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सीसीटीवी फुटेज ने फेरा शातिर बदमाशों के इरादों पर पानी
हिसार/अमर उजाला, हिसार
Updated Sat, 05 Mar 2016 02:12 AM IST
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पुलिस
- फोटो : bureau
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कहते हैं क्रिमिनल कोई न कोई सबूत छोड़ जाता है, बेशक वह कितना शातिर क्यों न हो। ऐसा ही न्यू महाबीर कॉलोनी के सुनील उर्फ बौना और विनोद नगर के अर्जुन के मामले में हुआ। उनका मानना था कि चोरी की बाइक पर वारदात करेंगे और फिर बाइक छोड़ देंगे।
छोड़ भी दी, मगर सीसीटीवी फुटेज ने उनके शातिर इरादों पर पानी फेर दिया और उनकी पहचान हो गई। वे पकड़े गए। पुलिस पूछताछ में दोनों ने बताया कि उन्होंने वारदातों को चोरीशुदा बाइक पर अंजाम दिया था, ताकि वे न फंसें। पहले उन्होंने सोमवार को ऋषिनगर-सेक्टर-14 मार्ग पर न्योली कलां निवासी राजेश ढांडा के पैर में गोली मारकर साढ़े तीन लाख रुपये छीनने की कोशिश की। मगर रुपये न छीन पाए। दोनों ने बताया कि उन्होंने हफ्ते भर पहले जिंदल अस्पताल के निकट से एक बाइक चुराई थी।
वे उसी बाइक पर सोमवार को रेड स्क्वेयर मार्केट में एचडीएफसी बैंक के बाहर पहुंचे थे। सेक्टर-14 में रॉयल ढाबा चलाने वाले राजेश ढांडा थैले में साढ़े तीन लाख रुपये लेकर बाहर निकले और स्कूटी पर सवार होकर ढाबे के लिए चल पड़े। बौना और अर्जुन बाइक पर उनके पीछे लग लिए। भीड़ होने के चलते उन्होंने मेन रोड पर वारदात करना उचित नहीं समझा। ढाबा संचालक ऋषिनगर से आगे निकले तो उन्होंने दो बार स्कूटी गिराने का प्रयास किया और फिर उनके पैर में गोली मार दी। ढाबा संचालक के शोर मचाने पर वे रुपये नहीं लूट पाए और बाइक पर फरार हो गए।
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उन्होंने बताया कि हमें रुपये न छीन पाने का अफसोस था। वे अगले दिन मिलगेट पहुंचे और वहां स्टेट बैंक ऑफ पटियाला में निगाह गड़ा ली। अर्जुन ने बैंक के अंदर जाकर जायजा लिया। फिर मेला ग्राउंड सेक्टर के रिटायर्ड हेडमास्टर ईश्वर सिंह नैन दो लाख नकदी भरा थैला लेकर बाहर निकले और पैदल पुलिस चौकी की तरफ जाने लगे। यह देख बौना बाइक लेेकर जिंदल पार्क की तरफ चला गया और अर्जुन पिट्ठू बैग के साथ पैदल उनके पीछे चल पड़ा। नैन को कतई भनक न लगी कि कोई पीछा कर रहा है।
वह चौकी पार करने के बाद सेक्टर में अंदर घुसे तो अर्जुन थैला छीनने लगा। विरोध पर उसने देसी कट्टे से नैन की बाजू पर गोली दाग दी और थैला लेकर भागने लगा। इस बीच शोर सुनकर प्रॉपर्टी डीलर भूपेंद्र सोनी ने अर्जुन को पकड़ने की कोशिश की तो हाथापाई में थैला फट गया। तब लुटेरा 90 हजार रुपये लेकर भागने में सफल रहा। 1.10 लाख रुपए और लुटेरे का बैग गिर गए। लुटेरा जिंदल पार्क के पास बाइक स्टार्ट लिए खड़े बौना के पीछे बैठकर फरार हो गया।
लूट के रुपयों से दिल्ली में की मौजमस्ती
पुलिस पूछताछ में बताया कि उन्होंने चोरीशुदा बाइक सब्जी मंडी रेलवे पुल के पास छोड़ दी और वे फिर महाबीर कॉलोनी में एक घर की छत पर बनी पानी की टंकी के नीचे रात होने पर सो गए। अगले दिन उठे और दिल्ली पहुंचे। दिल्ली में यहां-वहां घूमकर मौजमस्ती की।
जाने से पहले दोनों ने 45-45 हजार रुपये बांट लिए थे। उन्होंने 15-15 हजार रुपये खर्च कर डाले। उन्होंने कपड़े खरीदने, खाने-पीने और एक अन्य काम में खर्चा किया। इस दौरान पुलिस रेलवे ओवरब्रिज के नीचे खड़ी लावारिस बाइक को बरामद कर चुकी थी। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज से मदद मिली और दोनों की पहचान हो चुकी थी। उनके घरों पर दबिश दी तो गायब थे, पुलिस का शक यकीन में बदल गया था। आखिरकार दोनों वीरवार रात यहां बाईपास पर लूट की साजिश रचते पकड़े गए।
