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Charkhi Dadri News: आश्वासन के बाद शुरू नहीं हो सकी खरीद
Tue, 18 Nov 2025 01:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 18 Nov 2025 01:41 AM IST
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चरखी दादरी। दादरी जिले में कपास उत्पादक किसानों की परेशानियां कम होने का नाम नहीं ले रही है। कॉटन कारपोरेशन ऑफ इंडिया सीसीआई की ओर से सोमवार से कपास की सरकारी खरीद शुरू करने की बात कही गई थी, लेकिन दादरी की अनाज मंडी में सोमवार को भी खरीद शुरू नहीं हो सकी। जिसके कारण किसानों में रोष का माहौल बना हुआ है।
दादरी की अनाज मंडी में सुबह से काफी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में कपास लेकर बेचने के लिए पहुंचे थे। सरकारी खरीद शुरू न होने के कारण उन्हें आखिरकार निजी फर्मों को अपनी फसल बेचनी पड़ी।
किसानों का कहना है कि उनके पास निजी फर्मों को कपास बेचने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। सरकारी खरीद शुरू न होने से उन्हें मजबूरी में अपनी मेहनत की फसल औने-पौने दामों पर निजी फर्मों को बेचनी पड़ रही है।
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प्रति क्विंटल 2,000 रुपये तक का नुकसान झेल रहे हैं किसान : जानकारी के अनुसार इस समय जिले में निजी फर्म कपास की खरीद 4000 रुपये से लेकर 6500 रुपये प्रति क्विंटल तक कर रही हैं, जबकि सरकार ने कपास का न्यूनतम समर्थन मूल्य 8,110 रुपये प्रति क्विंटल तय किया हुआ है। यह अंतर किसानों की जेब पर सीधा भारी असर डाल रहा है।
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दादरी की अनाज मंडी में सुबह से काफी संख्या में किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में कपास लेकर बेचने के लिए पहुंचे थे। सरकारी खरीद शुरू न होने के कारण उन्हें आखिरकार निजी फर्मों को अपनी फसल बेचनी पड़ी।
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किसानों का कहना है कि उनके पास निजी फर्मों को कपास बेचने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। सरकारी खरीद शुरू न होने से उन्हें मजबूरी में अपनी मेहनत की फसल औने-पौने दामों पर निजी फर्मों को बेचनी पड़ रही है।
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प्रति क्विंटल 2,000 रुपये तक का नुकसान झेल रहे हैं किसान : जानकारी के अनुसार इस समय जिले में निजी फर्म कपास की खरीद 4000 रुपये से लेकर 6500 रुपये प्रति क्विंटल तक कर रही हैं, जबकि सरकार ने कपास का न्यूनतम समर्थन मूल्य 8,110 रुपये प्रति क्विंटल तय किया हुआ है। यह अंतर किसानों की जेब पर सीधा भारी असर डाल रहा है।