{"_id":"68bde6434aac9f7cfe07bf95","slug":"rainfall-casts-a-shadow-on-mnrega-workers-face-livelihood-crisis-charkhi-dadri-news-c-126-1-cdr1001-144216-2025-09-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: मनरेगा पर बारिश का साया, श्रमिकों को रोजी-रोटी का संंकट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: मनरेगा पर बारिश का साया, श्रमिकों को रोजी-रोटी का संंकट
Mon, 08 Sep 2025 01:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 08 Sep 2025 01:38 AM IST
विज्ञापन
चरखी दादरी। बारिश की वजह से मनरेगा मजदूरों का काम चौपट होने से उनके समक्ष आजीविका का संकट बना हुआ है। वैसे भी बारिश सीजन में मजदूरों से जुड़े अन्य कार्य भी बाधित बने हुए हैं। अब तो अक्तूबर प्रथम सप्ताह में ही काम शुरू हो सकेंगे। पिछले करीब दो माह से इन मजदूरों को खाली बैठना पड़ रहा है।
आमतौर पर सरपंच गांवों में मनरेगा के तहत कार्य करते हैं। जो सरपंच कार्य करवाना चाहते हैंं वह पंचायत का प्रस्ताव तैयार कर पंचायत विभाग में मनरेगा शाखा में जमा करवात हैं। मनरेगा के तहत 261 प्रकार के कार्य करवाए जाते हैं। जिस भी गांव में स्कूल व गली में मिट्टी डलवानी होती है, खेल स्टेडियम को समतल करवाना है या अन्य श्रमिक स्तर के कार्य करवाने हैं तो मनरेगा के तहत ही पूरा करवाया जाता है।
कई जगह ऐसी होती हैं जहां मिट्टी डालनी होती है या फिर खेल स्टेडियम या स्कूल मैदान का लेवल ठीक करना होता है वहां मनेरगा श्रमिकों से काम करवाया जाता है। मनरेगा के तहत श्रमिक को 400 रुपये दिहाड़ी मिलती है। श्रमिक के बैंक खातों में मजदूरी राशि भेजी जाती है।
विज्ञापन
- पंचायत करती है प्रस्ताव तैयार
जिस गांव में छोटे स्तर के कार्यों को करवाने की जरूरत है वहां सरपंच प्रस्ताव तैयार करते हैं। सरकार ने मनरेगा स्कीम पर ज्यादा फोकस कर रखा है ताकि श्रमिकों को मजदूरी मिले सके और वे अपनी आजीविका कमा सके। मनरेगा के तहत सरकार के रूरल डेवलपमेंट, वन विभाग,रेलवे, शिक्षा विभाग,पीडब्ल्यूडी,स्वास्थ्य आदि विभागों में 261 प्रकार के कार्य करवाए जा सकते हैं।
-- -- -- -- -
जैसे ही मानसून की विदाई हो जाएगी, मनरेगा के तहत काम शुरू हो जाएंगे। बारिश की वजह से काम बंद हैं। जल्द ही मजदूरों को काम दिए जाएंगे।
हेमंत कुमार,पीओ, मनरेगा शाखा
विज्ञापन
आमतौर पर सरपंच गांवों में मनरेगा के तहत कार्य करते हैं। जो सरपंच कार्य करवाना चाहते हैंं वह पंचायत का प्रस्ताव तैयार कर पंचायत विभाग में मनरेगा शाखा में जमा करवात हैं। मनरेगा के तहत 261 प्रकार के कार्य करवाए जाते हैं। जिस भी गांव में स्कूल व गली में मिट्टी डलवानी होती है, खेल स्टेडियम को समतल करवाना है या अन्य श्रमिक स्तर के कार्य करवाने हैं तो मनरेगा के तहत ही पूरा करवाया जाता है।
विज्ञापन
कई जगह ऐसी होती हैं जहां मिट्टी डालनी होती है या फिर खेल स्टेडियम या स्कूल मैदान का लेवल ठीक करना होता है वहां मनेरगा श्रमिकों से काम करवाया जाता है। मनरेगा के तहत श्रमिक को 400 रुपये दिहाड़ी मिलती है। श्रमिक के बैंक खातों में मजदूरी राशि भेजी जाती है।
विज्ञापन
- पंचायत करती है प्रस्ताव तैयार
जिस गांव में छोटे स्तर के कार्यों को करवाने की जरूरत है वहां सरपंच प्रस्ताव तैयार करते हैं। सरकार ने मनरेगा स्कीम पर ज्यादा फोकस कर रखा है ताकि श्रमिकों को मजदूरी मिले सके और वे अपनी आजीविका कमा सके। मनरेगा के तहत सरकार के रूरल डेवलपमेंट, वन विभाग,रेलवे, शिक्षा विभाग,पीडब्ल्यूडी,स्वास्थ्य आदि विभागों में 261 प्रकार के कार्य करवाए जा सकते हैं।
जैसे ही मानसून की विदाई हो जाएगी, मनरेगा के तहत काम शुरू हो जाएंगे। बारिश की वजह से काम बंद हैं। जल्द ही मजदूरों को काम दिए जाएंगे।
हेमंत कुमार,पीओ, मनरेगा शाखा