मत कुरेदो जख्मों को, कोई मरहम लगाने भी नहीं आया
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दरअसल रिटायर्ड पटवारी उदयपाल ने छावनी मोहल्ले में पहुंचे हरियाणा मानवाधिकार आयोग के सदस्य जेएस अहलावत से कुछ इसी अंदाज में अपना दर्द बयां किया। उन्होंने कहा कि पता नहीं कितनी बार सर्वे हो चुका है, कौन-कौन यहां आकर स्थिति देख चुके हैं, लेकिन परिणाम अभी तक कुछ नहीं निकला।
आयोग के सदस्य जेएस अहलावत ने वीरवार को झज्जर पहुंचकर बीते दिनों उपद्रव की भेंट चढ़ी सार्वजनिक व निजी संपत्तियों का जायजा लिया और जान-माल का नुकसान उठाने वाले पीड़ित परिवारों से मुलाकात की।
इससे पहले उन्होंने किसान विश्राम गृह में डीसी अनीता यादव व एसपी जश्नदीप सिंह रंधावा से उपद्रव के दौरान झज्जर जिले में चले घटनाक्रम की विस्तार से जानकारी ली। सबसे पहले छावनी मोहल्ले का दौरा किया और उपद्रव के दौरान आगजनी, लूटपाट व हिंसक घटना के पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने पीड़ित परिवारों से घटना और हरियाणा सरकार की ओर से मिली राहत के बारे में जानकारी ली।
पीड़ित परिवारों ने उपद्रव के दोषियों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग रखी और मुआवजा राशि का भुगतान शीघ्र करने की बात कही ताकि लोगों का गुजर- बसर फिर से आरंभ हो सके। पीड़ित परिवारों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने इस मामले में संज्ञान लिया और इस मामले में आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
यहां के भी देखे हालात
बाद में उन्होंने पुरानी तहसील परिसर के समीप आगजनी की भेंट चढ़े आबकारी एवं कराधान विभाग के कार्यालय का भी निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस, रोहतक रोड स्थित दीनबंधु सर छोटू राम धर्मशाला व बस स्टैंड आदि इलाकों का दौरा किया। डीसी ने झज्जर जिले के हालात के बारे में बताया कि उपद्रव से उपजे तनाव को शांत करने के लिए समाज के सभी वर्गों ने जिला प्रशासन को सकारात्मक सहयोग दिया है।
आपसी भाईचारा बनाने के लिए शांति मार्च भी निकाला गया। उपद्रव के पीड़ित परिवारों को राज्य सरकार की ओर अंतरिम राहत भी प्रदान कर दी गई है। इस दौरान एसडीएम झज्जर पंकज सेतिया, तहसीलदार हितेंद्र कुमार, डीएसपी हंसराज सहित अन्य प्रशासनिक व आयोग के अधिकारी साथ रहे।