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Charkhi Dadri News: 25 फीसदी गांवों के शिवधाम बदहाल, लोगों को सुविधाएं न होने का मलाल
Wed, 25 Sep 2024 03:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 25 Sep 2024 03:40 AM IST
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चुनाव मुद्दा::
40 से अधिक गांवों के शिवधाम में न चहारदीवारी बनी और न ही रास्तों का हो सका निर्माण, कुछ में टिन शेड न होने से बारिश के मौसम में होती है दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। शिवधाम योजना के तहत आज भी काफी संंख्या में ऐसे गांव हैं, जिनमें श्मशान घाट का रास्ता व चहारदीवारी का निर्माण नहीं हो सका है। यह काम पंचायत फंड व पीआरआई ग्रांट से सरपंचों को ही करवाने थे। कुछ गांवों में केंद्र सरकार की पीआरआई ग्रांट से अन्य कुछ काम जरूर हुए, लेकिन, तमाम सुविधाएं मुहैया नहीं हो पाईं। आलम यह है कि किसी गांव में चहारदीवारी नहीं बन पाई तो किसी गांव में रास्ता पक्का नहीं बन सका है।
शिवधाम योजना के तहत प्रत्येक गांव में श्मशान घाट की चाहरदीवारी, हैंडपंप, शेड व रास्ते का निर्माण होना है। इसके लिए सरकार के निर्देश थे कि पंचायतें पीआरआई ग्रांट व पंचायत फंड से इन कार्यों को पूरा करवाया जाए। करीब 40 गांवों में न तो चहारदीवारी बनी है और न ही रास्ता पक्का हो सका है। कुछ गांवों के शिवधाम में तो पानी तक का प्रबंध नहीं है। विभाग के अधिकारियों ने इसमें रुचि कम दिखाई।
बता दें कि कई गांवों में रास्तों की पैमाइश को लेकर काम अटका हुआ है। एक बार तो सरकार ने ग्रामीणों से चंदा एकत्रित कर यह शिवधाम प्रोजेक्ट पूरा करवाने के लिए कहा था। बाद में इसमें पंचायतों की ओर से रुचि न लिए जाने पर सरकार ने पीआरआई ग्रांट व पंचायत फंड से यह काम करवाने के लिए कह दिया था। किसी गांव को बजट का इंतजार है तो किसी के प्रस्ताव अधर में हैं।
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- ढाणी फोगाट में कई सालों से बनी समस्या
शहर के साथ लगते ढाणी फोगाट गांव की बात करें तो श्मशानघाट के रास्ते का निर्माण कार्य अधर में है। इस रास्ते की जमीन की पैमाइश को लेकर पेच फंसा हुआ है। गांव के रास्ते में कीचड़ बना हुआ है। गांव में टिन शेड व हैंडपंप तो लगा है जबकि आधा रास्ता कच्चा पड़ा है।
- सरपंचों ने बताए बदहाल शिवधाम के हालात
- मेरे गांव में चहारदीवारी का निर्माण नहीं हुआ है। शिवधाम का रास्ता भी कच्चा है। श्मशानघाट में पानी की टंकी भी कंडम हो चुकी है। इन कार्यों के लिए मंजूरी मिल चुकी है। टेंडर अलॉट नहीं हो पा रहे हैं।
-प्रमिला, सरपंच भागवी
- गांव के शिवधाम में शेड नहीं लगा है। अगर सरकार गांवों के विकास के लिए और बजट जारी कर दे तो कुछ आवश्यक कार्यों को पूरा किया जा सकता है। शिवधाम का रास्ता कच्चा है। हैंडपंप भी नहीं लगा है। सरकार के बजट का इंतजार है।
-विपिन जांगड़ा, सरपंच, घिकाड़ा
- श्मशान घाट में चहारदीवारी का निर्माण भी नहीं हो सका है। शिवधाम का रास्ता भी कच्चा है। टिन शेड भी नहीं लगा है। पानी का प्रबंध नहीं है। इन कार्यों के लिए भेजे गए प्रस्ताव को स्वीकृति तो मिल चुकी है। मिट्टी डालने में ज्यादा बजट खर्च होगा।
-रणधीर सिंह, सरपंच, लोहरवाड़ा
- शिवधाम में लगे टिन शेड कंडम हैं। पानी का प्रबंध नहीं है। निर्माण के लिए ग्राम पंचायत ने प्रस्ताव भेज रखा है। गांव के विकास के लिए प्रयास जारी है। जल्द से जल्द श्मशान घाट अव्यवस्थाओं को दूर करवाने के लिए ग्राम पंचायत प्रयासरत है।
-नेहा, सरपंच, नरसिंहवास
फोटो- 21
