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Charkhi Dadri News: दूषित पेयजल से राहत की जगी आस
Mon, 25 Aug 2025 01:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 25 Aug 2025 01:31 AM IST
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शहर के मुख्य जलघर से घरों तक पानी पहुंचाने के लिए मंगवाए गए पाइप। संवाद
चरखी दादरी। जनस्वास्थ्य और अभियांत्रिकी विभाग की ओर से दूषित पेयजल आपूर्ति वाले स्थानों को चिह्नित कर पाइपलाइन बदली जाएगी। ऐसे में शहरवासियों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा। विभाग अवैध पेयजल कनेक्शनों की भी जांच करवाएगा।
शहर के अनेक भागों में इस समय लोगों के अवैध कनेक्शन सिरदर्द बने हुए हैं। इनकी वजह से भी पानी की गुणवत्ता खराब हो रही है। विभाग जनवरी तक इस कार्य को पूरा करने की योजना पर काम कर रहा है। दूषित पेयजल की समस्या के स्थायी समाधान के लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने योजना तैयार कर ली है। इसके तहत कई मुख्य लाइनों को बदला जाएगा।
शहर में करीब 45 साल पुरानी पेयजल लाइनें जर्जर स्थिति में हैं। इससे पेयजल लाइनों में सीवर का पानी मिलकर सप्लाई हो रहा है। शहर में पेयजल की गुणवत्ता लंबे समय से नहीं है। शहर में करीब 170 किलोमीटर लंबी पेयजल लाइनें हैं। जिस समय शहर का जलघर बना था उस समय यह मेन लाइनें बिछाई गई थी। अब ये मेन लाइनें अब जवाब दे चुकी हैं। इनके साथ- साथ ही सीवर की लाइनें भी बिछा रखी हैं। अब पेयजल लाइनों के जर्जर होने की वजह से इनमें सीवर का पानी मिलकर सप्लाई हो रहा है। जिस समय पेयजल लाइनें बिछाई गई थी उस समय पुरानी तकनीक थी। अब विभाग हर जगह लोहे की डाई पाइप लाइनें बिछा रहा है। इन पाइप में जंग नहीं लगता और इनकी उम्र भी लंबी होती है।
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- शहर में बने हैं दो जलघर
शहर में इस समय दो जलघर हैं। मेन जलघर चंपापुरी में और दूसरा रामनगर में बना है। चंपापुरी जलघर करीब 45 साल पुराना है। शहर के लोगों की लंबे समय से सीवर युक्त पानी की शिकायत बनी हुई है। दूषित पेयजल आपूर्ति से ही पेट,लीवर, आंत संबंधी रोगों को ज्यादा बढ़ावा मिलता है।
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विभाग ने सीवरयुक्त पानी आपूर्ति की समस्या दूर करने के लिए योजना तैयार कर ली है। जर्जर और सीवर लाइनों से मिली पेयजल पाइपलाइन बदला दिया जाएगा। नई पेयजल लाइनें बिछाई जाएंगी। लोगों को जल्द ही स्वच्छ पेयजल मिलेगा।
धीरेंद्र सांगवान,कनिष्ठ अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग
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शहर के अनेक भागों में इस समय लोगों के अवैध कनेक्शन सिरदर्द बने हुए हैं। इनकी वजह से भी पानी की गुणवत्ता खराब हो रही है। विभाग जनवरी तक इस कार्य को पूरा करने की योजना पर काम कर रहा है। दूषित पेयजल की समस्या के स्थायी समाधान के लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने योजना तैयार कर ली है। इसके तहत कई मुख्य लाइनों को बदला जाएगा।
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शहर में करीब 45 साल पुरानी पेयजल लाइनें जर्जर स्थिति में हैं। इससे पेयजल लाइनों में सीवर का पानी मिलकर सप्लाई हो रहा है। शहर में पेयजल की गुणवत्ता लंबे समय से नहीं है। शहर में करीब 170 किलोमीटर लंबी पेयजल लाइनें हैं। जिस समय शहर का जलघर बना था उस समय यह मेन लाइनें बिछाई गई थी। अब ये मेन लाइनें अब जवाब दे चुकी हैं। इनके साथ- साथ ही सीवर की लाइनें भी बिछा रखी हैं। अब पेयजल लाइनों के जर्जर होने की वजह से इनमें सीवर का पानी मिलकर सप्लाई हो रहा है। जिस समय पेयजल लाइनें बिछाई गई थी उस समय पुरानी तकनीक थी। अब विभाग हर जगह लोहे की डाई पाइप लाइनें बिछा रहा है। इन पाइप में जंग नहीं लगता और इनकी उम्र भी लंबी होती है।
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- शहर में बने हैं दो जलघर
शहर में इस समय दो जलघर हैं। मेन जलघर चंपापुरी में और दूसरा रामनगर में बना है। चंपापुरी जलघर करीब 45 साल पुराना है। शहर के लोगों की लंबे समय से सीवर युक्त पानी की शिकायत बनी हुई है। दूषित पेयजल आपूर्ति से ही पेट,लीवर, आंत संबंधी रोगों को ज्यादा बढ़ावा मिलता है।
विभाग ने सीवरयुक्त पानी आपूर्ति की समस्या दूर करने के लिए योजना तैयार कर ली है। जर्जर और सीवर लाइनों से मिली पेयजल पाइपलाइन बदला दिया जाएगा। नई पेयजल लाइनें बिछाई जाएंगी। लोगों को जल्द ही स्वच्छ पेयजल मिलेगा।
धीरेंद्र सांगवान,कनिष्ठ अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग