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मारा गया कुंभकर्ण, रावण के कुनबे में खलबली
अमर उजाला, फरीदाबाद
Updated Sat, 12 Oct 2013 08:34 PM IST
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विजय रामलीला कमेटी की ओर से संचालित की जा रही एनएच-एक की रामलीला में शुक्रवार की रात लक्ष्मण मूर्छा और कुंभकर्ण वध का मंचन किया गया।
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रावण की सेना से लड़ते वक्त जब लक्ष्मण (सौरभ कुमार) मेघनाद के शक्तिवाण से मूर्छित होते हैं तो परेशान श्रीराम (अनुराग कुमार) कहते हैं कि तूने ही मेरे लिए छोड़ा भाई प्यारा वतन/ लात मारी ऐश पर, छोड़े सभी साथी, सजन/ हाय! जब मैं अब अवध में जाऊंगा इस भाई बिन/ क्या कहूंगा मर गया लंका में भाई बेकफन...।
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इसके बाद निर्देशक विश्वबंधु शर्मा बैकग्राउंड में गीत गाते हैं-दिन कभी ऐसे भी आएंगे मालूम न था/ एक-एक करके बिखर जाएंगे मालूम न था/कोई दर ऐसा बता जिस पे मैं फरियाद करूं/मेरी दुनिया में रहा कौन किसे याद करूं/हादसे हद से गुजर जाएंगे मालूम न था....।
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इस संकट से उबारने के लिए सुषेन वैद्य को बुलाया जाता है। वह संजीवनी बूटी लाने को कहता है। यह काम करते हैं पवनसुत हनुमान (सुनील कपूर)। वह संजीवनी बूटी सहित पूरा पर्वत उठाकर ले आते हैं।
इस तरह लक्ष्मण जी की मूर्छा टूटती है। इसके बाद श्रीराम की सेना कुंभकर्ण का वध करती है। इसके बाद रावण के कुनबे में खलबली मच गई। कुंभकर्ण की भूमिका तरुण भाटिया ने की।