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Charkhi Dadri News: छह साल त गाम मै भरै सै पानी, किसै नेता नै नी करी मेहरबानी
Tue, 24 Sep 2024 06:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Tue, 24 Sep 2024 06:00 AM IST
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गांव भैरवी में चुनावी चर्चा करते ग्रामीण। संवाद
चुनावी चौपाल:
चुनावी माहौल में भैरवी गांव में जलभराव समेत मूलभूत सुविधाओं की कमी पर खुलकर चर्चा कर रहे ग्रामीण
- बोले : लंबा समय बीतने पर भी समस्याओं का समाधान हुआ न विकास ने पकड़ी रफ्तार
रबिन वर्मा
चरखी दादरी। शहर से सटा हुआ गांव भैरवी जलभराव समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं का दंश झेल रहा है। इससे ग्रामीण परेशान हैं। अब नए विधायक से समस्याओं के समाधान की आस लगाए बैठे हैं। उनका कहना है कि गांव में अब तक दो बार प्रत्याशी वोट मांगने आ चुके हैं। उनके समक्ष ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं रखी हैं।
सोमवार को गांव का चुनावी माहौल जानने के लिए संवाददाता लोहारू रोड स्थित भैरवी गांव पहुंचे। गांव में प्रवेश करते ही तीन ग्रामीण मिले। सुखबीर, रणधीर और राजकुमार से जब गांव की समस्या पर बातचीत की गई तो उन्होंने हरियाणवी लहजे में कहा कि, 6 साल तै म्हारे गाम मै पानी भरै सै, लेकिन इब तै किसी नेता नै मेहरबाणी कौनी करी। ग्रामीणों ने बताया कि चरखी व भैरवी की एक ही ग्रांट आती है। अगर सरकार भैरवी के नाम से अलग ग्रांट जारी करे तो गांव का विकास संभव है। गांव में जलभराव मुख्य मुद्दा है।
ग्रामीण पवन, दलीप, नथूराम, औमप्रकाश, परीक्षित, जयभगवान आदि ने बताया कि गांव में पशुओं के लिए जोहड़ का निर्माण कराया गया था, लेकिन अब तक उसमें नहरी पानी का कनेक्शन नहीं हुआ है। फिलहाल, वह गांव के दूषित जल निकासी का संग्रह टैंक बन गया है। इसके अलावा गांव में पानी निकासी कोई व्यवस्था नहीं है। ग्रामीण छह साल से परेशान हैं। हर बारिश के मौसम में गांव में जलभराव होता है।
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ग्रामीण प्रशासन व सरपंच के समक्ष अपनी परेशानी बता चुके हैं। उन्होंने कहा कि जोहड़ व खेल मैदान में जलभराव से मच्छर पनप रहे हैं। अब तक प्रशासनिक अधिकारियों ने गांव में दवा छिड़काव का कदम नहीं उठाया है। उन्होंने कहा अब चुनाव के दौरान गांव में पहुंचने वाले सभी प्रत्याशियों के समक्ष आवाज उठा रहे हैं। प्रत्याशी भी फिलहाल समाधान का आश्वासन देकर जाते हैं।
- ग्रामीणों की प्रमुख मांगें व समस्याएं
- स्कूल मैदान व जोहड़ की सफाई कराई जाए।
- मैदान में मिट्टी डलवाकर विद्यार्थियों के लिए खेल सुविधाएं हों।
- जोहड़ से दूषित पानी निकासी करवाकर नहरी पानी का कनेक्शन कराया जाए।
- पंचायत भवन का जीर्णोद्धार हो।
- स्कूल का लेवल भी गांव के बराबर हो, ताकि पानी जमा न हो।
- गांव एक मुख्य गली की सफाई कराकर निर्माण करवाया जाए।
भैरवी गांव के प्रमुख तथ्य
आबादी - 500
मतदाता - 300
महिला - 125
पुरुष - 175
साक्षरता - 60
ग्रामीण बोले : लंबे समय से झेल रहे समस्याएं
गांव में बारिश के समय हर साल पानी भरता है। ग्रामीण अपने स्तर पर समाधान के लिए प्रयास कर चुके हैं, लेकिन, अब तक इसका समाधान नहीं हुआ है। लंबे समय से समस्या झेल रहे हैं।
-सुखबीर सिंह, ग्रामीण
गांव का जोहड़ दूषित जोहड़ में बदल चुका है। इसमें नहरी पानी का कनेक्शन नहीं किया गया। लंबे समय से ग्रामीण जोहड़ को नहरी पानी से भरने की मांग उठा रहे हैं जो परवान नहीं चढ़ी है।
-रणबीर सिंह, ग्रामीण
पंचायत भवन व स्कूल का जीर्णोद्धार होना जरूरी है। देखरेख के अभाव में दोनों भवन जर्जर हो चुके हैं। जो भी प्रत्याशी गांव में आएगा, उसके समक्ष ग्रामीण समस्याएं प्रमुखता से उठाएंगे।
-राजकुमार, ग्रामीण
गांव की एक मुख्य गली आज नाले में तबदील हो चुकी है। लंबे समय से सफाई से वंचित होने के चलते यहां से आवागमन करना ग्रामीणों के लिए मुश्किल है। अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।
-जगदीश, ग्रामीण
वर्सन:
गांव के विकास के लिए अधिकारियों से बातचीत की गई, लेकिन उसका कोई असर नहीं हुआ। सरकार बजट जारी करेगी तो ही विकास हो पाते। बिना बजट के विकास कार्य कैसे होंगे।
-भूपेंद्र सिंह, सरपंच, भैरवी
फोटो - 15
गांव भैरवी में चुनावी चर्चा करते ग्रामीण। संवाद
फोटो - 16
गांव के जोहड़ में उगी घास व भरा दूषित पानी। संवाद
फोटो - 17
जर्जर स्थिति गांव पंचायत भवन। संवाद
फोटो - 18
सुखबीर
फोटो - 19
राजकुमार
फोटो - 20
जगदीश
फोटो - 21
रणसिंह।
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चुनावी माहौल में भैरवी गांव में जलभराव समेत मूलभूत सुविधाओं की कमी पर खुलकर चर्चा कर रहे ग्रामीण
- बोले : लंबा समय बीतने पर भी समस्याओं का समाधान हुआ न विकास ने पकड़ी रफ्तार
रबिन वर्मा
चरखी दादरी। शहर से सटा हुआ गांव भैरवी जलभराव समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं का दंश झेल रहा है। इससे ग्रामीण परेशान हैं। अब नए विधायक से समस्याओं के समाधान की आस लगाए बैठे हैं। उनका कहना है कि गांव में अब तक दो बार प्रत्याशी वोट मांगने आ चुके हैं। उनके समक्ष ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं रखी हैं।
सोमवार को गांव का चुनावी माहौल जानने के लिए संवाददाता लोहारू रोड स्थित भैरवी गांव पहुंचे। गांव में प्रवेश करते ही तीन ग्रामीण मिले। सुखबीर, रणधीर और राजकुमार से जब गांव की समस्या पर बातचीत की गई तो उन्होंने हरियाणवी लहजे में कहा कि, 6 साल तै म्हारे गाम मै पानी भरै सै, लेकिन इब तै किसी नेता नै मेहरबाणी कौनी करी। ग्रामीणों ने बताया कि चरखी व भैरवी की एक ही ग्रांट आती है। अगर सरकार भैरवी के नाम से अलग ग्रांट जारी करे तो गांव का विकास संभव है। गांव में जलभराव मुख्य मुद्दा है।
