तेज रफ्तार स्कॉर्पियो दीवार तोड़ घर में घुसी
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मौके पर मौजूद एक अन्य महिला कविता पत्नी राजा को भी गंभीर चोट आई हैं। हादसे के बाद गाड़ी के एअर बैग खुलने से उसमें सवार दो लोगों की जान तो बच गई, लेकिन चोट आई है। पुलिस ने मौके का मुआयना कर मृतका के पुत्र मुकेश के बयान पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
वीरवार की देर शाम एक तेज रफ्तार नई स्कॉर्पियो समाधा मंदिर की ओर से सिसाय पुल की तरफ जा रही थी। इसी दौरान सड़क के किनारे डाले गए पेड़ के तने से टकरा कर स्कॉर्पियो पलटी खा गई तथा सीधी रामदित्ती धमीजा के घर में जा घुसी। रामदित्ती अपने घर की दहलीज पर बैठी पिढे (बैठने के काम आने वाला) की बुनाई कर रही थी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मकान की दिवार टूट गई तथा रामदित्ती की मौके पर मौत हो गई। रामदित्ती के यहां लगी आटा चक्की से आटा लेने आई कविता भी इस हादसे में घायल हो गई। उसे यहां सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया जहां से उसे हिसार रेफर कर दिया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक गाड़ी की रफ्तार काफी तेज थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने पुलिस को बताया कि दो गाड़ी तेज रफ्तार से दौड़ती हुई आ रही थी। इनके पीछे आ रही समाधा मंदिर के महंत पंचमपुरी की गाड़ी भी टकराने से बाल बाल बच गई। मौके पर पहुंचे सिटी थाना प्रभारी कृष्ण लाल को प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि स्कॉर्पियो में सवार दोनों व्यक्ति असलाह लिए हुए थे।
हादसे के बाद आनन-फानन में दोनों व्यक्ति गाड़ी से निकल लिए। बाद में मौके पर मौजूद लोगों ने गाड़ी को सीधा किया। पुलिस ने गाड़ी से एक मोबाइल फोन बरामद किया है। स्कॉर्पियो पर टंपरेरी नंबर प्लेट लगी हुई है। सिटी पुलिस ने चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
छाती में जा धंसा पीढा
रामदित्ती ने घर में ही आटा चक्की भी लगाई हुई है। हादसे के कुछ देर पहले ही एक महिला ने उसे आटा पिसाई के लिए कहा था। रामदित्ती ने उसे अंदर जाने से यह कहते हुए इंकार कर दिया था कि वह अभी पिढे की बुनाई कर रही है इसलिए आटा बाद में पिसवा लेना। इसके चंद मिनट बाद ही ये हादसा हो गया। हादसा इतना जोरदार था कि रामदित्ती जिस पीढे की बुनाई कर रही थी वह पिढा उसकी छाती में ही जा धंसा।
लिव यंग, लिव फ्री
जिस स्कॉर्पियो गाड़ी ने रामदित्ती की जान ले ली उस स्कॉर्पियो के पीछे शीशे पर लिव यंग, लिव फ्री लिखा हुआ है। इससे संदेश जाता है कि गाड़ी में सवार लोग खुद को कुछ ज्यादा ही यंग समझ रहे थे और जरूरत से ज्यादा आजादी से जीने की चाह रखने वाले थे। यहीं वजह थे कि सिंगल रोड पर किसी की जान की परवाह किए बगैर बेहद तेज रफ्तार में गाड़ी को दौड़ाया जा रहा था। रफ्तार का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जिस रोड पर साइकिल भी तेज गति से नहीं दौड़ाई जा सकती, उस रोड पर चल दौड़ रही स्कॉर्पियो ने दीवार को भी उड़ा दिया। तेज गति से टकराव के कारण ही स्कॉर्पियो के एयरबैग भी खुल गए।
चंद कदम की दूरी पर है पुलिस नाका
हादसा स्थल से चंद कमद की दूर पर ही पुलिस का नाका है। घटना स्थल से नाका सीधा दिखाई देता है। इस नाके पर भी हर वक्त करीब आधा दर्जन पुलिस कर्मी तैनात रहते है। बावजूद इसके यहां ट्रैफिक नियमों की आए दिन धज्जियां उड़ाई जाती हैं। इतना बड़ा हादसा होने के बावजूद नाके पर मौजूद पुलिस कर्मी महिला की जाने लेने के जिम्मेदार लोगों को मौके से पकड़ नहीं सके।
स्कॉर्पियो में किसके साथ घूम रहा था पुलिस का गनमैन?
जानकारी के मुताबिक जिस स्कॉर्पियो ने इस हादसे को अंजाम दिया है वह गाड़ी लालपुरा की है। खास बात यह है कि उस गाड़ी को चला रहे एक युवक के साथ पुलिस का एक गनमैन मदन भी था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक मदन को लालपुरा गांव में एक बुजुर्ग नौरंग का सिक्योरिटी गार्ड लगाया हुआ है। वहीं, प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पुलिस कर्मी मदन अपनी कारबाइन के साथ स्कॉर्पियो में एक युवक के साथ गाड़ी से उतरा था।
उक्त युवक भी हथियार लिए हुए बताया जा रहा है। उधर जब इस मामले में गनमैन मदन से बात की गई तो उसने सफाई देते हुए कहा कि गाड़ी में चार लोग थे। उसने सफाई दी कि वज जिस जिस बुजुर्ग नौरंग का गनमैन है, वह भी इस गाड़ी में सवार था, लेकिन उसे चोट नहीं आई है। उधर इस मामले में जब डीएसपी जितेंद्र सिंह से पूछा गया तो उनका कहना था कि उन्होंने मौके का मुआयना तो किया है, लेकिन गनमैन के मैटर पर अभी जानकारी नहीं है, एसएचओ जानकारी दे देंगे। सदर थाना प्रभारी विद्यानंद ने बार बार फोन किए जाने पर भी कोई जवाब नहीं दिया।