{"_id":"68b35853cad2bb272c0930aa","slug":"mcp-card-is-over-in-mch-pregnant-women-are-facing-problems-charkhi-dadri-news-c-126-1-cdr1004-143754-2025-08-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: एमसीएच में एमसीपी कार्ड खत्म, गर्भवती महिलाएं हो रहीं परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: एमसीएच में एमसीपी कार्ड खत्म, गर्भवती महिलाएं हो रहीं परेशान
Sun, 31 Aug 2025 01:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 31 Aug 2025 01:30 AM IST
विज्ञापन
एमसीएच स्थित टीकाकरण शाखा में पहुंचीं गर्भवती महिलाएं।
चरखी दादरी। शहर के मातृ-शिशु अस्पताल स्थित गर्भवती महिला टीकाकरण शाखा में पिछले तीन माह से एमसीपी यानी मातृ-शिशु सुरक्षा कार्ड खत्म हैं। इससे गर्भवती महिलाओं को टीकाकरण के अलावा अल्ट्रासाउंड करवाने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गर्भवती महिलाओं ने अस्पताल प्रशासन से एमसीपी कार्ड मुहैया करवाने की मांग की है, ताकि प्रसव के समय उन्हें दिक्कतें न झेलनी पड़े।
बता दें कि शहर के सरदार झाडू सिंह चौक समीप स्थित मातृ-शिशु अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण के लिए शाखा स्थापित की गई है। यहां पिछले तीन माह से मातृ एवं बाल सुरक्षा कार्ड समाप्त हैं, जिससे टीकाकरण करवाने के लिए आने वालीं महिलाओं को कार्यालय से सादे कागजों पर टीकाकरण की जानकारी लिखकर दी जा रही है।
इसके अलावा अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए भी कार्ड लेकर जाना जरूरी होता है। अस्पताल में टीकाकरण करवाने आई महिला बबीता देवी, संगीता व राजरानी ने बताया कि स्थानीय स्टाफ उन्हें साधारण कागज पर टीकारण की जानकारी लिख कर दे रहा है। उन्होंने बताया कि चिकित्सक की ओर से अल्ट्रासाउंड लिखे जाने के बाद संबंधित शाखा के कर्मचारी एमसीपी कार्ड दिखाने को कहते हैं, ताकि वो कार्ड में गर्भवती महिला की सही जानकारी जुटा सके।
विज्ञापन
- जानिये...क्यों जरूरी होता है एमसीपी कार्ड
गर्भवती महिलाओं के लिए एमसीपी( मातृ एवं शिशु संरक्षण) कार्ड जरूरी होता है। कार्ड में गर्भावस्था से लेकर बच्चे के जन्म तक सभी स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण और स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी लिखी जाती है। यह कार्ड मां और बच्चे के अच्छे स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण है। उन्हें आवश्यक देखभाल और आधुनिक तरीकों के बारे में जानकारी प्रदान करता है।
- जोखिम वाली गर्भावस्था की होती है पहचान
जिन महिलाओं के कार्ड पर लाल स्टिकर लगा होता है, उन्हें उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था में गिना जाता है। इसके बाद उन्हें विशेषज्ञ की सलाह और उचित स्वास्थ्य सुविधाओं में प्रसव कराने की सलाह दी जाती है। एमसीपी कार्ड मां को दी जाने वाली सभी सेवाओं जैसे प्रसव से पूर्व जांच, टीकाकरण और अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का रिकॉर्ड दर्ज किया जाता है।
- हर माह होती हैं औसतन 95 डिलीवरी
दादरी मातृ-शिशु अस्पताल की बात करें तो यहां सिजेरियन डिलीवरी की सुविधा है। इसके अलावा बौंदकलां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी यह सुविधा शुरू की जा चुकी है। मातृ-शिशु अस्पताल की बात करें तो यहां हर माह औसतन 75 प्रसव होते हैं।
अगर ऐसा है तो इसकी अपडेट ली जाएगी। जल्द ही एमसीपी कार्ड मंगवा दिए जाएंगे और उसके बाद गर्भवती महिलाओं को परेशानी नहीं होगी और उनके ट्रीटमेंट का रिकॉर्ड भी दर्ज हो जाएगा।
-डॉ. राहुल अरोड़ा, डिप्टी सीएमओ, जिला स्वास्थ्य विभाग
विज्ञापन
बता दें कि शहर के सरदार झाडू सिंह चौक समीप स्थित मातृ-शिशु अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण के लिए शाखा स्थापित की गई है। यहां पिछले तीन माह से मातृ एवं बाल सुरक्षा कार्ड समाप्त हैं, जिससे टीकाकरण करवाने के लिए आने वालीं महिलाओं को कार्यालय से सादे कागजों पर टीकाकरण की जानकारी लिखकर दी जा रही है।
विज्ञापन
इसके अलावा अल्ट्रासाउंड करवाने के लिए भी कार्ड लेकर जाना जरूरी होता है। अस्पताल में टीकाकरण करवाने आई महिला बबीता देवी, संगीता व राजरानी ने बताया कि स्थानीय स्टाफ उन्हें साधारण कागज पर टीकारण की जानकारी लिख कर दे रहा है। उन्होंने बताया कि चिकित्सक की ओर से अल्ट्रासाउंड लिखे जाने के बाद संबंधित शाखा के कर्मचारी एमसीपी कार्ड दिखाने को कहते हैं, ताकि वो कार्ड में गर्भवती महिला की सही जानकारी जुटा सके।
विज्ञापन
- जानिये...क्यों जरूरी होता है एमसीपी कार्ड
गर्भवती महिलाओं के लिए एमसीपी( मातृ एवं शिशु संरक्षण) कार्ड जरूरी होता है। कार्ड में गर्भावस्था से लेकर बच्चे के जन्म तक सभी स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण और स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी लिखी जाती है। यह कार्ड मां और बच्चे के अच्छे स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण है। उन्हें आवश्यक देखभाल और आधुनिक तरीकों के बारे में जानकारी प्रदान करता है।
- जोखिम वाली गर्भावस्था की होती है पहचान
जिन महिलाओं के कार्ड पर लाल स्टिकर लगा होता है, उन्हें उच्च जोखिम वाली गर्भावस्था में गिना जाता है। इसके बाद उन्हें विशेषज्ञ की सलाह और उचित स्वास्थ्य सुविधाओं में प्रसव कराने की सलाह दी जाती है। एमसीपी कार्ड मां को दी जाने वाली सभी सेवाओं जैसे प्रसव से पूर्व जांच, टीकाकरण और अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का रिकॉर्ड दर्ज किया जाता है।
- हर माह होती हैं औसतन 95 डिलीवरी
दादरी मातृ-शिशु अस्पताल की बात करें तो यहां सिजेरियन डिलीवरी की सुविधा है। इसके अलावा बौंदकलां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी यह सुविधा शुरू की जा चुकी है। मातृ-शिशु अस्पताल की बात करें तो यहां हर माह औसतन 75 प्रसव होते हैं।
अगर ऐसा है तो इसकी अपडेट ली जाएगी। जल्द ही एमसीपी कार्ड मंगवा दिए जाएंगे और उसके बाद गर्भवती महिलाओं को परेशानी नहीं होगी और उनके ट्रीटमेंट का रिकॉर्ड भी दर्ज हो जाएगा।
-डॉ. राहुल अरोड़ा, डिप्टी सीएमओ, जिला स्वास्थ्य विभाग