पुलिस ने नाबालिग को दुल्हन बनने से बचाया
शुरुआत में तो परिवार के सदस्य लड़की के बालिग होने की बात कहने लगे, लेकिन महिला निरीक्षक सुनीता व प्रोटेक्शन ऑफिसर सुषमा ने उसके दस्तावेजों की जांच पड़ताल की तो पता चला कि उसके बालिग होने में कुछ माह शेष बचे हुए थे। जिस पर उन्होंने परिवार के सदस्यों को उसके हितों व अधिकारों को ध्यान रखते हुए समझाया।
हालांकि काफी देर तक परिवार के सदस्य उनके समक्ष कोई न कोई हवाला देकर आग्रह करते रहे, लेकिन अधिकारियों द्वारा समझाए जाने के परिजन भी सहमत हो गए और उन्होंने जब तक शादी न करने के लिए कहा तब तक वह बालिग नहीं होती। बता दें कि जिस नाबालिग की शादी को रुकवाया गया था उसकी बारात बहादुरगढ़ के साथ लगते एक गांव से आनी बाकी थी। ऐसे में परिवार के सदस्यों ने वहां पर भी सूचना भेजी जहां से बारात को बहादुरगढ़ पहुंचना था।