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दो गर्भवती महिलाओं की मौत
अमर उजाला फरीदाबाद
Updated Fri, 11 Oct 2013 10:44 PM IST
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बीके अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग की जच्चा-बच्चा योजना को पलीता लगाने के आरोप लग रहे हैं। शुक्रवार को अस्पताल से रेफर की गई एक गर्भवती महिला ने दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल पहुंचकर दम तोड़ दिया, जबकि पलवल से लाकर भर्ती की गई एक अन्य महिला की लेबर वार्ड में ही मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि बीके अस्पताल में डॉक्टरों ने दोनों की कोई सुध नहीं ली। इसी के चलते इन दोनों की मौत हुई है।
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केस एक
पर्वतीय कॉलोनी निवासी सावरा (35) को प्रसव के लिए बृहस्पतिवार सुबह अस्पताल लाया गया था। महिला के पति हामिल का कहना है कि दिनभर किसी भी डॉक्टर ने उसकी सुध नहीं ली। शुक्रवार को सावरा की तबीयत बिगड़ने लगी तो परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज करने के लिए दबाव बनाया। इस पर उन्होंने कह दिया कि इसका प्रसव यहां नहीं होगा। हामिल ने आरोप लगाया कि जब सावरा की हालत नाजुक हो गई तो डॉक्टरों ने उसे रेफर कर दिया। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल पहुंचते ही उसकी मौत हो गई।
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केस दो
पलवल के जनौली गांव निवासी 24 वर्षीय बबीता के पति भूदेव ने बताया कि शुक्रवार तड़के करीब पत्नी को प्रसव पीड़ा होने पर वे उसे पलवल के सरकारी अस्पताल लेकर गए थे। वहां के डॉक्टरों ने हालत गंभीर बताते हुए बबीता को बीके अस्पताल रेफर कर दिया। दोपहर करीब 12.30 बजे वह बबीता को लेकर अस्पताल आए थे। भूदेव ने आरोप लगाया कि करीब आधे घंटे तक किसी डॉक्टर ने उनकी पत्नी को नहीं देखा। उसके मुंह से झाग निकलने लगे तो मौके पर मौजूद डॉक्टर ने उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया। एंबुलेंस तक पहुंचने से पहले ही बबीता की मौत हो गई।
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दोनों परिवारों ने महिलाओं को अस्पताल तक लाने में काफी देर कर दी थी। फिर भी संबंधित डॉक्टर से स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया है।
- डॉ. एमएम शर्मा, पीएमओ