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छोड़ भी दी, मगर सीसीटीवी फुटेज ने उनके शातिर इरादों पर पानी फेर दिया और उनकी पहचान हो गई। वे पकड़े गए। पुलिस पूछताछ में दोनों ने बताया कि उन्होंने वारदातों को चोरीशुदा बाइक पर अंजाम दिया था, ताकि वे न फंसें। पहले उन्होंने सोमवार को ऋषिनगर-सेक्टर-14 मार्ग पर न्योली कलां निवासी राजेश ढांडा के पैर में गोली मारकर साढ़े तीन लाख रुपये छीनने की कोशिश की। मगर रुपये न छीन पाए। दोनों ने बताया कि उन्होंने हफ्ते भर पहले जिंदल अस्पताल के निकट से एक बाइक चुराई थी।
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वे उसी बाइक पर सोमवार को रेड स्क्वेयर मार्केट में एचडीएफसी बैंक के बाहर पहुंचे थे। सेक्टर-14 में रॉयल ढाबा चलाने वाले राजेश ढांडा थैले में साढ़े तीन लाख रुपये लेकर बाहर निकले और स्कूटी पर सवार होकर ढाबे के लिए चल पड़े। बौना और अर्जुन बाइक पर उनके पीछे लग लिए। भीड़ होने के चलते उन्होंने मेन रोड पर वारदात करना उचित नहीं समझा। ढाबा संचालक ऋषिनगर से आगे निकले तो उन्होंने दो बार स्कूटी गिराने का प्रयास किया और फिर उनके पैर में गोली मार दी। ढाबा संचालक के शोर मचाने पर वे रुपये नहीं लूट पाए और बाइक पर फरार हो गए।
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उन्होंने बताया कि हमें रुपये न छीन पाने का अफसोस था। वे अगले दिन मिलगेट पहुंचे और वहां स्टेट बैंक ऑफ पटियाला में निगाह गड़ा ली। अर्जुन ने बैंक के अंदर जाकर जायजा लिया। फिर मेला ग्राउंड सेक्टर के रिटायर्ड हेडमास्टर ईश्वर सिंह नैन दो लाख नकदी भरा थैला लेकर बाहर निकले और पैदल पुलिस चौकी की तरफ जाने लगे। यह देख बौना बाइक लेेकर जिंदल पार्क की तरफ चला गया और अर्जुन पिट्ठू बैग के साथ पैदल उनके पीछे चल पड़ा। नैन को कतई भनक न लगी कि कोई पीछा कर रहा है।
वह चौकी पार करने के बाद सेक्टर में अंदर घुसे तो अर्जुन थैला छीनने लगा। विरोध पर उसने देसी कट्टे से नैन की बाजू पर गोली दाग दी और थैला लेकर भागने लगा। इस बीच शोर सुनकर प्रॉपर्टी डीलर भूपेंद्र सोनी ने अर्जुन को पकड़ने की कोशिश की तो हाथापाई में थैला फट गया। तब लुटेरा 90 हजार रुपये लेकर भागने में सफल रहा। 1.10 लाख रुपए और लुटेरे का बैग गिर गए। लुटेरा जिंदल पार्क के पास बाइक स्टार्ट लिए खड़े बौना के पीछे बैठकर फरार हो गया।
लूट के रुपयों से दिल्ली में की मौजमस्ती
पुलिस पूछताछ में बताया कि उन्होंने चोरीशुदा बाइक सब्जी मंडी रेलवे पुल के पास छोड़ दी और वे फिर महाबीर कॉलोनी में एक घर की छत पर बनी पानी की टंकी के नीचे रात होने पर सो गए। अगले दिन उठे और दिल्ली पहुंचे। दिल्ली में यहां-वहां घूमकर मौजमस्ती की।
जाने से पहले दोनों ने 45-45 हजार रुपये बांट लिए थे। उन्होंने 15-15 हजार रुपये खर्च कर डाले। उन्होंने कपड़े खरीदने, खाने-पीने और एक अन्य काम में खर्चा किया। इस दौरान पुलिस रेलवे ओवरब्रिज के नीचे खड़ी लावारिस बाइक को बरामद कर चुकी थी। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज से मदद मिली और दोनों की पहचान हो चुकी थी। उनके घरों पर दबिश दी तो गायब थे, पुलिस का शक यकीन में बदल गया था। आखिरकार दोनों वीरवार रात यहां बाईपास पर लूट की साजिश रचते पकड़े गए।