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नियुक्ति न मिलने से नाराज जेबीटी टीचरों ने जताया विरोध
jhajjar
Updated Tue, 15 Mar 2016 02:13 AM IST
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विरोध जताते जेबीटी टीचर प्रत्याशी
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जेबीटी के लिए चयनित होने के 19 माह बाद भी नियुक्ति पत्र न मिलने से नाराज टीचरों ने सोमवार को बहादुरगढ़ में सीएम का पुतला फूंकने का प्रयास किया। दरअसल लंबे समय से रोजगार के लिए आवाज उठा रहे जेबीटी चयनित टीचरों ने अपने प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत सोमवार को देवी लाल पार्क में दोपहर बाद बैठक करने व इसके बाद सीएम का पुतला दहन करने की रणनीति बनाई थी।
हालांकि इस बात का जब पुलिस अधिकारियों को पता चला तो बैठक स्थल पर पुलिसकर्मी पहुंच गई। इसी बीच कुछ पुलिसकर्मियों ने जेबीटी चयनित अध्यापकों से पुतला छीनकर उनके कब्जे से सीएम का पुतला ले लिया और लेकर दूर चले गए। टीचरों ने इसका विरोध किया तो कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए पुलिस ने पुतला किसी भी सूरत में न जलाए जाने की चेतावनी दी।
देवीलाल पार्क में हुई मीटिंग की अध्यक्षता विनोद कुमार वत्स ने की। टीचरों ने का आरोप है कि जेबीटी रिजल्ट आने के बाद भी सरकार ने 9870 की ज्वाइनिंग नहीं कराई है। वर्ष 2012 में हुड्डा शासन काल में सरकार ने भर्ती निकाली थी। इसके लिए वर्ष 2013 में साक्षात्कार हुए और अगले एक वर्ष में उसका परिणाम आया। परिणाम के बाद कांग्रेस की सरकार बदल गई।
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भाजपा सत्ता में आई, लेकिन उक्त सरकार ने वर्ष 2015 समीक्षा के नाम पर निकाल दिया। जेबीटी चयनित टीचरों ने कहा कि साढ़े नौ हजार से ज्यादा युवक आज बेरोजगार हैं। वे दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं, लेकिन किसी ने भी उनकी सुनवाई नहीं की। सीएम से लेकर मंत्री, विधायक व अधिकारियों के समक्ष गुहार लगा चुके हैं, लेकिन किसी ने भी उनका दुखड़ा दूर नहीं किया।
गत वर्ष मार्च व जुलाई माह में सीएम से भी मिले थे तब भी उन्हें आश्वासन दिया था कि जल्द ही नियुक्ति पत्र दे दिए जाएंगे। लेकिन उनके साथ धोखा किया जा रहा है। टीचरों ने 15 मार्च से पंचकूला में आमरण अनशन शुरू करने की बात कही है। यदि फिर भी सरकार ने सुध नहीं ली तो वे आत्मदाह के लिए मजबूर हो जाएंगे।
रिश्ते तक अटके
चयनित टीचर संदीप, रवींद्र, दीपक, विनोद ने बताया कि उनके कुछ साथियों के रिश्ते तक बीच में अटक गए हैं। कुछ के रिश्ते नौकरी के चक्कर में हो गए, लेकिन अब नियुक्ति पत्र न मिलने से रिश्ते भी बीच में ही फंस गए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने उन्हें ऐसे फंसा दिया कि न नौकरी मिल पा रही है और न ही रिश्ते हो पा रहे हैं। ऐसे में वे तनाव में जीने पर मजबूर हैं।
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हालांकि इस बात का जब पुलिस अधिकारियों को पता चला तो बैठक स्थल पर पुलिसकर्मी पहुंच गई। इसी बीच कुछ पुलिसकर्मियों ने जेबीटी चयनित अध्यापकों से पुतला छीनकर उनके कब्जे से सीएम का पुतला ले लिया और लेकर दूर चले गए। टीचरों ने इसका विरोध किया तो कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए पुलिस ने पुतला किसी भी सूरत में न जलाए जाने की चेतावनी दी।
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देवीलाल पार्क में हुई मीटिंग की अध्यक्षता विनोद कुमार वत्स ने की। टीचरों ने का आरोप है कि जेबीटी रिजल्ट आने के बाद भी सरकार ने 9870 की ज्वाइनिंग नहीं कराई है। वर्ष 2012 में हुड्डा शासन काल में सरकार ने भर्ती निकाली थी। इसके लिए वर्ष 2013 में साक्षात्कार हुए और अगले एक वर्ष में उसका परिणाम आया। परिणाम के बाद कांग्रेस की सरकार बदल गई।
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भाजपा सत्ता में आई, लेकिन उक्त सरकार ने वर्ष 2015 समीक्षा के नाम पर निकाल दिया। जेबीटी चयनित टीचरों ने कहा कि साढ़े नौ हजार से ज्यादा युवक आज बेरोजगार हैं। वे दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं, लेकिन किसी ने भी उनकी सुनवाई नहीं की। सीएम से लेकर मंत्री, विधायक व अधिकारियों के समक्ष गुहार लगा चुके हैं, लेकिन किसी ने भी उनका दुखड़ा दूर नहीं किया।
गत वर्ष मार्च व जुलाई माह में सीएम से भी मिले थे तब भी उन्हें आश्वासन दिया था कि जल्द ही नियुक्ति पत्र दे दिए जाएंगे। लेकिन उनके साथ धोखा किया जा रहा है। टीचरों ने 15 मार्च से पंचकूला में आमरण अनशन शुरू करने की बात कही है। यदि फिर भी सरकार ने सुध नहीं ली तो वे आत्मदाह के लिए मजबूर हो जाएंगे।
रिश्ते तक अटके
चयनित टीचर संदीप, रवींद्र, दीपक, विनोद ने बताया कि उनके कुछ साथियों के रिश्ते तक बीच में अटक गए हैं। कुछ के रिश्ते नौकरी के चक्कर में हो गए, लेकिन अब नियुक्ति पत्र न मिलने से रिश्ते भी बीच में ही फंस गए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने उन्हें ऐसे फंसा दिया कि न नौकरी मिल पा रही है और न ही रिश्ते हो पा रहे हैं। ऐसे में वे तनाव में जीने पर मजबूर हैं।