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भाई चारे की मिसाल बना गांव फिरोजपुर, फिरनी के लिए सहमति से खाली की जमीन
Updated Fri, 16 Nov 2018 12:29 AM IST
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भाई चारे की मिसाल बना गांव फिरोजपुर, फिरनी के लिए सहमति से खाली की जमीन
फोटो नंबर-24
अमर उजाला ब्यूरो
सीवन। गांव फिरोजपुर के ग्रामीणों ने आपस में पंचायत कर एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। गांव में फिरनी के अंदर आने वाली जमीन जिस किसी के कब्जे में है वह खाली कर दी जाए। चाहे उसमें किसी का खेत, मकान, कोठी, बाड़ा या कुछ भी जगह है। गांव की सड़क 33 फुट की है व फिरनी कागजों में 49 फुट की है। गांव के लोगों ने भाईचारा रखते हुए अपनी अपनी जमीन खाली करनी आरंभ कर दी। सरपंच गजे सिंह ने गांव के खेतों की तरफ से रिटेनिंग वाल बनानी आरंभ कर दी है, ब्लाक लगाये जा रहे है। व्फिरनी में दो मंजिलें मकान व कोठी तक लोग स्वयं गिरा रहे है। आम तौर पर देखने को मिलता है कि भाई भाई का जगह के लिए बैरी हो जाता है। थाना तहसीलों में इस प्रकार के केस रोजाना आते है। उसके बावजूद भी एक गांव में सहमति से फिरनी खाली करवाई जा रही है, सड़क इतनी चौड़ी लगती है कि जैसे किसी गांव में नही किसी बड़े शहर से गुजर रहे हों।
सरपंच गजे सिंह ने बताया कि सहमति से दो एकड़ भूमि मंदिर के पास भी खाली की गई है, जिसकी दीवार बनाई जा रही है। इसमें बच्चों को खेलने के लिए खेल मैदान व सामुदायिक केंद्र बनाया जाएगा। पानी के निकास के लिए पाईप लाईन डाली गई है, ताकि गांव के पास गंदा पानी जमा न हो। उन्होंने इस सहमति में लोगों का आभार जताया है।
दो मंजिला गिराये जा रहे:-मकान मालिक रणधीर उर्फ नन्द ने बताया कि उनका मकान फिरनी में आ रहा था। सहमति के बाद वह स्वयं ही अपना मकान गिरा रहे हैं। उन्हें इसका लेश मात्र भी दुख नही है। इस अवसर पर राजबीर, बलकार सिंह, सुलतान, सुरेंद्र शीशन, दलेर सिंह उपस्थित थे।
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फोटो नंबर-24
अमर उजाला ब्यूरो
सीवन। गांव फिरोजपुर के ग्रामीणों ने आपस में पंचायत कर एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। गांव में फिरनी के अंदर आने वाली जमीन जिस किसी के कब्जे में है वह खाली कर दी जाए। चाहे उसमें किसी का खेत, मकान, कोठी, बाड़ा या कुछ भी जगह है। गांव की सड़क 33 फुट की है व फिरनी कागजों में 49 फुट की है। गांव के लोगों ने भाईचारा रखते हुए अपनी अपनी जमीन खाली करनी आरंभ कर दी। सरपंच गजे सिंह ने गांव के खेतों की तरफ से रिटेनिंग वाल बनानी आरंभ कर दी है, ब्लाक लगाये जा रहे है। व्फिरनी में दो मंजिलें मकान व कोठी तक लोग स्वयं गिरा रहे है। आम तौर पर देखने को मिलता है कि भाई भाई का जगह के लिए बैरी हो जाता है। थाना तहसीलों में इस प्रकार के केस रोजाना आते है। उसके बावजूद भी एक गांव में सहमति से फिरनी खाली करवाई जा रही है, सड़क इतनी चौड़ी लगती है कि जैसे किसी गांव में नही किसी बड़े शहर से गुजर रहे हों।
सरपंच गजे सिंह ने बताया कि सहमति से दो एकड़ भूमि मंदिर के पास भी खाली की गई है, जिसकी दीवार बनाई जा रही है। इसमें बच्चों को खेलने के लिए खेल मैदान व सामुदायिक केंद्र बनाया जाएगा। पानी के निकास के लिए पाईप लाईन डाली गई है, ताकि गांव के पास गंदा पानी जमा न हो। उन्होंने इस सहमति में लोगों का आभार जताया है।
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दो मंजिला गिराये जा रहे:-मकान मालिक रणधीर उर्फ नन्द ने बताया कि उनका मकान फिरनी में आ रहा था। सहमति के बाद वह स्वयं ही अपना मकान गिरा रहे हैं। उन्हें इसका लेश मात्र भी दुख नही है। इस अवसर पर राजबीर, बलकार सिंह, सुलतान, सुरेंद्र शीशन, दलेर सिंह उपस्थित थे।
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