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21 साल की आशा को महिला दिवस का तोहफा, बनी फतेहाबाद ब्लॉक समिति चेयरमैन
ब्यूरो/अमर उजाला, फतेहाबाद
Updated Wed, 09 Mar 2016 12:06 AM IST
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ब्लॉक समिति चेयरमैन
- फोटो : fatehabad
फतेहाबाद ब्लॉक समिति की जिम्मेदारी अब 21 साल की आशा रानी के युवा कंधों पर है। महिला दिवस पर हुए ब्लॉक समिति चुनाव में हिजरांवा की रहने वाली वार्ड-10 की सदस्य आशा रानी को 30 सदस्यों वाली फतेहाबाद ब्लॉक समिति का नया चेयरमैन चुना गया है। आशा रानी की जीत की घोषणा एसडीएम संत लाल एवं डीडीपीओ राजेश खोथ ने की।
मंगलवार को हुई वोटिंग में 28 में से 20 वोट मिले जबकि उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी सुनीता को महज छह वोट मिल सके। वार्ड नंबर-13 के सदस्य राम सिंह को समिति का उपाध्यक्ष चुना गया है। उन्हें 11 वोट मिले, जबकि प्रतिद्वंद्वी संदीप को वो 9 वोट हासिल हुए। फतेहाबाद ब्लॉक समिति की अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों बीजेपी समर्थित थे।
जीत मिलने के बाद अध्यक्षा आशा रानी और उपाध्यक्ष राम सिंह बीडीपीओ कार्यालय के साथ लगते रेस्ट हाउस में बैठे भाजपा जिलाध्यक्ष वेद फुलां से भी मिलने पहुंचे, जहां फुलां ने उनको जीत की बधाई दी। आशा रानी कैथल जिले के कांथली गांव की रहने वाली हैं और महज एक साल पहले ही उनका विवाह हुआ है। इस मौके पर सुरक्षा प्रबंध सिटी एसएचओ दिनेश ने संभाले हुए थे।
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परिजनों की अनुमति के इंतजार में दो महिला सदस्य नहीं दे पाईं वोट
फतेहाबाद ब्लॉक समिति में कुल 30 सदस्य हैं। मंगलवार सुबह हालांकि सदस्यों में से कोई नहीं पहुंचा जिसके चलता एकबारगी तो लगने लगा था कि रतिया और टोहाना की तरह फतेहाबाद में भी ब्लॉक समिति चेयरमैन का चुनाव नहीं हो पाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कुछ ही देर में अलग-अलग वार्डों से चुनकर आए सदस्य एक-एक कर बीडीपीओ कार्यालय में पहुंच गए। हालांकि, वार्ड-11 की शर्मिला और 30 की किरण कार्यालय के बाहर गाड़ी में ही बैठी रह गई। दरअसल, उन्हें उनके परिजनों ने पहले कहा था कि अभी वोटिंग शुरू नहीं हुई है। ऐसे में वो परिजनों की आस में गाड़ी में ही बैठी रह गई। वो दोनों मतदान खत्म होने के बाद बीडीपीओ कार्यालय में पहुंची जहां से उन्हें मतदान करने की आज्ञा नहीं मिली। हालांकि उन्होंने कहा कि उन्हें आशा रानी के पक्ष में ही मतदान करना था।
उपाध्यक्ष बनाने में आए बीजेपी को पसीने
मंगलवार को हुए ब्लॉक समिति चुनाव में भले ही अध्यक्ष पद पर आशा रानी को काबिज करवाने में बीजेपी को ज्यादा परेशानी नहीं आई, लेकिन उपाध्यक्ष चुनाव में उन्हें बहुत नजदीकी जीत मिली। हालांकि बीजेपी नेता अब ये कह रहे हैं कि उपाध्यक्ष पद के लिए खड़े उम्मीदवार उनके ही थे। उपाध्यक्ष पद के लिए वार्ड-13 के राम सिंह के सामने वार्ड-26 के मदन लाल, वार्ड-15 से सुभाष चंद्र और वार्ड-4 से संदीप ने ताल ठोंकी थी। मतगणना में राम सिंह के हिस्से जहां 11 वोट आए तो उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी संदीप को 9 वोट मिले। वहीं, सुभाष को एक ही वोट मिला जो कि शायद खुद उनका था।
ब्लॉक के गांवों में विकास को मिलेगी गति
फतेहाबाद ब्लॉक समिति का चेयरमैन बनने के बाद आशा रानी उपाध्यक्ष राम सिंह और अन्य समर्थकों के साथ रेस्ट हाउस में बैठे बीजेपी जिलाध्यक्ष वेद फुलां से मिली। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में वेद फुलां ने कहा कि अब ब्लॉक के गांवों में विकास को एक नई गति मिलेगी।
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मंगलवार को हुई वोटिंग में 28 में से 20 वोट मिले जबकि उनकी निकटतम प्रतिद्वंद्वी सुनीता को महज छह वोट मिल सके। वार्ड नंबर-13 के सदस्य राम सिंह को समिति का उपाध्यक्ष चुना गया है। उन्हें 11 वोट मिले, जबकि प्रतिद्वंद्वी संदीप को वो 9 वोट हासिल हुए। फतेहाबाद ब्लॉक समिति की अध्यक्ष और उपाध्यक्ष दोनों बीजेपी समर्थित थे।
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जीत मिलने के बाद अध्यक्षा आशा रानी और उपाध्यक्ष राम सिंह बीडीपीओ कार्यालय के साथ लगते रेस्ट हाउस में बैठे भाजपा जिलाध्यक्ष वेद फुलां से भी मिलने पहुंचे, जहां फुलां ने उनको जीत की बधाई दी। आशा रानी कैथल जिले के कांथली गांव की रहने वाली हैं और महज एक साल पहले ही उनका विवाह हुआ है। इस मौके पर सुरक्षा प्रबंध सिटी एसएचओ दिनेश ने संभाले हुए थे।
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परिजनों की अनुमति के इंतजार में दो महिला सदस्य नहीं दे पाईं वोट
फतेहाबाद ब्लॉक समिति में कुल 30 सदस्य हैं। मंगलवार सुबह हालांकि सदस्यों में से कोई नहीं पहुंचा जिसके चलता एकबारगी तो लगने लगा था कि रतिया और टोहाना की तरह फतेहाबाद में भी ब्लॉक समिति चेयरमैन का चुनाव नहीं हो पाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ। कुछ ही देर में अलग-अलग वार्डों से चुनकर आए सदस्य एक-एक कर बीडीपीओ कार्यालय में पहुंच गए। हालांकि, वार्ड-11 की शर्मिला और 30 की किरण कार्यालय के बाहर गाड़ी में ही बैठी रह गई। दरअसल, उन्हें उनके परिजनों ने पहले कहा था कि अभी वोटिंग शुरू नहीं हुई है। ऐसे में वो परिजनों की आस में गाड़ी में ही बैठी रह गई। वो दोनों मतदान खत्म होने के बाद बीडीपीओ कार्यालय में पहुंची जहां से उन्हें मतदान करने की आज्ञा नहीं मिली। हालांकि उन्होंने कहा कि उन्हें आशा रानी के पक्ष में ही मतदान करना था।
उपाध्यक्ष बनाने में आए बीजेपी को पसीने
मंगलवार को हुए ब्लॉक समिति चुनाव में भले ही अध्यक्ष पद पर आशा रानी को काबिज करवाने में बीजेपी को ज्यादा परेशानी नहीं आई, लेकिन उपाध्यक्ष चुनाव में उन्हें बहुत नजदीकी जीत मिली। हालांकि बीजेपी नेता अब ये कह रहे हैं कि उपाध्यक्ष पद के लिए खड़े उम्मीदवार उनके ही थे। उपाध्यक्ष पद के लिए वार्ड-13 के राम सिंह के सामने वार्ड-26 के मदन लाल, वार्ड-15 से सुभाष चंद्र और वार्ड-4 से संदीप ने ताल ठोंकी थी। मतगणना में राम सिंह के हिस्से जहां 11 वोट आए तो उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी संदीप को 9 वोट मिले। वहीं, सुभाष को एक ही वोट मिला जो कि शायद खुद उनका था।
ब्लॉक के गांवों में विकास को मिलेगी गति
फतेहाबाद ब्लॉक समिति का चेयरमैन बनने के बाद आशा रानी उपाध्यक्ष राम सिंह और अन्य समर्थकों के साथ रेस्ट हाउस में बैठे बीजेपी जिलाध्यक्ष वेद फुलां से मिली। इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में वेद फुलां ने कहा कि अब ब्लॉक के गांवों में विकास को एक नई गति मिलेगी।