निवासी विरेंद्र यादव, गुहला से रामकुमार वाल्मीकि, सांघन से संदीप
सिंह, मालखेड़ी से विक्रम, शेरूखेड़ी से जोरा सिंह, हाबड़ी से जोरावर, जसवंती से गुरपाल, चीका से सिल्लू, राजौंद से नरेश, जाजनपुर से सुरेंद्र आदि ने पराली प्रबंधन पर अच्छा कार्य किया है।
किसानों को इन किसानों से प्रेरणा लेकर पराली प्रबंधन पर कार्य करना चाहिए, ताकि पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के साथ-साथ अपनी जमीन की उर्वरा शक्ति बढ़ा सकें। इस मौके पर एसपी राजेश कालिया, एडीसी बाबू लाल करवा, कलायत एसडीएम सत्यवान सिंह मान, गुहला एसडीएम कृष्ण कुमार, आरटीए गिरीश कुमार, डीडीए बाबू लाल, डीआईओ दीपक खुराना के अलावा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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कैथल। वीडियो कॉन्फ्रेंस हॉल में लघु सचिवालय में सोमवार को डीसी डॉ. विवेक भारती ने फसल अवशेष के संदर्भ में संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस मौके पर डीसी ने कहा कि प्रदूषण रोकने के लिए जिला प्रशासन की ओर से किसानों को पराली प्रबंधन करने के लिए जोर दिया जा रहा है।
पराली का इन सीटू तथा एक्स सीटू प्रबंधन करने वाले किसानों को सरकार की ओर से प्रति एकड़ एक हजार रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस स्कीम का लाभ लेने के लिए जिला के 4400 किसानों ने पंजीकरण भी कर दिया है, जिसके तहत करीब 44 हजार एकड़ का क्षेत्र पंजीकृत हुआ है।
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डीसी ने कहा कि सभी अधिकारी फील्ड में रहकर कार्य करें। ग्राम स्तर की टीमें किसानों को जागरूक करें और उन्हें फसल अवशेष प्रबंधन के लाभ व पराली जलाने से होने वाले नुकसान की जानकारी दी। वहीं, खंड स्तरीय टीमें के नोडल अधिकारी पुलिस विभाग के साथ मिलकर निरंतर फ्लैग मार्च निकालते रहें। बताया कि जिला में गत वर्ष पराली प्रबंधन करने वाले 21 हजार 485 किसानों को 21 करोड़ 88 लाख रुपये अनुदान स्वरूप दिए गए थे। इस बार भी पराली प्रबंधन करने वाले किसानों को अनुदान राशि दी जाएगी।
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उन्होंने कहा कि किसान इस स्कीम का लाभ लेने के लिए 30 नवंबर तक पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। कहा कि कृषि विभाग के अनुसार पराली प्रबंधन करके काफी किसानों ने अपनी आय में बढ़ोत्तरी की है और उन्हें जिले का नाम देश में रोशन किया है।
उन्होंने बताया कि मुख्यत: इन किसानों में फर्शमाजरा निवासी विरेंद्र यादव, गुहला से रामकुमार वाल्मीकि, सांघन से संदीप
सिंह, मालखेड़ी से विक्रम, शेरूखेड़ी से जोरा सिंह, हाबड़ी से जोरावर, जसवंती से गुरपाल, चीका से सिल्लू, राजौंद से नरेश, जाजनपुर से सुरेंद्र आदि ने पराली प्रबंधन पर अच्छा कार्य किया है।
किसानों को इन किसानों से प्रेरणा लेकर पराली प्रबंधन पर कार्य करना चाहिए, ताकि पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के साथ-साथ अपनी जमीन की उर्वरा शक्ति बढ़ा सकें। इस मौके पर एसपी राजेश कालिया, एडीसी बाबू लाल करवा, कलायत एसडीएम सत्यवान सिंह मान, गुहला एसडीएम कृष्ण कुमार, आरटीए गिरीश कुमार, डीडीए बाबू लाल, डीआईओ दीपक खुराना के अलावा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।