फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   19,000 streetlights have been installed, yet Jind Road bypass remains dark.

Kaithal News: 19 हजार स्ट्रीट लाइट लगाने का दावा, फिर भी जींद रोड बाईपास पर अंधेरा

Sat, 29 Nov 2025 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Sat, 29 Nov 2025 01:01 AM IST
विज्ञापन
19,000 streetlights have been installed, yet Jind Road bypass remains dark.
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कैथल। चार दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात... कुछ यही हाल इन दिनों कैथल का है। शाम ढलते ही शहर की कई सड़कें घने अंधेरे में डूब जाती हैं। नगर परिषद के दावों के मुताबिक, फिलहाल 19,000 लाइटें शहर में लगी हैं और 1000 और लगाने की तैयारी है। बावजूद इसके जींद रोड पर तोरण द्वार से लेकर जींद बाईपास तक कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें बंद हैं।

हालात यह हैं कि यहां से पैदल गुजरने वालों को डर के साये में सफर करना पड़ता है। अंधेरा बढ़ते ही असामाजिक तत्व सक्रिय हो जाते हैं, लेकिन नगर परिषद के अधिकारी गंभीर समस्या से मानो आंखें मूंदे हुए हैं।
विज्ञापन


नगर परिषद का कहना है कि शहर में नई लाइटें लगाई जा रही हैं और खराब लाइटें ठीक की जा रही हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे उलट है। सर्दी के मौसम में वैसे ही जल्दी अंधेरा घिर आता है, ऊपर से स्ट्रीट लाइटें भी खराब हों तो परेशानियों का अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं। वाहन चालकों और राहगीरों को हर रोज जोखिम झेलना पड़ रहा है। अंधेरा अपराधों को भी बढ़ावा देता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


शहर के कई वार्डों में गलियों की स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से खराब पड़ी हैं, जिनकी वजह से रात के समय हादसों की आशंका बढ़ गई है। नगर परिषद का कहना है कि 30 लाख रुपये का टेंडर जारी किया गया है, जिसके तहत करीब 14 हजार नई लाइटें लगाई जानी हैं। इनमें से लगभग 13 हजार लाइटें लग भी चुकी हैं। परिषद का कहना है कि पार्षदों की मांग के अनुसार लाइटें लगवाई जा रही हैं और खराब लाइटें भी दुरुस्त कराई जा रही हैं।

रात में डरते लोग ः लायंस क्लब पदाधिकारी व समाजसेवी प्रवेश बंसल बताते हैं कि शाम होते ही शहर का बड़ा हिस्सा अंधेरे में डूब जाता है। राहगीरों की परेशानी बढ़ने का मुख्य कारण सड़कों पर अंधेरा फैलना रहता है। हालात पर लोग कहते हैं कि जगमग शहर के दावे अंधेरे में गुम हैं और स्ट्रीट लाइटें शो-पीस जैसी हैं। महिलाओं को ज्यादा डर लगता है। देर रात शहर में आने वाले यात्रियों को भी डर सताता है। उन्होंने कहा कि नगर परिषद की ओर से लगाई गई कई लाइटें खराब हैं, जिन्हें ठीक कराया जाना चाहिए।


शहर में करीब 30 लाख रुपये की लागत से नई स्ट्रीट लाइटें लगाई जा रही हैं। पुरानी लाइटों में जहां खराबी है, वहां मरम्मत भी कराई जा रही है। जहां भी समस्या मिलेगी, उसका समाधान कराया जाएगा। -कपिल शर्मा, जिला नगर आयुक्त
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed