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Charkhi Dadri News: दादरी हलके में आमने-सामने का मुकाबला, निर्दलीय प्रत्याशी बिगाड़ रहे पार्टियों के समीकरण
Fri, 27 Sep 2024 08:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 27 Sep 2024 08:51 PM IST
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ग्राउंड रिपोर्ट::
- इस बार चुनाव में दादरी हलके से 18 प्रत्याशियों ने ठोकी है ताल, पिछले चार चुनावों से सरकार विरोधी प्रत्याशी को मतदाताओं ने भेजा विधानसभा
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। दादरी विधानसभा क्षेत्र की सीट पर कांटे का मुकाबला होने के आसार हैं। हलके के मतदाताओं का मानना है कि फिलहाल भाजपा और कांग्रेस में आमने-सामने का मुकाबला है। हालांकि, निर्दलीय प्रत्याशी दोनों पार्टियों के प्रत्याशियों के समीकरण बिगाड़ सकते हैं। दोनों ही पार्टियां अपने बागी नेताओं को मनाने में कामयाब नहीं हो पाईं।
इस बार चुनाव में दादरी हलके से 18 प्रत्याशियों ने दावेदारी ठोकी है। इनमें 10 निर्दलीय उम्मीदवार हैं। भाजपा और कांग्रेस ने इस चुनाव में नए चेहरे पर दांव खेला है। अहम बात यह है कि दोनों संगठनों के प्रत्याशी सांगवान गोत्र से हैं। सांगवान-40 दादरी हलके की बड़ी खाप है। दादरी हलके में भाजपा ने छह चुनाव लड़ने वाले पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान के बेटे सुनील सांगवान को अपना प्रत्याशी बनाया है। वह जेल विभाग से वीआरस लेकर पहला चुनाव लड़ रहे हैं। उन पर परिवार को सत्ता में वापसी करवाने के साथ ही दादरी हलके में पहली बार कमल खिलाने की पहाड़ सी चुनौती है।
वहीं, कांग्रेस ने नए चेहरे के रूप में पूर्व सहायक प्रोफेसर मनीषा सांगवान पर दांव खेला है। उनका भी यह पहला चुनाव है। दादरी में जजपा ने पूर्व विधायक राजदीप फोगाट को मैदान में उतार रखा है।
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अब अगर दादरी हलके में बागी नेताओं की स्थिति देखें तो 23 साल कांग्रेस में विभिन्न पदों पर रहने वाले अजीत फोगाट पार्टी से बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, भाजपा की बात करें तो नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन संजय छपारिया भी निर्दलीय ताल ठोक रहे हैं। ऐसे में ये दोनों निर्दलीय प्रत्याशी कांग्रेस व भाजपा के वोट बैंक को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
- सत्ता पक्ष के उम्मीदवार पर हलके की जनता ने जताया कम विश्वास
दादरी हलके के पिछले चार चुनावों की बात करें तो मतदाताओं ने सत्ता पक्ष के उम्मीदवार पर कम विश्वास जताया है। वर्ष 2009 में कांग्रेस की सरकार थी। इस चुनाव में मतदाताओं ने हजकां प्रत्याशी सतपाल सांगवान को विजयी बनाया। वर्ष 2014 के चुनाव में इनेलो प्रत्याशी राजदीप फोगाट को मतदाताओं ने विधायक चुना। वर्ष 2019 के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के बजाय निर्दलीय उम्मीदवार सोमवीर सांगवान को मतदाताओं ने विधानसभा चुनाव में भेजा।
- मतदाता बोले : कांटे की रहेगी टक्कर, एकतरफा नहीं मुकाबला
अपने काम करवाने लघु सचिवालय पहुंचे चरखी निवासी रामानंद, रावलधी निवासी सुखबीर, पातुवास निवासी सुनील, कमोद निवासी विजय और भागवी निवासी जगदीश ने कहा कि हलके के सभी गांवों में चुनावी माहौल बन चुका है। इस चुनाव में कांग्रेस व भाजपा के बीच कांटे की टक्कर रहेगी। हालांकि, मुकाबला एकतरफा कतई नहीं है। निर्दलीय प्रत्याशी पार्टियों का वोट बैंक प्रभावित करेंगे।
- दादरी हलके से जुड़े तथ्य
मतदान के स्थान-135
कुल मतदान बूथ-245
कुल मतदाता- 2.07 लाख
पुरुष मतदाता- 1.09 लाख
महिला मतदाता- 98,599
कुल प्रत्याशी- 18
क्रिटीकल बूथ- 52
फोटो 32
दादरी हलके के एक प्रत्याशी की जनसभा में मौजूद लोग। स्रोत : सोशल मीडिया
फोटो 33