गांव ढाणी फोगाट में बिना चहारदीवारी के शिवधाम। संवाद
फोटो- 22
शहर से सटे ढाणी फोगाट गांव में शिवधाम का कच्चा रास्ता। संवाद
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40 से अधिक गांवों के शिवधाम में न चहारदीवारी बनी और न ही रास्तों का हो सका निर्माण, कुछ में टिन शेड न होने से बारिश के मौसम में होती है दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। शिवधाम योजना के तहत आज भी काफी संंख्या में ऐसे गांव हैं, जिनमें श्मशान घाट का रास्ता व चहारदीवारी का निर्माण नहीं हो सका है। यह काम पंचायत फंड व पीआरआई ग्रांट से सरपंचों को ही करवाने थे। कुछ गांवों में केंद्र सरकार की पीआरआई ग्रांट से अन्य कुछ काम जरूर हुए, लेकिन, तमाम सुविधाएं मुहैया नहीं हो पाईं। आलम यह है कि किसी गांव में चहारदीवारी नहीं बन पाई तो किसी गांव में रास्ता पक्का नहीं बन सका है।
शिवधाम योजना के तहत प्रत्येक गांव में श्मशान घाट की चाहरदीवारी, हैंडपंप, शेड व रास्ते का निर्माण होना है। इसके लिए सरकार के निर्देश थे कि पंचायतें पीआरआई ग्रांट व पंचायत फंड से इन कार्यों को पूरा करवाया जाए। करीब 40 गांवों में न तो चहारदीवारी बनी है और न ही रास्ता पक्का हो सका है। कुछ गांवों के शिवधाम में तो पानी तक का प्रबंध नहीं है। विभाग के अधिकारियों ने इसमें रुचि कम दिखाई।
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बता दें कि कई गांवों में रास्तों की पैमाइश को लेकर काम अटका हुआ है। एक बार तो सरकार ने ग्रामीणों से चंदा एकत्रित कर यह शिवधाम प्रोजेक्ट पूरा करवाने के लिए कहा था। बाद में इसमें पंचायतों की ओर से रुचि न लिए जाने पर सरकार ने पीआरआई ग्रांट व पंचायत फंड से यह काम करवाने के लिए कह दिया था। किसी गांव को बजट का इंतजार है तो किसी के प्रस्ताव अधर में हैं।
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- ढाणी फोगाट में कई सालों से बनी समस्या
शहर के साथ लगते ढाणी फोगाट गांव की बात करें तो श्मशानघाट के रास्ते का निर्माण कार्य अधर में है। इस रास्ते की जमीन की पैमाइश को लेकर पेच फंसा हुआ है। गांव के रास्ते में कीचड़ बना हुआ है। गांव में टिन शेड व हैंडपंप तो लगा है जबकि आधा रास्ता कच्चा पड़ा है।
- सरपंचों ने बताए बदहाल शिवधाम के हालात
- मेरे गांव में चहारदीवारी का निर्माण नहीं हुआ है। शिवधाम का रास्ता भी कच्चा है। श्मशानघाट में पानी की टंकी भी कंडम हो चुकी है। इन कार्यों के लिए मंजूरी मिल चुकी है। टेंडर अलॉट नहीं हो पा रहे हैं।
-प्रमिला, सरपंच भागवी
- गांव के शिवधाम में शेड नहीं लगा है। अगर सरकार गांवों के विकास के लिए और बजट जारी कर दे तो कुछ आवश्यक कार्यों को पूरा किया जा सकता है। शिवधाम का रास्ता कच्चा है। हैंडपंप भी नहीं लगा है। सरकार के बजट का इंतजार है।
-विपिन जांगड़ा, सरपंच, घिकाड़ा
- श्मशान घाट में चहारदीवारी का निर्माण भी नहीं हो सका है। शिवधाम का रास्ता भी कच्चा है। टिन शेड भी नहीं लगा है। पानी का प्रबंध नहीं है। इन कार्यों के लिए भेजे गए प्रस्ताव को स्वीकृति तो मिल चुकी है। मिट्टी डालने में ज्यादा बजट खर्च होगा।
-रणधीर सिंह, सरपंच, लोहरवाड़ा
- शिवधाम में लगे टिन शेड कंडम हैं। पानी का प्रबंध नहीं है। निर्माण के लिए ग्राम पंचायत ने प्रस्ताव भेज रखा है। गांव के विकास के लिए प्रयास जारी है। जल्द से जल्द श्मशान घाट अव्यवस्थाओं को दूर करवाने के लिए ग्राम पंचायत प्रयासरत है।
-नेहा, सरपंच, नरसिंहवास
फोटो- 21
गांव ढाणी फोगाट में बिना चहारदीवारी के शिवधाम। संवाद
फोटो- 22
शहर से सटे ढाणी फोगाट गांव में शिवधाम का कच्चा रास्ता। संवाद