फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Jind News ›   केंद्रीय ट्रेड यूनियन के आह्वान पर रोडवेज तथा स्वास्थ्य सेवाओं पर दिखा हड़ताल का ज्यादा असर, बिजली कर्मी भी शामिल रहे हड़ताल में

केंद्रीय ट्रेड यूनियन के आह्वान पर रोडवेज तथा स्वास्थ्य सेवाओं पर दिखा हड़ताल का ज्यादा असर, बिजली कर्मी भी शामिल रहे हड़ताल में

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Mon, 28 Mar 2022 01:46 PM IST
विज्ञापन
केंद्रीय ट्रेड यूनियन के आह्वान पर रोडवेज तथा स्वास्थ्य सेवाओं पर दिखा हड़ताल का ज्यादा असर, बिजली कर्मी भी शामिल रहे हड़ताल में
शहर के पुराने बस अड्डे पर बस का इंतजार करते यात्री - फोटो : Amar Ujala
जींद।केंद्रीय ट्रेड यूनियनों की हड़ताल के समर्थन में शामिल रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल हड़ताल को निजी परिवहन बस संचालकों ने बिगाड़ दिया। शहर के नए बस अड्डे से सोमवार सुबह केवल चार बार से ही निकली थी कि रोडवेज कर्मचारियों ने मोर्चा संभाल लिया और सभी बसों के आवागमन पर रोक लगाकर हड़ताल पर बैठ गए, के बाद सभी रूटों पर निजी बस संचालकों ने अपनी बसें दौड़ आई और यात्रियों के आवागमन को आसन बनाने का काम किया इसके चलते गोहाना, पानीपत, असंध, नरवाना, बरवाला, हांसी रूट पर प्राइवेट बस सुचारू रूप से चलती रही। वहीं रोहतक, कैथल, भिवानी रूट पर यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अल सुबह चंडीगढ़ के लिए दो बस, कैथल के लिए एक व दिल्ली के लिए एक बस निकली। सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए पुलिसकर्मी भी मौके पर मौजूद रहे। वहीं जो रोडवेज कर्मचारी हड़ताल पर रहे, उन्होंने बस स्टैंड के गेट के बाहर नारेबाजी कर रोष प्रकट किया। रोडवेज जींद डिपो के महाप्रबंधक गुलाब सिंह दूहन भी कर्मचारियों से लगातार संपर्क कर रहे थे, जिससे अन्य रोडवेज बसों को आनरूट भेजा जा सके। जीएम गुलाब सिंह दूहन ने कहा कि अगर रोडवेज कर्मचारी हड़ताल छोड़कर काम पर नहीं आते हैं तो 2018 की हड़ताल के दौरान जिन आउटसोर्सिंग कर्मचारियों ने बसें चलाई थी, उनकी मदद ली जा सकती है। वहीं हड़ताल की सूचना के चलते अन्य दिनों की अपेक्षा यात्रियों की संख्या भी कम रही। सुबह सात बजे के बाद प्राइवेट बसों में यात्री सफर करते नजर आए। रोडवेज यूनियनों के पदाधिकारी अनूप लाठर, संदीप रंगा, सज्जन कंडेला ने कहा कि सरकार द्वारा रोडवेज विभाग का निजीकरण किया जा रहा है। रोडवेज बेडे में बसों की संख्या लगातार घट रही है। जबकि यात्रियों की संख्या के अनुसार प्रदेशभर में दस हजार रोडवेज बसें होने चाहिए। इसके अलावा कर्मचारियों की पुरानी पेंशन स्कीम बहाल की जाए। कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए। खाली पदों पर स्थाई भर्ती की जाए, इसके अलावा नागरिक अस्पताल में भी हड़ताल का असर दिखा जिसके चलते नागरिक अस्पताल में मरीजों की भीड़ लगी रही और एनएचएम कर्मियों ने अपनी हड़ताल सीएमओ कार्यालय के सामने जारी रखें
विज्ञापन

केंद्रीय ट्रेड यूनियन के आह्वान पर रोडवेज तथा स्वास्थ्य सेवाओं पर दिखा हड़ताल का ज्यादा असर, बिजली कर्मी भी शामिल रहे हड़ताल में
हड़ताल पर बैठे कर्मचारी - फोटो : Amar Ujala
हड़ताल पर बैठे कर्मचारी
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed