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Charkhi Dadri News: पशु पॉलीक्लीनिक निर्माण के लिए एस्टीमेट अब भेजा मुख्यालय
Thu, 11 Sep 2025 10:48 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 11 Sep 2025 10:48 PM IST
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दादरी शहर के कोर्ट रो स्थित जिला पशु अस्पताल। संवाद
फोटो 05
दादरी शहर के कोर्ट रोड स्थित जिला पशु अस्पताल। संवाद
शहर से सटते गांव समसपुर में तीन एकड़ जमीन में बनना है पॉलीक्लीनिक, 2 लाख पशुधन के ऑपरेशन की मिलेगी सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। गांव समसपुर में प्रस्तावित पशु पॉलीक्लीनिक निर्माण के लिए अब एस्टीमेट मुख्यालय भेजा गया है। शहर से सटते गांव समसपुर में तीन एकड़ जमीन में पॉलीक्लीनिक बनना है। पॅालीक्लीनिक खुलने पर पशुओं की सर्जरी की सुविधा व बच्चेदानी का इलाज जिले में ही हो सकेगा। पशु पॉलीक्लीनिक में 7 स्पेशलिस्ट चिकित्सकों की टीम तैनात हो सकेगी। जिले में इस समय सभी कैटेगरी के करीब दो लाख पशु हैं।
चरखी दादरी जिला पशुपालन के क्षेत्र में अग्रणी रहा है। जिले की देशी गाय राज्यस्तरीय दुग्ध एवं सौंदर्य प्रतियोगिता में प्रदेश में नाम रोशन कर चुकी है। समय-समय पर होने वाली दुग्ध प्रतियोगिताओं में भी जिले के पशुपालक सक्रियता से भाग लेते रहे हैं। गाय, भैंस, घोड़ा, ऊंटों का पशु मेलों में उम्दा प्रदर्शन रहा है।
जिले के पशु अस्पतालों में लंबे समय से आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की कमी है। पशु विशेषज्ञ भी अब तक यहां तैनात नहीं किए गए हैं। इससे कई बार पशु असाध्य रोगों का समय पर इलाज न होने पर दम तोड़ देते हैं। इससे पशुपालक एवं देश के पशुधन को आर्थिक नुकसान होता है।
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- 55 डिस्पेंसरी और 28 छोटे अस्पताल
जिले के गांवों में 55 डिस्पेंसरी जरूर हैं, लेकिन, इनमें छोटे-मोटे रोगों के उपचार की ही सुविधा है। गंभीर मामला आने पर हिसार कृषि विश्वविद्यालय ले जाना पड़ता है। इससे पशुपालक को काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इन डिस्पेंसरी में वीएलडीए तैनात होते हैं। इसी प्रकार, जिले में 28 मिनी अस्पताल हैं। जिले में पॉलीक्लीनिक की सरकार ने सवा साल पहले मंजूरी दे दी थी। यह गांव समसपुर में बनना है। यह जमीन पंचायती है, जो खेल स्टेडियम के समीप खातीवास रोड पर स्थित है।
- सर्जरी की सुविधा मिल सकेगी
पॉलीक्लीनिक खुलने से यहां सर्जरी का स्पेशल चिकित्सक तैनात हो सकेगा। इतना ही नहीं, बच्चेदानी का विशेषज्ञ भी तैनात होगा। पूरी लैब की सुविधा मिल सकेगी। मेडिसिन का विशेषज्ञ अलग से तैनात होगा। इस प्रकार, सात विशेषज्ञ चिकित्सकों की सुविधाएं मिल सकेंगी। एसडीओ के भी दो पद और सृजित किए जाएंगे। जिले में दो पशु डिस्पेंशनरी सरकार ने पहले ही अपग्रेड कर दी हैं। गांव रानीला व दगड़ोली स्थित पशु डिस्पेंशनरी को अपग्रेड किया जा चुका है।
वर्जन::
