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कोविड अस्पजाल में जनरेटर न इनवर्टर, बिजली कट से संक्रमित परेशान
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कोविड अस्पताल में उपचाराधीन कोरोना संक्रमितों के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग ने कॉमन रूम और मनोरंजन की व्यवस्था तो कर दी है, लेकिन बिजली कट से संक्रमित और स्टाफ सदस्य परेशान हैं। अमर उजाला की पड़ताल में सामने आया कि कोविड अस्पताल में इनवर्टर और जनरेटर का प्रबंध नहीं है, जबकि 24 घंटे के अंदर सात से आठ बिजली कट लग रहे हैं। 40 डिग्री तापमान के बीच बत्ती गुल होने से संक्रमितों को परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है।
एमएलआर आयुर्वेदिक कॉलेज में एक माह पहले ही स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना संक्रमितों को भर्ती करना शुरू किया था। इसके बाद से ही यहां निरंतर संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है। 28 अप्रैल की शाम तक यहां 44 संक्रमित उपचाराधीन थे। इन संक्रमितों के लिए स्वास्थ्य विभाग ने यहां कॉमन रूम की व्यवस्था तो कर दी है, लेकिन बिजली संकट से अब तक संक्रमितों को राहत नहीं मिली है।
अमर उजाला टीम ने कोविड अस्पताल में उपचाराधीन एक संक्रमित से जब फोन पर बात की तो सामने आया कि 24 घंटे में सात से आठ बिजली कट लगते हैं। इनमें 15 मिनट से एक घंटे तक भी बिजली गुल रहती है। उस दौरान संक्रमितों के अलावा यहां तैनात मेडिकल स्टाफ को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। संक्रमितों को राहत दिलाने के लिए कोविड अस्पताल को न तो हॉटलाइन से कनेक्ट करवाया गया है और न ही यहां इंवर्टर और जनरेटर की व्यवस्था की है।
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आयुर्वेदिक कॉलेज का है जनरेटर, इस बार नहीं दिया विभाग को
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार कोविड अस्पताल में जो जनरेटर है, वह एमएलआर आयुर्वेदिक कॉलेज का है। यहां इनवर्टर हैं, लेकिन बैटरियां जवाब दे चुकी हैं। सूत्रों के अनुसार पिछले साल एमएलआर अस्पताल ने स्वास्थ्य विभाग को जनरेटर मुहैया करवा दिया था और इसके कारण उस दौरान संक्रमितों को बिजली संबंधी दिक्कतें यहां नहीं आई थीं।
स्वास्थ्य विभाग डीसी को और डीसी बिजली निगम को लिख चुके पत्र
अमर उजाला टीम जब जनरेटर या इनवर्टर की व्यवस्था संबंधी प्रक्रिया की तह तक गई तो सामने आया कि जिला स्वास्थ्य विभाग जिला प्रशासन को इस संबंध में पत्र लिख चुका है और डीसी बिजली निगम अधिकारियों को समस्या के समाधान के आदेश दे चुके हैं। इसके बावजूद अब तक यहां जनरेटर या इनवर्टर का प्रबंध नहीं हुआ है।
कोविड अस्पताल में इनवर्टर तो रखे हैं, लेकिन बैटरी कंडम हो चुकी हैं। इस संबंध में जिला प्रशासन को पत्र लिख चुके हैं और जल्द ही यहां बिजली गुल होने की स्थिति को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था कर दी जाएगी।
- डॉ. गौरव भारद्वाज, जिला कोरोना नोडल अधिकारी
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एमएलआर आयुर्वेदिक कॉलेज में एक माह पहले ही स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना संक्रमितों को भर्ती करना शुरू किया था। इसके बाद से ही यहां निरंतर संक्रमितों की संख्या बढ़ती जा रही है। 28 अप्रैल की शाम तक यहां 44 संक्रमित उपचाराधीन थे। इन संक्रमितों के लिए स्वास्थ्य विभाग ने यहां कॉमन रूम की व्यवस्था तो कर दी है, लेकिन बिजली संकट से अब तक संक्रमितों को राहत नहीं मिली है।
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अमर उजाला टीम ने कोविड अस्पताल में उपचाराधीन एक संक्रमित से जब फोन पर बात की तो सामने आया कि 24 घंटे में सात से आठ बिजली कट लगते हैं। इनमें 15 मिनट से एक घंटे तक भी बिजली गुल रहती है। उस दौरान संक्रमितों के अलावा यहां तैनात मेडिकल स्टाफ को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। संक्रमितों को राहत दिलाने के लिए कोविड अस्पताल को न तो हॉटलाइन से कनेक्ट करवाया गया है और न ही यहां इंवर्टर और जनरेटर की व्यवस्था की है।
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आयुर्वेदिक कॉलेज का है जनरेटर, इस बार नहीं दिया विभाग को
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार कोविड अस्पताल में जो जनरेटर है, वह एमएलआर आयुर्वेदिक कॉलेज का है। यहां इनवर्टर हैं, लेकिन बैटरियां जवाब दे चुकी हैं। सूत्रों के अनुसार पिछले साल एमएलआर अस्पताल ने स्वास्थ्य विभाग को जनरेटर मुहैया करवा दिया था और इसके कारण उस दौरान संक्रमितों को बिजली संबंधी दिक्कतें यहां नहीं आई थीं।
स्वास्थ्य विभाग डीसी को और डीसी बिजली निगम को लिख चुके पत्र
अमर उजाला टीम जब जनरेटर या इनवर्टर की व्यवस्था संबंधी प्रक्रिया की तह तक गई तो सामने आया कि जिला स्वास्थ्य विभाग जिला प्रशासन को इस संबंध में पत्र लिख चुका है और डीसी बिजली निगम अधिकारियों को समस्या के समाधान के आदेश दे चुके हैं। इसके बावजूद अब तक यहां जनरेटर या इनवर्टर का प्रबंध नहीं हुआ है।
कोविड अस्पताल में इनवर्टर तो रखे हैं, लेकिन बैटरी कंडम हो चुकी हैं। इस संबंध में जिला प्रशासन को पत्र लिख चुके हैं और जल्द ही यहां बिजली गुल होने की स्थिति को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था कर दी जाएगी।
- डॉ. गौरव भारद्वाज, जिला कोरोना नोडल अधिकारी