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Charkhi Dadri News: 26 लाख रुपये बिल बकाया, 1200 ट्यूबवेल कनेक्शन काटने की तैयारी में बिजली निगम
Fri, 11 Apr 2025 01:14 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 11 Apr 2025 01:14 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। जिले में बिजली निगम ने 1200 किसानों के बिजली ट्यूबवेल कनेक्शन काटने की तैयारी कर ली है। इन किसानों को कई बार नोटिस भेजे जा चुके हैं। अब निगम ने इन किसानों को 15 दिन की अंतिम मोहलत दी है। अगर इस अवधि में बकाया बिल राशि जमा करा देते हैं तो कनेक्शन बरकरार रह सकता है।
वहीं, बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि ट्यूबवेल का कनेक्शन यदि एक बार कट जाता है तो दोबारा जारी करवाना बेहद मुश्किल होता है। इन 1200 किसानों की तरफ से 26 लाख रुपये बिल के रूप में बकाया है। अब निगम को बिल राशि जमा होने की उम्मीद इसलिए है कि किसान फसल की कटाई कर अनाज की बिक्री कर रहे हैं। ऐसे में वे बिल राशि भर सकते हैं। यह बकाया राशि गत पांच से सात साल की है।
जिले के रेतीले क्षेत्र में ट्यूबवेल कनेक्शन ज्यादा संख्या में हैं। इस क्षेत्र में भूमिगत जलस्तर 500 फीट नीचे तक है। ऐसे में बिजली की मोटर के बिना जमीन से पानी की उठान संभव नहीं होती है। इस क्षेत्र में हर साल जलस्तर नीचे जा रहा है। रेतीले क्षेत्र में बाढड़ा उपमंडल, झोझूकलां खंड, कादमा के अलावा महेंद्रगढ़, कनीना रोड के करीब 15 गांव शामिल हैं।
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चार माह का औसत बिल आता है 1000 रुपये: बिजली निगम टयूबवेल कनेक्शन के बिल के रूप में इतना ज्यादा बिल भी नहीं वसूल रहा है। चार माह का औसत बिल 500 से 1000 एक हजार रुपये तक है। कुछ किसान बिल माफी की फिराक मेंं जान-बूझकर जमा नहीं करवा रहे हैं। गत दिनों सरकारों की ओर से किसानों का बिल माफ किया जाता रहा है। गांव काकड़ोली सरदारा स्थित एक किसान की तरफ 98 हजार रुपये बकाया बिल है। इस किसान को निगम की ओर से नोटिस भेजे जा चुके हैं। अब निगम कनेक्शन काटने की तैयारी में है।
कई कनेक्शन धारकों की हो चुकी मृत्यु : इस समय बहुत से ऐसे किसानों के नाम कनेक्शन हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है। अगर ऐसे में किसानों के कनेक्शन कट जाते हैं तो दोबारा कनेक्शन लेना मुश्किल होगा। मृतक किसान के पुत्रों व पुत्रियों की भी सहमति लेनी होगी। बाकायदा शपथपत्र देना होगा। इस समय काफी ऐसे मामले हैं, जिनमें कनेक्शन किसी और के नाम हैं और उसका उपयोग कोई और कर रहा है।
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चरखी दादरी। जिले में बिजली निगम ने 1200 किसानों के बिजली ट्यूबवेल कनेक्शन काटने की तैयारी कर ली है। इन किसानों को कई बार नोटिस भेजे जा चुके हैं। अब निगम ने इन किसानों को 15 दिन की अंतिम मोहलत दी है। अगर इस अवधि में बकाया बिल राशि जमा करा देते हैं तो कनेक्शन बरकरार रह सकता है।
वहीं, बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि ट्यूबवेल का कनेक्शन यदि एक बार कट जाता है तो दोबारा जारी करवाना बेहद मुश्किल होता है। इन 1200 किसानों की तरफ से 26 लाख रुपये बिल के रूप में बकाया है। अब निगम को बिल राशि जमा होने की उम्मीद इसलिए है कि किसान फसल की कटाई कर अनाज की बिक्री कर रहे हैं। ऐसे में वे बिल राशि भर सकते हैं। यह बकाया राशि गत पांच से सात साल की है।
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जिले के रेतीले क्षेत्र में ट्यूबवेल कनेक्शन ज्यादा संख्या में हैं। इस क्षेत्र में भूमिगत जलस्तर 500 फीट नीचे तक है। ऐसे में बिजली की मोटर के बिना जमीन से पानी की उठान संभव नहीं होती है। इस क्षेत्र में हर साल जलस्तर नीचे जा रहा है। रेतीले क्षेत्र में बाढड़ा उपमंडल, झोझूकलां खंड, कादमा के अलावा महेंद्रगढ़, कनीना रोड के करीब 15 गांव शामिल हैं।
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चार माह का औसत बिल आता है 1000 रुपये: बिजली निगम टयूबवेल कनेक्शन के बिल के रूप में इतना ज्यादा बिल भी नहीं वसूल रहा है। चार माह का औसत बिल 500 से 1000 एक हजार रुपये तक है। कुछ किसान बिल माफी की फिराक मेंं जान-बूझकर जमा नहीं करवा रहे हैं। गत दिनों सरकारों की ओर से किसानों का बिल माफ किया जाता रहा है। गांव काकड़ोली सरदारा स्थित एक किसान की तरफ 98 हजार रुपये बकाया बिल है। इस किसान को निगम की ओर से नोटिस भेजे जा चुके हैं। अब निगम कनेक्शन काटने की तैयारी में है।
कई कनेक्शन धारकों की हो चुकी मृत्यु : इस समय बहुत से ऐसे किसानों के नाम कनेक्शन हैं, जिनकी मृत्यु हो चुकी है। अगर ऐसे में किसानों के कनेक्शन कट जाते हैं तो दोबारा कनेक्शन लेना मुश्किल होगा। मृतक किसान के पुत्रों व पुत्रियों की भी सहमति लेनी होगी। बाकायदा शपथपत्र देना होगा। इस समय काफी ऐसे मामले हैं, जिनमें कनेक्शन किसी और के नाम हैं और उसका उपयोग कोई और कर रहा है।