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Charkhi Dadri News: ओलावृष्टि प्रभावित गांवों को छोड़कर सरसों की प्रति एकड़ औसत पैदावार मिल रही आठ से नौ क्विंटल

Wed, 09 Apr 2025 11:06 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Wed, 09 Apr 2025 11:06 PM IST
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less mustured production in ola effected area
फोटो 15
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मंडी परिसर में सरसों की ढेरी बनाते श्रमिक। संवाद
ओलावृष्टि प्रभावित गांवों में प्रति एकड़ पांच से छह क्विंटल हुई पैदावार, 1.50 लाख एकड़ में बोई गई थी सरसों
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। गत जनवरी व मार्च माह में जिन भागों में ओलावृष्टि हुई, वहां सरसों की प्रति एकड़ औसत पैदावार पांच से छह क्विंटल तक आंकी जा रही है। वहीं, जिन भागोंं में ओले नहीं गिरे, वहां औसत पैदावार आठ से नौ क्विंटल प्रति एकड़ तक हुई है।
इस समय किसान अनाज मंडी में सरसों की बिक्री करने पहुंच रहे हैं। वैसे जिले में सरसों की अधिकतम औसत पैदावार प्रति एकड़ 10 क्विंटल तक हो सकती है। हालांकि, सरसों के दाना की गुणवत्ता मेें कोई खास गिरावट नहीं आई है।
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मौजूदा रबी सीजन में सरसों का रकबा करीब एक लाख 50 हजार एकड़ क्षेत्र था। अक्तूबर माह में सरसों की बिजाई के बाद तीन माह तक बारिश नहीं हुई। दिसंबर व जनवरी माह में बारिश हुई। जनवरी व मार्च में करीब 35 गांवों में ओले भी गिरे थे। करीब 20 गांवों में ओलावृष्टि से सरसों में 50 से 75 प्रतिशत तक नुकसान हुआ। ओलों की मार से करीब 25 हजार एकड़ क्षेत्र प्रभावित हुआ था।
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- सफेद रतवा रोग से रहा बचाव
किसानों का कहना है कि सरसों में इस बार व्हाइट ट्रस्ट यानी सफेद रतवा व अन्य रोग भी नहीं लगे। कुछ भागोंं में सरसों की औसत पैदावार सामान्य ही रही है। किसानों का कहना है कि जिन भागों में ओले गिरे थे वहां, पांच से छह क्विंटल प्रति एकड़ पैदावार हुई है। शेष भागों में आठ से नौ क्विंटल तक पैदावार मिल रही है। आजकल बीज की उन्नत किस्में होने के कारण औसत पैदावार 10 क्विंटल प्रति एकड़ तक हो जाती है।
वर्सन:
जिन भागोंं में ओले गिरे थे, उनमें पांच से छह क्विंटल प्रति एकड़ सरसों की पैदावार हुई है। शेष भागाें में आठ क्विंटल तक पैदावार हुई है। सरसों की सामान्य औसत पैदावार 10 क्विंटल तक हो सकती है। ओलों की मार से काफी गांवों में खासा नुकसान हुआ है। सरकार को जल्द मुआवजा देना चाहिए।

-हरपाल भांडवा, जिला अध्यक्ष, भाकियू

वर्सन:
ओलों की मार से फसल पर प्रतिकूल असर पड़ता है। सरसों की सामान्य औसत पैदावार 10 क्विंटल प्रति एकड़ तक हो सकती है। मिट्टी, पानी व जलवायु का भी फसल पर प्रतिकूल-अनुकूल प्रभाव पड़ता है।
-कृष्ण कुमार, एसडीओ, कृषि विभाग
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