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Charkhi Dadri News: बौंदकलां खंड की जमीन सेमग्रस्त
Mon, 21 Jul 2025 12:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 21 Jul 2025 12:56 AM IST
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बाढड़ा क्षेत्र का कृषि योग्य रकबा। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी/बौंदकलां। सरकारी भूमि परीक्षण प्रयोगशाला में खेत की मिट्टी की जांच रिपोर्ट में जिले के बौंदकलां खंड की जमीन सेमग्रस्त पाई गई है। विशेषज्ञों की मानें तो ऐसी मिट्टी में दाना अंकुरित होना बंद हो जाता है। मिट्टी का रंग भी काला पड़ने लगता है। वहीं, जमीन की उर्वरा शक्ति धीरे-धीरे कम होने लगती है। बाढड़ा खंड की कृषि जमीन में फास्फोरस, पोटाश व नाइट्रोजन की कमी पाई गई है।
जिले का कुल कृृषि योग्य रकबा एक लाख 22 हजार 378 हेक्टेयर है। आज किसान फसलों में रासायनिक खाद का अंधाधुंध प्रयाेग कर रहे हैं। खेती का तरीका ही बदल गया है। फसलों में कीटनाशक दवा का छिड़काव किया जा रहा है। यह जमीन व लोगों की सेहत दोनों के लिए खतरनाक है। वहीं, किसान फसल चक्र भी नहीं अपना रहे हैं। एक सीजन में दो फसलें उगाई जा रही हैं। इससे मिट्टी का संतुलन बिगड़ गया है।
मिट्टी का पीएच मान 8 से 8.5 तक तक पहुंच गया है। सामान्य 7 से 7.5 के बीच होना चाहिए।
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चरखी दादरी/बौंदकलां। सरकारी भूमि परीक्षण प्रयोगशाला में खेत की मिट्टी की जांच रिपोर्ट में जिले के बौंदकलां खंड की जमीन सेमग्रस्त पाई गई है। विशेषज्ञों की मानें तो ऐसी मिट्टी में दाना अंकुरित होना बंद हो जाता है। मिट्टी का रंग भी काला पड़ने लगता है। वहीं, जमीन की उर्वरा शक्ति धीरे-धीरे कम होने लगती है। बाढड़ा खंड की कृषि जमीन में फास्फोरस, पोटाश व नाइट्रोजन की कमी पाई गई है।
जिले का कुल कृृषि योग्य रकबा एक लाख 22 हजार 378 हेक्टेयर है। आज किसान फसलों में रासायनिक खाद का अंधाधुंध प्रयाेग कर रहे हैं। खेती का तरीका ही बदल गया है। फसलों में कीटनाशक दवा का छिड़काव किया जा रहा है। यह जमीन व लोगों की सेहत दोनों के लिए खतरनाक है। वहीं, किसान फसल चक्र भी नहीं अपना रहे हैं। एक सीजन में दो फसलें उगाई जा रही हैं। इससे मिट्टी का संतुलन बिगड़ गया है।
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मिट्टी का पीएच मान 8 से 8.5 तक तक पहुंच गया है। सामान्य 7 से 7.5 के बीच होना चाहिए।