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Charkhi Dadri News: तीन साल पांच महीने में 28,694 लोगों को कुत्तों ने काटा, पालतू कुत्तों का पंजीकरण शून्य
Wed, 28 Oct 2026 01:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Wed, 28 Oct 2026 01:20 AM IST
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शहर में घुमते आवारा कुत्ते।
- फोटो : 1
चरखी दादरी। जिले में स्ट्रीट डॉग्स की बढ़ती संख्या और कुत्तों के काटने की घटनाएं आमजन की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता बनती जा रही हैं। पिछले तीन साल पांच महीने में जिले में 28,694 लोगों को कुत्तों ने काटा है। इसके बावजूद कुत्तों की निगरानी और पालतू कुत्तों के पंजीकरण की व्यवस्था प्रभावी नजर नहीं आ रही। नगर परिषद में अब तक एक भी पालतू कुत्ते का पंजीकरण नहीं हुआ है जबकि जिले में विभिन्न नस्लों के करीब 1,400 कुत्ते घरों में पाले जा रहे हैं। किसी भी कुत्ता पालक ने अभी तक पंजीकरण नहीं करवाया है।
जिले में कुत्तों के हमलों का खतरा गली-मोहल्लों से लेकर बाजारों और प्रमुख सड़कों तक बना हुआ है। बच्चों और बुजुर्गों के साथ सुबह-शाम सैर करने निकलने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार कुत्तों के पीछे दौड़ने से लोग घबरा जाते हैं वहीं अचानक सड़क पर आ जाने से दोपहिया वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका रहती है।
तीन साल पांच महीने में 28,694 लोगों को कुत्तों के काटने का आंकड़ा समस्या की व्यापकता दर्शाता है। ऐसी घटनाओं के बाद पीड़ितों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचना पड़ता है। कुत्ते के काटने पर घाव की तत्काल सफाई और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार एंटी रेबीज टीकाकरण जरूरी है। लापरवाही गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकती है।
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1,400 पालतू कुत्ते, पंजीकरण एक का भी नहीं
शहर में पालतू कुत्तों के पंजीकरण की स्थिति भी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। जिले में करीब 1,400 कुत्ते घरों में पाले जाने के बावजूद नगर परिषद के रिकॉर्ड में एक भी कुत्ते का पंजीकरण नहीं है। पंजीकरण की प्रक्रिया ऑनलाइन उपलब्ध है लेकिन किसी भी कुत्ता पालक के आगे न आने से व्यवस्था जमीन पर लागू होती नजर नहीं आ रही। पंजीकरण का उद्देश्य पालतू कुत्तों की पहचान और उनसे संबंधित जरूरी जानकारी का रिकॉर्ड रखना है। ऐसे में पंजीकरण नहीं होने से नियमों की पालना और निगरानी को लेकर चुनौती बनी हुई है।
नसबंदी और टीकाकरण पर देना होगा जोर
स्ट्रीट डॉग्स की समस्या से निपटने के लिए नगर परिषद और संबंधित विभागों को नियमित निगरानी के साथ कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण की रफ्तार तेज करनी होगी। साथ ही पालतू कुत्तों के मालिकों को पंजीकरण कराने, टीकाकरण सुनिश्चित करने और सार्वजनिक स्थानों पर जिम्मेदारी से कुत्तों को संभालने के प्रति जागरूक करना जरूरी है।
वर्सन:
फिलहाल नगर परिषद की टीम गलियों में घूमने वाले कुत्तों को पकड़ नसबंदी करने का अभियान चलाए हुए है। इसके पूरा होने के बाद घरों में पाले गए कुत्तों के मालिकों को पंजीकरण करवाने के लिए नोटिस जारी किए जाएंगे। इसके बावजूद पंजीकरण नहीं करवाने वाले मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।-राजेश कुमार, सीआईएस, नगर परिषद।
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जिले में कुत्तों के हमलों का खतरा गली-मोहल्लों से लेकर बाजारों और प्रमुख सड़कों तक बना हुआ है। बच्चों और बुजुर्गों के साथ सुबह-शाम सैर करने निकलने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार कुत्तों के पीछे दौड़ने से लोग घबरा जाते हैं वहीं अचानक सड़क पर आ जाने से दोपहिया वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने की आशंका रहती है।
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तीन साल पांच महीने में 28,694 लोगों को कुत्तों के काटने का आंकड़ा समस्या की व्यापकता दर्शाता है। ऐसी घटनाओं के बाद पीड़ितों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचना पड़ता है। कुत्ते के काटने पर घाव की तत्काल सफाई और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार एंटी रेबीज टीकाकरण जरूरी है। लापरवाही गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा कर सकती है।
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1,400 पालतू कुत्ते, पंजीकरण एक का भी नहीं
शहर में पालतू कुत्तों के पंजीकरण की स्थिति भी व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। जिले में करीब 1,400 कुत्ते घरों में पाले जाने के बावजूद नगर परिषद के रिकॉर्ड में एक भी कुत्ते का पंजीकरण नहीं है। पंजीकरण की प्रक्रिया ऑनलाइन उपलब्ध है लेकिन किसी भी कुत्ता पालक के आगे न आने से व्यवस्था जमीन पर लागू होती नजर नहीं आ रही। पंजीकरण का उद्देश्य पालतू कुत्तों की पहचान और उनसे संबंधित जरूरी जानकारी का रिकॉर्ड रखना है। ऐसे में पंजीकरण नहीं होने से नियमों की पालना और निगरानी को लेकर चुनौती बनी हुई है।
नसबंदी और टीकाकरण पर देना होगा जोर
स्ट्रीट डॉग्स की समस्या से निपटने के लिए नगर परिषद और संबंधित विभागों को नियमित निगरानी के साथ कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण की रफ्तार तेज करनी होगी। साथ ही पालतू कुत्तों के मालिकों को पंजीकरण कराने, टीकाकरण सुनिश्चित करने और सार्वजनिक स्थानों पर जिम्मेदारी से कुत्तों को संभालने के प्रति जागरूक करना जरूरी है।
वर्सन:
फिलहाल नगर परिषद की टीम गलियों में घूमने वाले कुत्तों को पकड़ नसबंदी करने का अभियान चलाए हुए है। इसके पूरा होने के बाद घरों में पाले गए कुत्तों के मालिकों को पंजीकरण करवाने के लिए नोटिस जारी किए जाएंगे। इसके बावजूद पंजीकरण नहीं करवाने वाले मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।-राजेश कुमार, सीआईएस, नगर परिषद।