{"_id":"5b0066af4f1c1b2b118b4e32","slug":"11526752943-kaithal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पिलनी दलित समुदाय के शमशानघाट में अज्ञात व्यक्ति ने लगाई आग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पिलनी दलित समुदाय के शमशानघाट में अज्ञात व्यक्ति ने लगाई आग
Updated Sat, 19 May 2018 11:32 PM IST
विज्ञापन
विज्ञापन
श्मशान घाट के पेड़ों में अज्ञात व्यक्ति ने लगाई आग
पाई। पिलनी गांव में दलित समुदाय के श्मशान घाट के अंदर खड़े सफेदे के पेड़ों में अज्ञात व्यक्ति ने आग लगा दी। ये पेड़ वन विभाग ने चार साल पहले लगाए थे। आग की वजह से वहां के अधिकतर पेड़ जल गए तथा आस-पास ग्रामीणों द्वारा रखे गए गोबर के उपले ओर समान भी जल गया। रमेश, बलवान, काली, बीरखा राम, कृष्ण, सत्यवान, गीता राम, रमेश कुमार, इंद्रो देवी, हरी सिंह नंबरदार, तारो देवी ने बताया कि दोपहर के समय उनके शमशानों से धुआं निकल रहा था, जब उन्होंने वहां जाकर देखा तो शमशानघाट में आग लगी हुई थी। इस मामले की सूचना उन्होंने 100 नंबर दी, लेकिन मौके पर कोई भी प्रशासन का अधिकारी कर्मचारी नहीं पहुंचा। जिसके बाद ग्रामीणों ने साथ में मिलकर आग पर काबू पाया। दलित समुदाय के शमशानघाट में वन विभाग द्वारा 4 साल पहले 1000 पौधे लगाए थे, जिनका 3 वर्ष तक पालन-पोषण कर विभाग द्वारा पंचायत को सौंप दिया गया था, लेकिन आज लगी आग में अधिकतर पेड़ जल चुके है।
पाई। पिलनी गांव में दलित समुदाय के श्मशान घाट के अंदर खड़े सफेदे के पेड़ों में अज्ञात व्यक्ति ने आग लगा दी। ये पेड़ वन विभाग ने चार साल पहले लगाए थे। आग की वजह से वहां के अधिकतर पेड़ जल गए तथा आस-पास ग्रामीणों द्वारा रखे गए गोबर के उपले ओर समान भी जल गया। रमेश, बलवान, काली, बीरखा राम, कृष्ण, सत्यवान, गीता राम, रमेश कुमार, इंद्रो देवी, हरी सिंह नंबरदार, तारो देवी ने बताया कि दोपहर के समय उनके शमशानों से धुआं निकल रहा था, जब उन्होंने वहां जाकर देखा तो शमशानघाट में आग लगी हुई थी। इस मामले की सूचना उन्होंने 100 नंबर दी, लेकिन मौके पर कोई भी प्रशासन का अधिकारी कर्मचारी नहीं पहुंचा। जिसके बाद ग्रामीणों ने साथ में मिलकर आग पर काबू पाया। दलित समुदाय के शमशानघाट में वन विभाग द्वारा 4 साल पहले 1000 पौधे लगाए थे, जिनका 3 वर्ष तक पालन-पोषण कर विभाग द्वारा पंचायत को सौंप दिया गया था, लेकिन आज लगी आग में अधिकतर पेड़ जल चुके है।