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ग्रामीण पवन, दलीप, नथूराम, औमप्रकाश, परीक्षित, जयभगवान आदि ने बताया कि गांव में पशुओं के लिए जोहड़ का निर्माण कराया गया था, लेकिन अब तक उसमें नहरी पानी का कनेक्शन नहीं हुआ है। फिलहाल, वह गांव के दूषित जल निकासी का संग्रह टैंक बन गया है। इसके अलावा गांव में पानी निकासी कोई व्यवस्था नहीं है। ग्रामीण छह साल से परेशान हैं। हर बारिश के मौसम में गांव में जलभराव होता है।
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ग्रामीण प्रशासन व सरपंच के समक्ष अपनी परेशानी बता चुके हैं। उन्होंने कहा कि जोहड़ व खेल मैदान में जलभराव से मच्छर पनप रहे हैं। अब तक प्रशासनिक अधिकारियों ने गांव में दवा छिड़काव का कदम नहीं उठाया है। उन्होंने कहा अब चुनाव के दौरान गांव में पहुंचने वाले सभी प्रत्याशियों के समक्ष आवाज उठा रहे हैं। प्रत्याशी भी फिलहाल समाधान का आश्वासन देकर जाते हैं।
- ग्रामीणों की प्रमुख मांगें व समस्याएं
- स्कूल मैदान व जोहड़ की सफाई कराई जाए।
- मैदान में मिट्टी डलवाकर विद्यार्थियों के लिए खेल सुविधाएं हों।
- जोहड़ से दूषित पानी निकासी करवाकर नहरी पानी का कनेक्शन कराया जाए।
- पंचायत भवन का जीर्णोद्धार हो।
- स्कूल का लेवल भी गांव के बराबर हो, ताकि पानी जमा न हो।
- गांव एक मुख्य गली की सफाई कराकर निर्माण करवाया जाए।
भैरवी गांव के प्रमुख तथ्य
आबादी - 500
मतदाता - 300
महिला - 125
पुरुष - 175
साक्षरता - 60
ग्रामीण बोले : लंबे समय से झेल रहे समस्याएं
गांव में बारिश के समय हर साल पानी भरता है। ग्रामीण अपने स्तर पर समाधान के लिए प्रयास कर चुके हैं, लेकिन, अब तक इसका समाधान नहीं हुआ है। लंबे समय से समस्या झेल रहे हैं।
-सुखबीर सिंह, ग्रामीण
गांव का जोहड़ दूषित जोहड़ में बदल चुका है। इसमें नहरी पानी का कनेक्शन नहीं किया गया। लंबे समय से ग्रामीण जोहड़ को नहरी पानी से भरने की मांग उठा रहे हैं जो परवान नहीं चढ़ी है।
-रणबीर सिंह, ग्रामीण
पंचायत भवन व स्कूल का जीर्णोद्धार होना जरूरी है। देखरेख के अभाव में दोनों भवन जर्जर हो चुके हैं। जो भी प्रत्याशी गांव में आएगा, उसके समक्ष ग्रामीण समस्याएं प्रमुखता से उठाएंगे।
-राजकुमार, ग्रामीण
गांव की एक मुख्य गली आज नाले में तबदील हो चुकी है। लंबे समय से सफाई से वंचित होने के चलते यहां से आवागमन करना ग्रामीणों के लिए मुश्किल है। अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ।
-जगदीश, ग्रामीण
वर्सन:
गांव के विकास के लिए अधिकारियों से बातचीत की गई, लेकिन उसका कोई असर नहीं हुआ। सरकार बजट जारी करेगी तो ही विकास हो पाते। बिना बजट के विकास कार्य कैसे होंगे।
-भूपेंद्र सिंह, सरपंच, भैरवी
फोटो - 15
गांव भैरवी में चुनावी चर्चा करते ग्रामीण। संवाद
फोटो - 16
गांव के जोहड़ में उगी घास व भरा दूषित पानी। संवाद
फोटो - 17
जर्जर स्थिति गांव पंचायत भवन। संवाद
फोटो - 18
सुखबीर
फोटो - 19
राजकुमार
फोटो - 20
जगदीश
फोटो - 21
रणसिंह।