पॉलीक्लीनिक निर्माण के लिए एस्टीमेट तैयार कर हेड ऑफिस भेज दिया गया है। जैसे ही बजट मिल जाएगा इस प्रोजेक्ट को पूरा करवाया जाएगा।
-डॉ.जसवंत सिंह जून, डिप्टी डायरेक्टर, पशुपालन विभाग
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दादरी शहर के कोर्ट रोड स्थित जिला पशु अस्पताल। संवाद
शहर से सटते गांव समसपुर में तीन एकड़ जमीन में बनना है पॉलीक्लीनिक, 2 लाख पशुधन के ऑपरेशन की मिलेगी सुविधा
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। गांव समसपुर में प्रस्तावित पशु पॉलीक्लीनिक निर्माण के लिए अब एस्टीमेट मुख्यालय भेजा गया है। शहर से सटते गांव समसपुर में तीन एकड़ जमीन में पॉलीक्लीनिक बनना है। पॅालीक्लीनिक खुलने पर पशुओं की सर्जरी की सुविधा व बच्चेदानी का इलाज जिले में ही हो सकेगा। पशु पॉलीक्लीनिक में 7 स्पेशलिस्ट चिकित्सकों की टीम तैनात हो सकेगी। जिले में इस समय सभी कैटेगरी के करीब दो लाख पशु हैं।
चरखी दादरी जिला पशुपालन के क्षेत्र में अग्रणी रहा है। जिले की देशी गाय राज्यस्तरीय दुग्ध एवं सौंदर्य प्रतियोगिता में प्रदेश में नाम रोशन कर चुकी है। समय-समय पर होने वाली दुग्ध प्रतियोगिताओं में भी जिले के पशुपालक सक्रियता से भाग लेते रहे हैं। गाय, भैंस, घोड़ा, ऊंटों का पशु मेलों में उम्दा प्रदर्शन रहा है।
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जिले के पशु अस्पतालों में लंबे समय से आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की कमी है। पशु विशेषज्ञ भी अब तक यहां तैनात नहीं किए गए हैं। इससे कई बार पशु असाध्य रोगों का समय पर इलाज न होने पर दम तोड़ देते हैं। इससे पशुपालक एवं देश के पशुधन को आर्थिक नुकसान होता है।
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- 55 डिस्पेंसरी और 28 छोटे अस्पताल
जिले के गांवों में 55 डिस्पेंसरी जरूर हैं, लेकिन, इनमें छोटे-मोटे रोगों के उपचार की ही सुविधा है। गंभीर मामला आने पर हिसार कृषि विश्वविद्यालय ले जाना पड़ता है। इससे पशुपालक को काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। इन डिस्पेंसरी में वीएलडीए तैनात होते हैं। इसी प्रकार, जिले में 28 मिनी अस्पताल हैं। जिले में पॉलीक्लीनिक की सरकार ने सवा साल पहले मंजूरी दे दी थी। यह गांव समसपुर में बनना है। यह जमीन पंचायती है, जो खेल स्टेडियम के समीप खातीवास रोड पर स्थित है।
- सर्जरी की सुविधा मिल सकेगी
पॉलीक्लीनिक खुलने से यहां सर्जरी का स्पेशल चिकित्सक तैनात हो सकेगा। इतना ही नहीं, बच्चेदानी का विशेषज्ञ भी तैनात होगा। पूरी लैब की सुविधा मिल सकेगी। मेडिसिन का विशेषज्ञ अलग से तैनात होगा। इस प्रकार, सात विशेषज्ञ चिकित्सकों की सुविधाएं मिल सकेंगी। एसडीओ के भी दो पद और सृजित किए जाएंगे। जिले में दो पशु डिस्पेंशनरी सरकार ने पहले ही अपग्रेड कर दी हैं। गांव रानीला व दगड़ोली स्थित पशु डिस्पेंशनरी को अपग्रेड किया जा चुका है।
वर्जन::
पॉलीक्लीनिक निर्माण के लिए एस्टीमेट तैयार कर हेड ऑफिस भेज दिया गया है। जैसे ही बजट मिल जाएगा इस प्रोजेक्ट को पूरा करवाया जाएगा।
-डॉ.जसवंत सिंह जून, डिप्टी डायरेक्टर, पशुपालन विभाग