भाजपा प्रत्याशी एवं पूर्व जेलर सुनील सांगवान। संवाद
फोटो 34
कांग्रेस प्रत्याशी एवं पूर्व सहायक प्रोफेसर मनीषा सांगवान। संवाद
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- इस बार चुनाव में दादरी हलके से 18 प्रत्याशियों ने ठोकी है ताल, पिछले चार चुनावों से सरकार विरोधी प्रत्याशी को मतदाताओं ने भेजा विधानसभा
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। दादरी विधानसभा क्षेत्र की सीट पर कांटे का मुकाबला होने के आसार हैं। हलके के मतदाताओं का मानना है कि फिलहाल भाजपा और कांग्रेस में आमने-सामने का मुकाबला है। हालांकि, निर्दलीय प्रत्याशी दोनों पार्टियों के प्रत्याशियों के समीकरण बिगाड़ सकते हैं। दोनों ही पार्टियां अपने बागी नेताओं को मनाने में कामयाब नहीं हो पाईं।
इस बार चुनाव में दादरी हलके से 18 प्रत्याशियों ने दावेदारी ठोकी है। इनमें 10 निर्दलीय उम्मीदवार हैं। भाजपा और कांग्रेस ने इस चुनाव में नए चेहरे पर दांव खेला है। अहम बात यह है कि दोनों संगठनों के प्रत्याशी सांगवान गोत्र से हैं। सांगवान-40 दादरी हलके की बड़ी खाप है। दादरी हलके में भाजपा ने छह चुनाव लड़ने वाले पूर्व मंत्री सतपाल सांगवान के बेटे सुनील सांगवान को अपना प्रत्याशी बनाया है। वह जेल विभाग से वीआरस लेकर पहला चुनाव लड़ रहे हैं। उन पर परिवार को सत्ता में वापसी करवाने के साथ ही दादरी हलके में पहली बार कमल खिलाने की पहाड़ सी चुनौती है।
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वहीं, कांग्रेस ने नए चेहरे के रूप में पूर्व सहायक प्रोफेसर मनीषा सांगवान पर दांव खेला है। उनका भी यह पहला चुनाव है। दादरी में जजपा ने पूर्व विधायक राजदीप फोगाट को मैदान में उतार रखा है।
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अब अगर दादरी हलके में बागी नेताओं की स्थिति देखें तो 23 साल कांग्रेस में विभिन्न पदों पर रहने वाले अजीत फोगाट पार्टी से बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं, भाजपा की बात करें तो नगर परिषद के पूर्व चेयरमैन संजय छपारिया भी निर्दलीय ताल ठोक रहे हैं। ऐसे में ये दोनों निर्दलीय प्रत्याशी कांग्रेस व भाजपा के वोट बैंक को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
- सत्ता पक्ष के उम्मीदवार पर हलके की जनता ने जताया कम विश्वास
दादरी हलके के पिछले चार चुनावों की बात करें तो मतदाताओं ने सत्ता पक्ष के उम्मीदवार पर कम विश्वास जताया है। वर्ष 2009 में कांग्रेस की सरकार थी। इस चुनाव में मतदाताओं ने हजकां प्रत्याशी सतपाल सांगवान को विजयी बनाया। वर्ष 2014 के चुनाव में इनेलो प्रत्याशी राजदीप फोगाट को मतदाताओं ने विधायक चुना। वर्ष 2019 के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के बजाय निर्दलीय उम्मीदवार सोमवीर सांगवान को मतदाताओं ने विधानसभा चुनाव में भेजा।
- मतदाता बोले : कांटे की रहेगी टक्कर, एकतरफा नहीं मुकाबला
अपने काम करवाने लघु सचिवालय पहुंचे चरखी निवासी रामानंद, रावलधी निवासी सुखबीर, पातुवास निवासी सुनील, कमोद निवासी विजय और भागवी निवासी जगदीश ने कहा कि हलके के सभी गांवों में चुनावी माहौल बन चुका है। इस चुनाव में कांग्रेस व भाजपा के बीच कांटे की टक्कर रहेगी। हालांकि, मुकाबला एकतरफा कतई नहीं है। निर्दलीय प्रत्याशी पार्टियों का वोट बैंक प्रभावित करेंगे।
- दादरी हलके से जुड़े तथ्य
मतदान के स्थान-135
कुल मतदान बूथ-245
कुल मतदाता- 2.07 लाख
पुरुष मतदाता- 1.09 लाख
महिला मतदाता- 98,599
कुल प्रत्याशी- 18
क्रिटीकल बूथ- 52
फोटो 32
दादरी हलके के एक प्रत्याशी की जनसभा में मौजूद लोग। स्रोत : सोशल मीडिया
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भाजपा प्रत्याशी एवं पूर्व जेलर सुनील सांगवान। संवाद
फोटो 34
कांग्रेस प्रत्याशी एवं पूर्व सहायक प्रोफेसर मनीषा सांगवान। संवाद