{"_id":"694d9d114703e6291b066b14","slug":"fasting-on-mankawas-mountain-to-save-the-aravalli-mountain-range-charkhi-dadri-news-c-126-1-shsr1012-149290-2025-12-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: अरावली पर्वत शृंखला बचाने के लिए मानकावास पहाड़ पर रखा उपवास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: अरावली पर्वत शृंखला बचाने के लिए मानकावास पहाड़ पर रखा उपवास
Fri, 26 Dec 2025 01:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 26 Dec 2025 01:52 AM IST
विज्ञापन
दादा गुसाई धाम मंदिर के निकट उपवास पर बैठे संगठनों के प्रतिनिधि।
चरखी दादरी। स्टैंड विद नेचर के संस्थापक डाॅ. लोकेश ने कहा कि पर्यावरण को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षित रखने वाली अरावली पर्वत शृंखलाओं को योजनाबद्ध तरीके से समाप्त करने की साजिश की जा रही है, इसके विनाशकारी परिणाम भविष्य में सामने आएंगे। अरावली विरासत जन अभियान के तहत वीरवार को गांव मानकावास स्थित पहाड़ पर एक दिवसीय उपवास के दौरान यह बात कही।
इस दौरान योगबीर सांगवान ने अरावली की नई परिभाषा के खिलाफ आवाज उठाते हुए इसके संरक्षण की मांग की। योगबीर सांगवान ने बताया कि 100 मीटर की ऊंचाई का नया पैमाना लागू होने से हरियाणा व गुजरात की 90 प्रतिशत पहाड़ियां संरक्षण से बाहर हो जाएंगी। इससे अवैध खनन, जल संकट और मरुस्थलीकरण का खतरा बढ़ जाएगा। उन्होंने चेताया कि यदि यह मानक नहीं बदला गया तो पारिस्थितिक तंत्र पूरी तरह तबाह हो जाएगा।
विज्ञापन
इस दौरान योगबीर सांगवान ने अरावली की नई परिभाषा के खिलाफ आवाज उठाते हुए इसके संरक्षण की मांग की। योगबीर सांगवान ने बताया कि 100 मीटर की ऊंचाई का नया पैमाना लागू होने से हरियाणा व गुजरात की 90 प्रतिशत पहाड़ियां संरक्षण से बाहर हो जाएंगी। इससे अवैध खनन, जल संकट और मरुस्थलीकरण का खतरा बढ़ जाएगा। उन्होंने चेताया कि यदि यह मानक नहीं बदला गया तो पारिस्थितिक तंत्र पूरी तरह तबाह हो जाएगा।
विज्ञापन