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Charkhi Dadri News: घर के अंदर मृत मिली दिव्यांग बुजुर्ग महिला, बदबू आने पर गेट तोड़कर निकाला
Mon, 24 Jun 2024 03:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 24 Jun 2024 03:16 AM IST
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मृतका केला देवी।
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी/बौंदकलां। गांव मिसरी स्थित एक घर में अकेली रह रही दिव्यांग केला देवी (72) की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। आशंका जताई जा रही है कि बुजुर्ग महिला की तीन दिन पहले मौत हुई है। उसके दत्तक पुत्र के गुरुग्राम से लौटने पर घर से दुर्गंध आने पर मौत का पता चला। शव पोस्टमार्टम के लिए दादरी सिविल अस्पताल से रोहतक पीजीआई भेजा गया। बौंदकलां थाना पुलिस ने इस संबंध में इत्तफाकिया मौत संबंधी कार्रवाई की है।
गांव मिसरी निवासी केला देवी घर पर अपने दत्तक पुत्र सुरेंद्र के साथ रहती थी। एक सप्ताह से सुरेंद्र अपने काम के सिलसिले में गुरुग्राम गया हुआ था। शनिवार शाम साढ़े छह बजे जब वह घर लौटा तो उसे दरवाजा अंदर से बंद मिला। जब उसने गेट से अंदर झांकने की कोशिश की तो घर से दुर्गंध आई। इसके बाद उसने पड़ोसियों से अपनी मां के बारे में पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि तीन दिन से केला देवी नजर नहीं आई है।
इसके बाद में सुरेंद्र ने गांव के मौजिज लोगों को बुलाया और घर का गेट खोलकर अंदर प्रवेश किया। जब वे अंदर पहुंचे तो केला देवी बेड के पास जमीन पर मृत पड़ी मिली। कयास लगाए जा रहे है कि बुजुर्ग महिला की मौत तीन दिन पहले हुई होगी। हालांकि मौत कब और किस कारण से हुई इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही होगा।
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सूचना मिलने के बाद बौंदकलां थाना पुलिस सूचना पाकर मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भिजवा दिया। रविवार सुबह शव को पोस्टमार्टम के लिए केला देवी के शव को दादरी से रोहतक पीजीआई भेजा गया और बौंदकलां थाना पुलिस ने वहां पोस्टमार्टम करवाया। वहीं, एफएसएल टीम ने भी शव का जायजा लिया।
दूसरी संतान न होने पर गोद लिया था सुरेंद्र
केला देवी की एक बेटी थी। जब दूसरी संतान नहीं हुई तो उन्होंने साल 2004 में सुरेंद्र को गोद ले लिया। इसके बाद उनकी दो संतानें हो गईं। सुरेंद्र ने बताया कि 16 साल बाद वर्ष 2020 में कोर्ट से उसका गोदनामा हो गया था। वह अब गाड़ी चलाता है और इसी सिलसिले में गुरुग्राम गया था।
बेटी और पति का चुका निधन
केला देवी देवी के पति उमराव सिंह भारतीय सेना में जवान थे। बीमारी के चलते वर्ष 2003 में उनका निधन हो गया था। इसके बाद वर्ष 2017 में केला देवी की इकलौती बेटी की भी मौत हो गई। इससे उन्हें काफी सदमा पहुंचा था। केला देवी दिव्यांग थी।
दत्तक पुत्र के साथ चल रही थी मृतका की अनबन
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि केला देवी की अपने दत्तक पुत्र के साथ अनबन चल रही थी। केला देवी सुरेंद्र का गोदनामा रद्द करवानी चाहती थी। ग्रामीणों की मानें तो कुछ दिन पहले गांव के मौजिज लोग भी केला देवी से मिलने गए थे और उन्होंने सुरेंद्र से सेवा करवाने की बात केला देवी को कही थी। उस दौरान केला देवी ने ऐसा करने से इन्कार कर दिया था। वहीं, ग्रामीणों ने बताया कि घर में घुसने पर भी सुरेंद्र के साथ केला देवी का झगड़ा होता था, जबकि उसकी फोन कॉल भी वो रिसीव नहीं करती थी।
रोहतक पीजीआई में बोर्ड से करवाया पोस्टमार्टम
बौंदकलां थाना प्रभारी बलबीर सिंह ने बताया कि एफएसएल टीम को मौके पर बुलाया गया था और टीम के सदस्यों ने महिला के शव की जांच की। थाना प्रभारी ने बताया कि जांच अधिकारी ओमबीर ने रोहतक पीजीआई में चिकित्सकों के बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम करवाया गया।
सुरेंद्र के बयान पर इत्तफाकिया मौत संबंधी कार्रवाई की गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण और समय का पता लग सकेगा। कयास लगाए जा रहे हैं कि मौत तीन दिन पहले हुई है। - बलबीर सिंह, एसएचओ, बौंदकलां थाना
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चरखी दादरी/बौंदकलां। गांव मिसरी स्थित एक घर में अकेली रह रही दिव्यांग केला देवी (72) की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। आशंका जताई जा रही है कि बुजुर्ग महिला की तीन दिन पहले मौत हुई है। उसके दत्तक पुत्र के गुरुग्राम से लौटने पर घर से दुर्गंध आने पर मौत का पता चला। शव पोस्टमार्टम के लिए दादरी सिविल अस्पताल से रोहतक पीजीआई भेजा गया। बौंदकलां थाना पुलिस ने इस संबंध में इत्तफाकिया मौत संबंधी कार्रवाई की है।
गांव मिसरी निवासी केला देवी घर पर अपने दत्तक पुत्र सुरेंद्र के साथ रहती थी। एक सप्ताह से सुरेंद्र अपने काम के सिलसिले में गुरुग्राम गया हुआ था। शनिवार शाम साढ़े छह बजे जब वह घर लौटा तो उसे दरवाजा अंदर से बंद मिला। जब उसने गेट से अंदर झांकने की कोशिश की तो घर से दुर्गंध आई। इसके बाद उसने पड़ोसियों से अपनी मां के बारे में पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि तीन दिन से केला देवी नजर नहीं आई है।
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इसके बाद में सुरेंद्र ने गांव के मौजिज लोगों को बुलाया और घर का गेट खोलकर अंदर प्रवेश किया। जब वे अंदर पहुंचे तो केला देवी बेड के पास जमीन पर मृत पड़ी मिली। कयास लगाए जा रहे है कि बुजुर्ग महिला की मौत तीन दिन पहले हुई होगी। हालांकि मौत कब और किस कारण से हुई इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर ही होगा।
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सूचना मिलने के बाद बौंदकलां थाना पुलिस सूचना पाकर मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भिजवा दिया। रविवार सुबह शव को पोस्टमार्टम के लिए केला देवी के शव को दादरी से रोहतक पीजीआई भेजा गया और बौंदकलां थाना पुलिस ने वहां पोस्टमार्टम करवाया। वहीं, एफएसएल टीम ने भी शव का जायजा लिया।
दूसरी संतान न होने पर गोद लिया था सुरेंद्र
केला देवी की एक बेटी थी। जब दूसरी संतान नहीं हुई तो उन्होंने साल 2004 में सुरेंद्र को गोद ले लिया। इसके बाद उनकी दो संतानें हो गईं। सुरेंद्र ने बताया कि 16 साल बाद वर्ष 2020 में कोर्ट से उसका गोदनामा हो गया था। वह अब गाड़ी चलाता है और इसी सिलसिले में गुरुग्राम गया था।
बेटी और पति का चुका निधन
केला देवी देवी के पति उमराव सिंह भारतीय सेना में जवान थे। बीमारी के चलते वर्ष 2003 में उनका निधन हो गया था। इसके बाद वर्ष 2017 में केला देवी की इकलौती बेटी की भी मौत हो गई। इससे उन्हें काफी सदमा पहुंचा था। केला देवी दिव्यांग थी।
दत्तक पुत्र के साथ चल रही थी मृतका की अनबन
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि केला देवी की अपने दत्तक पुत्र के साथ अनबन चल रही थी। केला देवी सुरेंद्र का गोदनामा रद्द करवानी चाहती थी। ग्रामीणों की मानें तो कुछ दिन पहले गांव के मौजिज लोग भी केला देवी से मिलने गए थे और उन्होंने सुरेंद्र से सेवा करवाने की बात केला देवी को कही थी। उस दौरान केला देवी ने ऐसा करने से इन्कार कर दिया था। वहीं, ग्रामीणों ने बताया कि घर में घुसने पर भी सुरेंद्र के साथ केला देवी का झगड़ा होता था, जबकि उसकी फोन कॉल भी वो रिसीव नहीं करती थी।
रोहतक पीजीआई में बोर्ड से करवाया पोस्टमार्टम
बौंदकलां थाना प्रभारी बलबीर सिंह ने बताया कि एफएसएल टीम को मौके पर बुलाया गया था और टीम के सदस्यों ने महिला के शव की जांच की। थाना प्रभारी ने बताया कि जांच अधिकारी ओमबीर ने रोहतक पीजीआई में चिकित्सकों के बोर्ड से शव का पोस्टमार्टम करवाया गया।
सुरेंद्र के बयान पर इत्तफाकिया मौत संबंधी कार्रवाई की गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारण और समय का पता लग सकेगा। कयास लगाए जा रहे हैं कि मौत तीन दिन पहले हुई है। - बलबीर सिंह, एसएचओ, बौंदकलां थाना